Monday, 27 March 2017

खोंखी खां खेजुरि...

आजम खां की भैंस दूध नहीं दे रही इसीलिए शाकाहारी बनने की धमकी दे रहे हैं...केजरीवाल छाप ज्ञानी ने आजाम खां को बताया कि दूध शाकाहारी भोजन है लेकिन बरखुरदार 'यूं ही नहीं अपोलों-अपोलियों को मूर्ख और केजरीवाल को महामूर्ख कहा जाता है', उल्टे हाथ आजम खाँ ने एक कनटाप जडते हुए कहा "...आपको पता है जिस यूनिवर्सिटी में तुम्हारा दाखिला नहीं ही पाया था उसका मैं वाईस चांसलर नहीं चांसलर हूँ...चांस नहीं लेता मैं..." अभी भी अपोले ज्ञानी का हाथ उसके गाल पर ही था...उसके बाद आजम खां ने पूछा "...तो बकिए आप यहाँ तशरीफ क्यों लाये थे...?" अपोला ज्ञानी हिम्मत कर के बोला "...वो सब तो बाद में मैं बताऊंगा पहले आप ये बताईए कि दूध शाकाहारी भोजन क्यों नहीं है...?" आजम खां ने जवाब दिया "...बेहूदे बेवकूफ दूध में कार्बोहाइड्रेट नहीं होता..." अपोले ज्ञानी को समझ में नहीं आया तो फिर विषय लौटा बोला "...आप अपनी भैंस यानी बीफ दिल्ली में कटवा लीजिये..." आजम खां को ये न्योता बड़ा नागवार गुजारा बोले "...अमां अब हम इतने भी गिरे हुए और कमीने इन्सान नहीं हैं जो हारने के बाद म्यूनिस्पल कार्पोरेशन के चुनाव में वोटबैंक के लिए अपने बफैलो बीफ में कार्बोहाइड्रेट के हाइड्रोकार्बन से प्रदूषित करवा लें..." ज्ञानी अपोला बोला "...बूचड़खाना केजरीवाल का नहीं होगा..." इसपर आजम खां ने पूछा "...दिल्ली सचिवलाय में गोईठा पाथते थे बूचड़खाना का कारोबार भी शुरू कर लिया...?" ये सुनते ही अपोला ज्ञानी असहज हो गया बोला "...देखिये ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन आपके लिए हरित न्यायाधिकरण (ग्रीन ट्रिब्यूनल) की शर्तों का पालन किया जाएगा..." अब आजम खां तार्किक हो गए "...ये मुमकिन कैसे है..." अपोला ज्ञानी बोला "...कपिल सिब्बल का बूचड़खाना काफी मशहूर है..." ये सुनते ही आजम खां आपे से बाहर हो गए चीखने के अंदाज शांति से बोले "....मियां आपको पता है न कॉंग्रेस साथ हम भी हम गोश्त बन चुके हैं..." अपोला ज्ञानी चुटकी लेते हुए बोला "...घबराईए नहीं बीफ वाली भैंसें भी शाकाहारी होती हैं..." आजम खां गुस्से से लगातार घूरे जा रहे थे बहुत देर तक कुछ बोले नहीं तो फिर अपोला ज्ञानी बोला "...इससे पहले वो भैंसें मांसाहारी हो जाएँ आप दिल्ली आ कर अपना गोश्त तैयार करवा लें...मैं फिर फोन करूंगा...आदाब"

Sunday, 26 March 2017

खजुआवत गदहा नागरी, नाड़ा ज़ोर हिलाय...

गधे की पूंछ इतनी लंबी हो जाए कि उससे वो अपनी नाक भी साफ कर ले तो समझ लीजिये कि वो समय भी अब दूर नहीं जब केजरीवाल अपने पैजामे के नाड़े से फंसरी लगा कर और लंबे हो जाएंगे ... पता नहीं उन्होनेे इसकी तैयारी की है या नहीं या फिर कर रहे हैं तभी
मेरे पीछे खड़े एक अपोले ने चीखा "...हम गधे नहीं है..."
मैंने जवाबी कार्यवाही में कहा "...तबतो पैजमे के नाड़े से कान की सफाई में और खजुआने में भी कोई दिक्कत नहीं होती होगी...!"
अपोला बोला खुश हो कर अतिउत्साह में बोला "...जी बिलकुल दिक्कत नहीं होती जी ...लेकिन ?."
मैंने अपोले से पूछा "... लेकिन क्या ...?"
अपोला पंजाब की तरह पूरे आत्मविश्वास से बोला '...लेकिन भजपा ने यूपी में जो हाथ की सफाई दिखाई है वो ठीक नहीं है..."
मैंने उससे पूछा "...मायावती को बड़ी उम्मीद थी आपसे...?"
अपोला खुन्नस उतारते हुए हुए बोला "...हमको पता था जीतने के बाद उ प्र सरकार युवाओं पर अत्याचार करेगी..."
मुझे हंसी आ गई तो मैंने हंसी रोकते हुए कहा "....मैंने कब निवेदन किया कि केजरीवाल मिस यूपी को दुलत्ती मारें..."
ये सुनते ही अपोला असहज हो गया और गुस्से से बोला "...केजरीवाल ऐसे आदमी नहीं हैं..."
मैंने कहा "...मेरा भी तो वही निवेदन था कि केजरीवाल दो पैर वाले नहीं चार पैर वाले आदमी हैं..."
अपोला मुझे धमकी देते हुए बोला "....केजरीवाल को कम मत आँकिए..."
मैंने तार्किक होते कहा "...हाँ मुझे भी लगता है लालू यादव केजरीवाल की राह देखते ही रह गए लेकिन उनको गोदी उठाकर अस्पताल पहुँचाने के लिए केजरीवाल पटना नहीं गए ..."
अपोला चीखते हुए बोला "...उनका बेटा बिहार का उपमुख्य मंत्री है..."
मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...इसके बावजूद बड़े ताव में उनसे गले मिले थे..."
अपोला फिर असहज हो गया खुद को संभालते हुए बोला "...ईश्वर उनको लंबी उम्र दे..."
मैंने कहा "... उत्तर प्रदेश में तो कौआ हाक आए फिर दिल्ली में भी आएंगे क्या गदहा मारने...?"
अपोला चिढ़ कर बोला "...हम एमसीडी का चुनाव भारी बहुमत से जीतेंगे..."


मैंने कहा "...लालू के टूटे पैर को देखकर शायद कुछ सहानुभूति का वोट मिल जाए ..." ये सुनते ही अपोला चुप हो गया मैं भी खिसक लिया नमस्कार की क्या जरूरत थी...

Thursday, 23 March 2017

शेक्सपियर नहीं जेंडरपियर...

खाँटी भाई खटमलों को मंजनू छाप रोमियों पर इतना बड़ा प्यार आ रहा है कि जैसे योगी सरकार ने सीधे आतंकवाद पर प्रहार कर दिया हो...
एक खाँटी भाई कांग्रेसी चीख रहे थे "...ये सीधे-सीधे युवाओं पर अत्याचार है, उनके अधिकारों का हनन है..."
मैंने सीधे जोरदार प्रहार करते हुए पूछा "....आपके युवराज धरा गए क्या...?"
खाँटी भाई खटमल ये सुनते ही चुप गए बड़े मुश्किल से खुद को संभालते हुए बोले '...वो बैंकक जाते हैं, लंदन जाते हैं लिहाजा उनको पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है..."
अब जवाब मेरे पास नहीं था फिर मैंने सोच कर पूछा "...वो तो डाउन है डॉन कब से बन कर घूमने लगे..?"
खाँटी भाई कांग्रेसी विषय बदलते हुए बोले "...देखिये उ प्र सरकार सांप्रदायिकता का जहर बो रही है..."
मैंने तपाक कहा "...इसलिए क्योकि मजनू मुसलमान था और रोमियो ईसाई..."
खाँटी भाई कांग्रेसी बोले "... योगी सरकार पढे-लिखे नौजवानो पर अत्याचार कर रही है..."
मैंने फिर कनटाप जड़ते हुए कहा "...शेक्सपियर के नाम का सदुपयोग ये नौजवान ही कर रहे हैं...इस नाम पर सेंसर बोर्ड की कैंची क्यों नहीं चलनी चाहिए..इसकी आड़ मे जो अश्लीलता फैल रही है..."
खाँटी भाई कांग्रेसी मुझे फटकारते हुए बोले "...आपको शर्म आनी चाहिए..."
मुझे हंसी आ गई तो मैंने हँसते हुए कहा "...शेक्सपियर के नाम बदल कर जेंडरपियर कर देना चाहिए..."
खाँटी भाई कांग्रेसी कंधे उचका कर पूछे "..क्यों...?"
मैंने कहा "...लव जेहाद के लिए जरूरी अकादमिक अश्लीलता रोकने के लिए...."
खाँटी भाई खटमल ये सुनते ही तमतमा गए बोले "...आपको क्या लगता है मजनू और रोमियों आतंकवादी थे...?"
मैंने मज़ाक करते हुए कहा "...नहीं जैसे आप लफंगों का समर्थन कर रहे हैं उससे तो यही सिद्ध होता है कि योगी सरकार सीधे आतंकवाद पर प्रहार कर रही है..."
ये सुनते ही खाँटी भाई खटमल अपना कपार खजुआने लगे...केजरीवाल को भी फोन लगाया लेकिन वो कवरेज क्षेत्र के बाहर बताने लगा तो मैंने कहा नमस्कार

Saturday, 4 March 2017

फागुन के भंग में भौजी समाजवादी उमंग मे...

एह जबर फागुन में समाजवादी भौजी आखिर घोड़ी चढ़ ही गई...बड़े-बड़े लोग उम्मीद लगाए थे...बनारस में धूनी जमाए वो इसे फागुनी नजारे को देखने के लिए कई दिनो से धूनी रमाए कचौड़ी-जलेबी चाभ रहे हैं...खैर अरमान तो पूरे हुए लेकिन मोदी बाबा ने सारा गुड गोबर कर दिया...एक खाँटी भाई खटमल पनेरी का मगही पान झटकते हुए चिल्ला रहे थे "...ये सब बिना परमीशन था..."
मैंने कहा "...आमा छोड़िए भी समाजवादी भौजी आज कुछ ज्यादा ही गुलाबी दिख रही थी घोड़ी पर..."
खाँटी भाई खटमल नहीं माने और आरोप लगते हुए बोले "...आप वोट दे आए न ...अब आपकी नियत खराब ही रहेगी..."
मैंने आराम से कहा "...हम तो आराम से फागुन का असली मजा लेंगे सब नियत का खेल है का करें..."
खाँटी भाई खटमल कहे "... वैसे वो घोड़ी नहीं चढ़ी थी ..."
मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...तो क्या घोडा था...?"
खाँटी भाई खटमल खुन्नस निकालते हुए मुझसे पूछे "...आपको रथ नहीं दिख रहा था क्या...?"
मैंने भी उसी अंदाज में पूछा "...तो बताओ रथ में घोडा जुता था, घोड़ी जुती थी या विलुप्त प्रजापति का गदहा ...?"
ये सुनते ही खाँटी भाई खटमल असहज हो गए और गुस्से में मुझसे पूछे "...आप लोगों को घोडा-घोड़ी और गदहा के सिवा और भी कुछ दिख रहा क्या...?"
मैंने रसीले अंदाज में कहा "...दिख रहा है...घोडा और गदहा के बीच एक खूबसूरत समाजवादी भौजी..."
खाँटी भाई खटमल बाल नोचते हुए बोले "...आप कुछ नहीं कर पाईएगा..."
मैंने कहा "...जब सारी कैबिनेट कर रही है तो फिर सवाले खतम..."
खाँटी भाई खटमल चमक उठे बोले '...यही तो हालत खराब है इसीलिए..."
मैंने कहा "...माँ गंगा ने बुलाया हो या न बुलाया हो लेकिन समाजवादी भौजी ने फागुन मे जरूर बुलाया है..."
खाँटी भाई खटमल बोले "...भौजी के लिए पूरी कैबिनेट झोंकने की क्या जरूरत थी..."
मैंने कहा "...मोदी बाबा ने कहा है पाई पाई का हिसाब खुद दे कर आओ जनता को तो समाजवादी भौजी खुश हो जाएगी..."
खाँटी भाई खटमल बोले "...वो दिल्ली में रह कर भी दे सकते थे..."
मैंने कहा "... तो भौजी के साथ फगुआ कौन खेलता..हिसाब भी देंगे फगुआ भी खेलेंगे..."
खाँटी भाई खटमल चुपा गए तो मैंने फिर कहा "...पहिले तो कांग्रेसिए और समाजवादिए कमवे नहीं करते तो जवाब क्या देंगे और फगुआ केकरा से खेलेंगे..." खाँटी भाई खटमल बोले "...वैसे ये तो नाइंसाफी है..."
मैंने जवाब देते हुए कहा "...काहे भाई शेर शेर की तरह न लड़कर गीदड़ की तरह लड़े...आपकी सुविधा के लिए..."
खाँटी भाई को जवाब नहीं सूझ रहा था तो मैंने अंतिम वाक्य कहा "...भाई हम कुछ भी हों समाजवादी भौजी के साथ तो फगुआ हम देवर बन कर ही खेलेंगे...युवराज केसरी को अच्छा लगे या बुरा...वैसे भांग वाली ठनडई पीने के बाद बाबा के दरबार में केसरी को नहीं जाना चाहिए था..."
बोलो भाई हम ठीक कहे कि नहीं ? वैसे भी बुरा न मानो होली है ...

Thursday, 2 March 2017

मोजा मूज कोचियाई के, निकारे जूस हुड़दंग...

इसके खानदान में जो अब तक कोई नहीं कर पाया वो ये करके दिखाएगा...इसके नाना जो "चच्चा" के नाम से खुद को जबरदस्ती मशहूर किए वो भी नारियल का जूस नहीं निकाल पाये तो बाकियों की क्या औकात...लेकिन ये सबको जूस पिला के रहेगा...पिलाएगा ही नहीं बिलायत में बेचेगा भी...जहां इसके नाना उर्फ "चच्चा" का सूट सहित और कपड़ा धोआ के आता था...एक खाँटी भाई खटमल मेरा जोरदार विरोध करते हुए चीखे "...एक जंघिया ऐसा बता दीजिये जो धुलने के लिए लंदन गया हो ..." मैंने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया "...यही तो पता लगाना है कि 'चच्चा' जंघिया खरीदते क्यों नहीं थे..." खाँटी भाई खटमल ये सुनते ही अजीब सी हरकत करने लगे थोड़ी देर बाद आराम से बोले "...देखिये वो पढे-लिखे थे..." मैंने कटाक्ष करते हुए कहा "...मतलब मणिपुरी नारियल का जूस पिलाना और विलायत में बेचना अनपढ़-गवारों का काम है..." खाँटी भाई खटमल बोले "...उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया..." मैंने सीधा सा सवाल किया "...तो 'माणिपुरी नारियल के जूस' का सही मतलब बता दीजिये कौन रोका है आपको..." खाँटी भाई खटमल गुस्से में बोले "...बेवकूफ़ों को समझाना बेकार है..." मुझे हंसी आ गई तो मैं हँसते व्यंग्यात्मक अंदाज में बोला "...तो नारियल का जूस बहुत बुद्धिमान लोग ही निकाल सकते हैं..." खाँटी भाई खटमल असहज हो गए फिर मुश्किल से अपने आप को संभलते हुए बोले "...देखिये आप समझा कीजिये वो देश की समस्याओं के बारे में गंभीरता से सोचते हैं..." मैंने फिर टांट कसते हुए कहा "...हाँ तभी सभी फल और सब्जियों की फैक्ट्री लगा कर विकास करना चाहते हैं..." खाँटी भाई खटमल बोले "...आप उनके भावों को समझिए..." मैंने पूछा "...तो बताईए आलू की फैक्ट्री क्या भाव है...?" खाँटी भाई खटमल क्रोधयुक्त आश्चर्य जताते हुए बोले "...अजीब बात करते हैं आप ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...अगर मेड इन इंडिया का मुहर लगा हुए आम ओबामा खा लिए होते तो पक्का है हिलेरी क्लिंटन पक्का चुनाव जीत गई होती ..." खाँटी भाई खटमल सीधे तारीफ करते हुए बोले "...आपको पता भारत का इंटेलेक्चुयल क्लास नकली राष्ट्रवाद का विरोधी..." मैंने कहा "...हाँ चच्चा के नाम वाले उनवरसीटी के कुछ लोगों को जूस नहीं मिला तो पोस्टर लगा के ताव दिखा रहे हैं ..." खाँटी भाई खटमल सफाई देते हुए बोले "...हम उसका विरोध करते हैं...." मैंने कहा "...काहें गयासुद्दीन गाजी के पोते उर्फ चच्चा का नाम सुपुर्दे खाक कर रहे हैं ...?" खाँटी भाई खटमल कुछ बोले नहीं ...