कुक्कुर के बीगे ठेकुआ, सीना-जोरी ज़ोर लगाय...
अब सेना प्रमुख ने भी अपना 56 इंच का सीना दिखाया तो खाँटी भाई खटमलों सहित उसकी नाजायज सिक-उल्लू-रिशतेदारों के उदर में भी दरार दर्द के साथ पड़नी शुरू हो गई तो खाँटी भाई खटमल चीखते हुए बोला "...ये गलत है..."
मैंने तपाक से पूछा "...तो ये आपके लत पर लात है...?"
खाँटी भाई खटमल बोला "..बात सिर्फ यहीं तक नहीं है..."
मैंने उसकी बात पकड़ते हुए फिर तार्किक रूप से पूछा "...मतलब तेरे पेट पर लात है..."
खाँटी भी खटमल चिल्लाया "...अभी 10 जनपथ जिंदा है..."
मैंने कनटाप जड़ते हुए कहा "...सेना प्रमुख को इसीलिए सीना 56 इंच का दिखाना पड़ा..."
खाँटी भाई खटमल फिर चिल्लाया "...आपको लगता है सहयोग करने वाले भी आतंकवादी हैं...?"
मैंने फिर उसी अंदाज में पूछा "...क्यों अब बटला हाउस पर आँसू बहाने में दिक्कत हो रही है ...?"
खाँटी भाई खटमल उसी गुस्से में बोला "...ये सरकार मासूमो के साथ अन्याय कर रही है ..."
मैंने कहा "...सूमों पहलवानों को मासूम कहते हुए लाज नहीं आती ...?
खाँटी खटमल बोला "...आतंकवादी आतंकवादी होता है और सहयोगी सहयोगी ..."
मैंने कहा "...बकलोल बबुआ यानी युवराज के लिए तो गईयो गाभिन बरधो गाभिन..."
खाँटी भाई खटमल चहकने लगा बोला "..यही तो सरकार कर रही है..."
मैंने कहा "...बटला के सूमों पहलवान और सन 13 में वर्दी में पाकिस्तानी सेना को आम आतंकवादी पार्टी (AAP) का सदस्य बना कर आपके एंटनी साहब ने सरे संसद में दिन दहाड़े बचाया था ..."
ये सुनते ही खटमल बेचैन हो गए बोले "...मतलब हम भी..."
मैंने बीच में बात काटते हुए कहा "...जी बिलकुल सही समझे पत्थर बाजों के पैरों के घुँघरू आपके ही घर से जाते हैं..."
ये सुनते ही खाँटी भाई खटमल और भड़क गया "...आपके कहने का मतलब पत्थर बाजों हम नचाते हैं मतलब हम आतंकवादी हैं...?"
मैंने कहा "...मैंने ऐसा कब कहा...?"
"... तो हम क्या हैं..." खाँटी भाई खटमल खऊरा कर पूछे तो मैंने भी उसी टोन में जवाब दिया "...ऐसा होता तो सेना कब का आपको सुला चुकी होती..."
"...तो हम क्या हैं...?" खाँटी भाई चीखा
मैंने कहा "...बड़ा आदमी ही अपने से छोटे की मदद करता है..."
खाँटी भाई की जिज्ञासा बहुत बढ़ गई पूछा "...मतलब..?"
मैंने कहा "...आप महाआतंकवादी हैं..."
खाँटी भाई को कोई जवाब देते नहीं बन रहा था तो मैंने कहा "...आपकी इतनी औकात नहीं है कि आपके खिलाफ सर्जिकल ऑपरेशन किया जाए ... आप तो इसके सदमे से मरेंगे...." खाँटी भी पता नहीं किसे फोन मिलाने लगा...
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