श्मशान की शान, सिक-उल्लू रिष्ट परेशान...
श्मशान और कब्रिस्तान पर खाँटी भाई खटमलवे और उसके सिक उल्लू-रिश्तेदरवे ऐसे भड़के हैं जैसे मोदीजी श्मशान नहीं तो कब्रिस्तान भेज ही देंने वाले है...सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चिल्ला रहा था "...ये सांप्रदायिकता है..." मैंने तपाक से पूछा "...मोदी जी ने कब कहा कि ये सांप्रदायिकता नहीं है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल उसी अंदाज में धमकी देते हुए बोला "...ये ध्रुवीकरण भाजपा को बहुत महंगा पड़ेगा..." मैंने कहा "...क्यों आपके वोटर लहंगा पहनने वाले हैं क्या...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल खुन्नस निकालते हुए बोला "...आपको मज़ाक सूझता है शर्म नहीं आती..." मैंने हंसी को रोकते हुए कहा "...आती है पिछले पाँच सालों में गाँव के गाँव और नगर के नगर 200 बार श्मशान और कब्रिस्तान बनते देखकर..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल ये सुनते ही खऊरा गया बोला "...आपको क्या लगता ये दंगे हमने करवाए..." मैंने प्रति प्रश्न करते हुए जवाब दिया "...सरकार में तुम ही थे और उधर रेनकोट पहन कर नहाने वाला मल्लू था..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल बोले "...आप समझ नहीं रहे है ये देश के लिए खतरनाक है..." मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...आपकी नाक पर वास्तव में खतरा है ..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल और खऊरा कर बोले "...आपकी बार यूपी की जनता वो गलती नहीं करेगी जो उसने 2014 लोकसभा में किया था..." मैंने बड़े आराम से प्रश्न करते हुए कहा "...आपके हिसाब से यूपी वाले अबकी बार बाकी बचे सारे गाँव और शहर भी श्मशान और कब्रिस्तान में बदल देने के मूड में है में है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल अपना आपा खोने लगे थे बोले "...आखिर स्मार्ट सिटी और मंदिर के बजाय श्मशान का टेंडर क्यों निकाल दिया...?" मैंने कहा "...इसलिए कि अबकी बार आपकी नाक खतरे में है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...इसके पहले किसकी कटी है...?" मैंने कहा "... कमीडिया की फिरौती-दलाली बंद है, आपके बिरादर जेल में कब्रिस्तान खोजे रहे हैं ...हरि अनंत हरि कथा अनंता...." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल मेरे पर फब्ती कसने के लिए एक सोशल मीडिया का सहारा लिया "...श्मशान की डगर पे भक्तों दिखाओ चल के ...." मैंने बीच में ही बात काटते हुए कहा "...बिलकुल सही पकड़े श्मशान की डगर पे ही 'राम नाम सत्य' होता है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...और कब्रिस्तान की डगर पे ...?" मैंने कहा "... उसकी तैयारी तो बकलोल युवराज केसरी और बबुआ कर ही चुके हैं बाउंड्री करा के ..." खाँटी सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चुप हो गए ....
श्मशान और कब्रिस्तान पर खाँटी भाई खटमलवे और उसके सिक उल्लू-रिश्तेदरवे ऐसे भड़के हैं जैसे मोदीजी श्मशान नहीं तो कब्रिस्तान भेज ही देंने वाले है...सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चिल्ला रहा था "...ये सांप्रदायिकता है..." मैंने तपाक से पूछा "...मोदी जी ने कब कहा कि ये सांप्रदायिकता नहीं है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल उसी अंदाज में धमकी देते हुए बोला "...ये ध्रुवीकरण भाजपा को बहुत महंगा पड़ेगा..." मैंने कहा "...क्यों आपके वोटर लहंगा पहनने वाले हैं क्या...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल खुन्नस निकालते हुए बोला "...आपको मज़ाक सूझता है शर्म नहीं आती..." मैंने हंसी को रोकते हुए कहा "...आती है पिछले पाँच सालों में गाँव के गाँव और नगर के नगर 200 बार श्मशान और कब्रिस्तान बनते देखकर..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल ये सुनते ही खऊरा गया बोला "...आपको क्या लगता ये दंगे हमने करवाए..." मैंने प्रति प्रश्न करते हुए जवाब दिया "...सरकार में तुम ही थे और उधर रेनकोट पहन कर नहाने वाला मल्लू था..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल बोले "...आप समझ नहीं रहे है ये देश के लिए खतरनाक है..." मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...आपकी नाक पर वास्तव में खतरा है ..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल और खऊरा कर बोले "...आपकी बार यूपी की जनता वो गलती नहीं करेगी जो उसने 2014 लोकसभा में किया था..." मैंने बड़े आराम से प्रश्न करते हुए कहा "...आपके हिसाब से यूपी वाले अबकी बार बाकी बचे सारे गाँव और शहर भी श्मशान और कब्रिस्तान में बदल देने के मूड में है में है...?" सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल अपना आपा खोने लगे थे बोले "...आखिर स्मार्ट सिटी और मंदिर के बजाय श्मशान का टेंडर क्यों निकाल दिया...?" मैंने कहा "...इसलिए कि अबकी बार आपकी नाक खतरे में है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...इसके पहले किसकी कटी है...?" मैंने कहा "... कमीडिया की फिरौती-दलाली बंद है, आपके बिरादर जेल में कब्रिस्तान खोजे रहे हैं ...हरि अनंत हरि कथा अनंता...." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल मेरे पर फब्ती कसने के लिए एक सोशल मीडिया का सहारा लिया "...श्मशान की डगर पे भक्तों दिखाओ चल के ...." मैंने बीच में ही बात काटते हुए कहा "...बिलकुल सही पकड़े श्मशान की डगर पे ही 'राम नाम सत्य' होता है..." सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल तपाक से पूछा "...और कब्रिस्तान की डगर पे ...?" मैंने कहा "... उसकी तैयारी तो बकलोल युवराज केसरी और बबुआ कर ही चुके हैं बाउंड्री करा के ..." खाँटी सिक-उल्लू-रिष्ट खटमल चुप हो गए ....