Monday, 20 February 2017

श्मशान की शान, सिक-उल्लू रिष्ट परेशान...

श्मशान और कब्रिस्तान पर खाँटी भाई खटमलवे और उसके सिक उल्लू-रिश्तेदरवे ऐसे भड़के हैं जैसे मोदीजी श्मशान नहीं तो कब्रिस्तान भेज ही देंने वाले है...सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चिल्ला रहा था "...ये सांप्रदायिकता है..." मैंने तपाक से पूछा "...मोदी जी ने कब कहा कि ये सांप्रदायिकता नहीं है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल उसी अंदाज में धमकी देते हुए बोला "...ये ध्रुवीकरण भाजपा को बहुत महंगा पड़ेगा..." मैंने कहा "...क्यों आपके वोटर लहंगा पहनने वाले हैं क्या...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल खुन्नस निकालते हुए बोला "...आपको मज़ाक सूझता है शर्म नहीं आती..." मैंने हंसी को रोकते हुए कहा "...आती है पिछले पाँच सालों में गाँव के गाँव और नगर के नगर 200 बार श्मशान और कब्रिस्तान बनते देखकर..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल ये सुनते ही खऊरा गया बोला "...आपको क्या लगता ये दंगे हमने करवाए..." मैंने प्रति प्रश्न करते हुए जवाब दिया "...सरकार में तुम ही थे और उधर रेनकोट पहन कर नहाने वाला मल्लू था..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल बोले "...आप समझ नहीं रहे है ये देश के लिए खतरनाक है..." मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...आपकी नाक पर वास्तव में खतरा है ..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल और खऊरा कर बोले "...आपकी बार यूपी की जनता वो गलती नहीं करेगी जो उसने 2014 लोकसभा में किया था..." मैंने बड़े आराम से प्रश्न करते हुए कहा "...आपके हिसाब से यूपी वाले अबकी बार बाकी बचे सारे गाँव और शहर भी श्मशान और कब्रिस्तान में बदल देने के मूड में है में है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल अपना आपा खोने लगे थे बोले "...आखिर स्मार्ट सिटी और मंदिर के बजाय श्मशान का टेंडर क्यों निकाल दिया...?" मैंने कहा "...इसलिए कि अबकी बार आपकी नाक खतरे में है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...इसके पहले किसकी कटी है...?" मैंने कहा "... कमीडिया की फिरौती-दलाली बंद है, आपके बिरादर जेल में कब्रिस्तान खोजे रहे हैं ...हरि अनंत हरि कथा अनंता...." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल मेरे पर फब्ती कसने के लिए एक सोशल मीडिया का सहारा लिया "...श्मशान की डगर पे भक्तों दिखाओ चल के ...." मैंने बीच में ही बात काटते हुए कहा "...बिलकुल सही पकड़े श्मशान की डगर पे ही 'राम नाम सत्य' होता है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...और कब्रिस्तान की डगर पे ...?" मैंने कहा "... उसकी तैयारी तो बकलोल युवराज केसरी और बबुआ कर ही चुके हैं बाउंड्री करा के ..." खाँटी सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चुप हो गए ....

Friday, 17 February 2017

सब सौ नंबर के फेर में...

"...मैं सबसे कम नस्लवादी..." ट्रम्प के खिलाफ सूते-सूते ही बोल देते "...मैं सबसे कम नकचढ़वादी मतलब नक्सलवादी..." तथ्य तो ये भी है कि 'माई के लाल जायकिसुन' दुनियाँ में नहीं रहे लेकिन जब तक जिये नाचते रहे नचाते रहे...हमारे यहाँ नस्लवाद चलता ही नहीं मुएं 'नकसलवाद' की नुमाईश ऐसे करते हैं जैसे माई के लाल जयकिसुन की तर्ज पर द्रोणाचार्य ट्रम्प ने अवतार ले लिया हो...
"...ओए जादा उम्मीद्द मत पालो..."
"...क्योंबे लोटे पर केवाप पंडी जी का अधिकार है का..."
"...पाकिस्तान ने 100 आतंकवादी मार गिराए...जरा न्यूज़ वैगरह भी पढ़ा करो..."
"...हाय तब का समझें यूपी के लौंडों का खेल खत्म...?"
"...ज्यादा उम्मीद पालने की जरूरत नहीं ..."
"...हाँ भाई माई के लाल जायकिसुन और द्रोणाचार्य ट्रम्प तो वही के हैं..."
"...रोना-रोहट मचा है..."
"...हाँ जब चुप होंगे तब्बे देखेंगे कि कॉंग्रेस की ईमानदारी और 100 आतंकवादी मुआने में क्या समानता है..."
"...है बहुत समानता है ...दमादम मस्त कलंदर..."
"...जीजी भी कल 100 जुएँ मुआं के हज पर रायबरेली आई थी तब्बे लगा कि पाकिस्तान 100 नंबर का इस्तेमाल करेगा..."
"...लेकिन जीजी तो 100 मे से एक जीरो घोंट कर 10से मिनट के लिए थी...?"
"...का करिएगा FIR हो गया न... प्रजापति से खतरा भले न हो प्रजा से तो है ही पति से भी है...ससुरी कहीं बोल न दे मैं सबसे कम नस्लवादी..."
"...ताबतों जीजी को जिया उल हक बनना पड़ेगा..."
"...असली द्रोणाचार्य तो हाईए है..."
"...मतलब ट्रम्प असली नहीं है का..?"
"...असली होता तो कहे कहता 'अबकी बार मोदी सरकार'..."
"...ट्रम्प सरकार ..."
"... मीन मेख निकालना बंद करो और देखो यूपी में 100 नक्सली मुए या फिर से जिंदा हो गए..."
"...का महराज मुद्दा ससुरा पाकिस्तान का है समझा कीजिये..."
"...अरे हमरा को आप का समझाईएगा जब हर जगह 100 नंबरी और 10 नंबरी चल रहा है..."
"...पाकिस्तान में 100 गो मुए ही न तो यूपी में भी खुछ तो होगा ही ..."
"...चलाओ रे एक ठो माई के लाल जायकिसुन का गाना...देखें ट्रम्प सबसे कम नस्लवादी है या सिक-उल्लू-रिश्तेदारवे सबसे कम नक्सलवादी ... ज़ोर से चलईहों...देखें तो जरा हम भी...डोनाल्ड ट्रम्प द्रोणाचार्य मोदी का कितना बड़ा चेला है...बजाओ तो "

Thursday, 16 February 2017

कुक्कुर के बीगे ठेकुआ, सीना-जोरी ज़ोर लगाय...

अब सेना प्रमुख ने भी अपना 56 इंच का सीना दिखाया तो खाँटी भाई खटमलों सहित उसकी नाजायज सिक-उल्लू-रिशतेदारों के उदर में भी दरार दर्द के साथ पड़नी शुरू हो गई तो खाँटी भाई खटमल चीखते हुए बोला "...ये गलत है..."
मैंने तपाक से पूछा "...तो ये आपके लत पर लात है...?"
खाँटी भाई खटमल बोला "..बात सिर्फ यहीं तक नहीं है..."
मैंने उसकी बात पकड़ते हुए फिर तार्किक रूप से पूछा "...मतलब तेरे पेट पर लात है..."
खाँटी भी खटमल चिल्लाया "...अभी 10 जनपथ जिंदा है..."
मैंने कनटाप जड़ते हुए कहा "...सेना प्रमुख को इसीलिए सीना 56 इंच का दिखाना पड़ा..."
खाँटी भाई खटमल फिर चिल्लाया "...आपको लगता है सहयोग करने वाले भी आतंकवादी हैं...?"
मैंने फिर उसी अंदाज में पूछा "...क्यों अब बटला हाउस पर आँसू बहाने में दिक्कत हो रही है ...?"
खाँटी भाई खटमल उसी गुस्से में बोला "...ये सरकार मासूमो के साथ अन्याय कर रही है ..."
मैंने कहा "...सूमों पहलवानों को मासूम कहते हुए लाज नहीं आती ...?
खाँटी खटमल बोला "...आतंकवादी आतंकवादी होता है और सहयोगी सहयोगी ..."
मैंने कहा "...बकलोल बबुआ यानी युवराज के लिए तो गईयो गाभिन बरधो गाभिन..."
खाँटी भाई खटमल चहकने लगा बोला "..यही तो सरकार कर रही है..."
मैंने कहा "...बटला के सूमों पहलवान और सन 13 में वर्दी में पाकिस्तानी सेना को आम आतंकवादी पार्टी (AAP) का सदस्य बना कर आपके एंटनी साहब ने सरे संसद में दिन दहाड़े बचाया था ..."
ये सुनते ही खटमल बेचैन हो गए बोले "...मतलब हम भी..."
मैंने बीच में बात काटते हुए कहा "...जी बिलकुल सही समझे पत्थर बाजों के पैरों के घुँघरू आपके ही घर से जाते हैं..."
ये सुनते ही खाँटी भाई खटमल और भड़क गया "...आपके कहने का मतलब पत्थर बाजों हम नचाते हैं मतलब हम आतंकवादी हैं...?"
मैंने कहा "...मैंने ऐसा कब कहा...?"
"... तो हम क्या हैं..." खाँटी भाई खटमल खऊरा कर पूछे तो मैंने भी उसी टोन में जवाब दिया "...ऐसा होता तो सेना कब का आपको सुला चुकी होती..."
"...तो हम क्या हैं...?" खाँटी भाई चीखा
मैंने कहा "...बड़ा आदमी ही अपने से छोटे की मदद करता है..."
खाँटी भाई की जिज्ञासा बहुत बढ़ गई पूछा "...मतलब..?"
मैंने कहा "...आप महाआतंकवादी हैं..."
खाँटी भाई को कोई जवाब देते नहीं बन रहा था तो मैंने कहा "...आपकी इतनी औकात नहीं है कि आपके खिलाफ सर्जिकल ऑपरेशन किया जाए ... आप तो इसके सदमे से मरेंगे...." खाँटी भी पता नहीं किसे फोन मिलाने लगा...

Wednesday, 15 February 2017

टेकिंग टोकियो, किलिंग कैलीफोर्निया...

उत्तर प्रदेश का चुनाव धीरे-धीरे दिलचस्प होता जा रहा है...इसलिए नहीं कि भाजपा जीतती दिख रही है बल्कि इसलिए कांग्रेस सपा से भी आगे निकलती दिख रही है सपा और कांग्रेस के बीच मामला 35-35 की आस-पास टाई होने संभावना अधिक दिख रही है। ऐसा होना आश्चर्यजनक नहीं है बल्कि ऐसा हो चुका है लिहाजा ये चुनाव सपा के लिए बसपा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो चुका है।

याद कीजिये लोकसभा 2010 का चुनाव जिसमे मारा हुआ सांप अचानक जिंदा हो कर फुफकारने लगा था और उसमे सपा, बसपा और कांग्रेस को लगभग बराबर सीटें मिलीं थीं। इस बार हलाकि मामला कांग्रेस और सपा के बीच ही है लिहाजा ऐसी सीमित उम्मीद सिर्फ इन्हीं दोनों के बीच ही इसलिए बन रही है क्योकि कांग्रेस का वोट सपा को बिलकुल ही नहीं मेलेगा ऐसी उम्मीद बिलकुल ही नहीं है, वही सपा का वोट कांग्रेस को स्थानांतरित होना स्वाभाविक इसलिए है क्योकि वो सपा का पारंपरिक वोट है जो बेहद सीमित है सवर्णों का 80% से अधिक, ओबीसी पारंपरिक रूप से भाजपा का था जो सपा को मिला था वो भी करीब-करीब भाजपा में वापस आ चुका है, दलितों का वोट जो सपा को मिलता था वो पूरी तरह भाजपा को मिलेगा लेकिन मायावती का वोट निश्चित है। ये बिलकुल स्वाभाविक है जो वोट सपा का था अब लगभग भाजपा में आ चुका है लेकिन जहां कांग्रेस खड़ी है वहाँ सपा का कट्टर वोट तो उसे मिलेगा लेकिन कांग्रेस का वोट सपा को नहीं मिल कर भाजपा को मिलेगा ये तय है इस लिहाज से कांग्रेस सपा से बाजी मार सकती है।

तो भाजपा की जीत से इस चुनाव बसपा को अधिक नुकसान होने कोई उम्मीद नहीं है बहुत होगा वो सत्ता में नहीं रहेगी लेकिन सपा के लिए जीवन-मरण का प्रश्न इसलिए बन गया है क्योकि उसके पास वोट बैंक बचेगा ही नहीं इसलिए आगे कुछ भी नहीं दिख रहा है सपा को। मुलायम सिंह यादव भी इस खतरे को भाँप चुके हैं लिहाजा अमर सिंह और रामगोपाल यादव पहले ही भाजपा से नजदीकी बढ़ा चुके हैं तो संकेत स्पष्ट हैं।

जीजी प्रचार में नहीं उतरी मैंने पहले ही कहा था ऐसी भूल कांग्रेस कभी नहीं करेगी जहां हवा खराब है वहाँ नए पत्ते को फेकना अकलमंदी बिलकुल नहीं, हालांकि पीके ने बहुत कोशिश की लेकिन जीजी जूएँ मुआने के लिए ही बनी है लिहाजा वो वही करेगी। ये चुनाव कांग्रेस के लिए कुछ देर के लिए सांस जरूर लौटा सकता है लेकिन फिर मोदी जी की हाथ सीधे कांग्रेस के नरेटी पर ही रहगी और साबित कर के रहेंगे कि कांग्रेस के लिए सिर्फ और सिर्फ वही 'मौत के सौदागर' हैं ... तो इंतजार कीजिये सपा के खत्म होने का ...