Wednesday, 15 February 2017

टेकिंग टोकियो, किलिंग कैलीफोर्निया...

उत्तर प्रदेश का चुनाव धीरे-धीरे दिलचस्प होता जा रहा है...इसलिए नहीं कि भाजपा जीतती दिख रही है बल्कि इसलिए कांग्रेस सपा से भी आगे निकलती दिख रही है सपा और कांग्रेस के बीच मामला 35-35 की आस-पास टाई होने संभावना अधिक दिख रही है। ऐसा होना आश्चर्यजनक नहीं है बल्कि ऐसा हो चुका है लिहाजा ये चुनाव सपा के लिए बसपा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो चुका है।

याद कीजिये लोकसभा 2010 का चुनाव जिसमे मारा हुआ सांप अचानक जिंदा हो कर फुफकारने लगा था और उसमे सपा, बसपा और कांग्रेस को लगभग बराबर सीटें मिलीं थीं। इस बार हलाकि मामला कांग्रेस और सपा के बीच ही है लिहाजा ऐसी सीमित उम्मीद सिर्फ इन्हीं दोनों के बीच ही इसलिए बन रही है क्योकि कांग्रेस का वोट सपा को बिलकुल ही नहीं मेलेगा ऐसी उम्मीद बिलकुल ही नहीं है, वही सपा का वोट कांग्रेस को स्थानांतरित होना स्वाभाविक इसलिए है क्योकि वो सपा का पारंपरिक वोट है जो बेहद सीमित है सवर्णों का 80% से अधिक, ओबीसी पारंपरिक रूप से भाजपा का था जो सपा को मिला था वो भी करीब-करीब भाजपा में वापस आ चुका है, दलितों का वोट जो सपा को मिलता था वो पूरी तरह भाजपा को मिलेगा लेकिन मायावती का वोट निश्चित है। ये बिलकुल स्वाभाविक है जो वोट सपा का था अब लगभग भाजपा में आ चुका है लेकिन जहां कांग्रेस खड़ी है वहाँ सपा का कट्टर वोट तो उसे मिलेगा लेकिन कांग्रेस का वोट सपा को नहीं मिल कर भाजपा को मिलेगा ये तय है इस लिहाज से कांग्रेस सपा से बाजी मार सकती है।

तो भाजपा की जीत से इस चुनाव बसपा को अधिक नुकसान होने कोई उम्मीद नहीं है बहुत होगा वो सत्ता में नहीं रहेगी लेकिन सपा के लिए जीवन-मरण का प्रश्न इसलिए बन गया है क्योकि उसके पास वोट बैंक बचेगा ही नहीं इसलिए आगे कुछ भी नहीं दिख रहा है सपा को। मुलायम सिंह यादव भी इस खतरे को भाँप चुके हैं लिहाजा अमर सिंह और रामगोपाल यादव पहले ही भाजपा से नजदीकी बढ़ा चुके हैं तो संकेत स्पष्ट हैं।

जीजी प्रचार में नहीं उतरी मैंने पहले ही कहा था ऐसी भूल कांग्रेस कभी नहीं करेगी जहां हवा खराब है वहाँ नए पत्ते को फेकना अकलमंदी बिलकुल नहीं, हालांकि पीके ने बहुत कोशिश की लेकिन जीजी जूएँ मुआने के लिए ही बनी है लिहाजा वो वही करेगी। ये चुनाव कांग्रेस के लिए कुछ देर के लिए सांस जरूर लौटा सकता है लेकिन फिर मोदी जी की हाथ सीधे कांग्रेस के नरेटी पर ही रहगी और साबित कर के रहेंगे कि कांग्रेस के लिए सिर्फ और सिर्फ वही 'मौत के सौदागर' हैं ... तो इंतजार कीजिये सपा के खत्म होने का ...

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