Monday, 9 May 2016

उंघटापैची सर्र जी फर्जी, पर लूटे थूक बिलाय ...

सर्र जी की एक खासियत है वो किसी भी चीज का बहुआयामी उपयोग करने का रास्ता खोजते रहते हैं मसलन टेम्पू में बैठ कर चाँद पर भी जाने की योजना को अंजाम देने से नहीं चूकते। काम तो उनका सचिवालय में चिपरी, गोईठा पाथना है लेकिन खुद को ऐसे पेश करते मानो वो सही में दिल्ली के प्रधानमंत्री हों लिहाजा अपने खटारा टेम्पू में बैठ कर चाँद पर थूकने का उपक्रम कर डाला। .एक अपोले से मैंने पूछा "...आपके सर्र जी को क्या हो गया है टेम्पू में बैठ कर चाँद पर थूक रहे हैं..." ये सुनते ही अपोला उखड़ गया और उल्टे चीखते हुए मुझसे पूछा "...आपका मतलब केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं...?" मैंने उत्तर में प्रतिप्रश्न किया "...कब से कुत्ते आगे से भौकने की बजाय पीछे से भौकने लगे...?" अपोला फिर उसी गुस्से में बोला "...आप कुत्ते से तुलना नहीं कर सकते ...." मैंने कहा "...बिलकुल सर्र जी की तुलना कुत्ते से बिलकुल नहीं हो सकती ... कुत्ते का ये अपमान भला मुझसे कैसे हो सकता है ..." अपोला और भड़क गया बोला "...आपने अपने प्रोफ़ाइल में क्या पंच लिखा है ..." मैंने बड़े आराम से उत्तर दिया "...जानवर झूठ नहीं बोलते ..." अपोला बोला "...तो इसका मतलब आपको पता है न ..." मैंने कहा "...आपके सर्र जी पर मेरी पंच लाइन तब लागू होती जब आपके सर्र जी भौकने के लिए अपने मुखारविंद का प्रयोग करते ..." अपोले को मेरी बात समझ में नहीं आई पूछा  "...आपके कहने का मतलब क्या है...?  मैंने कठोरता से उत्तर दिया "...सर्रजी आगे के बजाय पीछे से भौंक रहे हैं ..." ये सुनते ही अपोला आपे से बाहर हो गया बोला "...आपको डिग्री के बारे कोई जानकारी नहीं है ..." मैंने कहा "...हाँ तो जरा ये भी बता दो कि तुम्हारे सर्र जी IIT में AIR क्या थी ...?"   अपोला चुप हो गया तो मैंने कहा "...आपके सर्र जी ने तो IIT का एण्ट्रेंस दिया ही नहीं था... वो असंवैधानिक विवेकाधीन कोटे से IIT में घुसे थे जैसे फालतू कुत्ते किसी समारोह में घुस जाते हैं ..." ये सुनते ही अपोला अपनी सफाई देने का जुगाड़ करने लगा बोला "...आखिर वो इसके लिए योग्य रहे होंगे तभी तो कोटे से प्रवेश मिला ..." मैंने कहा "...वो कोटा स्टाफ और टीचर के बच्चों के लिए आरक्षित था चार साल के लिए और सर्र जी के पिता जी भ्रष्टाचारी जिंदाल सारी जिंदल के कारखाने में मुलाजिम थे ये भी पता नहीं कि वो इतने ऊंचे ओहदे पर पर पहुंचे कैसे ...?" अब अपोले को जैसे साँप सूंघ गया हो बोला "...ये सब बकवास है ..." मैंने कहा "... सर्र जी के पिता जी तो IIT के स्टाफ नहीं थे तो बकवास कैसे हो गया ...?" अपोला चुप हो गया फिर मैंने उस चुनौती देते हुए कहा "...हिम्मत हो तो जरा बकलोल युवराज राल विंसी,बियंका वादरा और ई-टल्ली मम्मी की डिग्री दिखाएँ ..." मैंने थोड़ी रियायत देते हुए कहा "...खैर छोड़ अपोले जरा राबर्ट बढेरा की डिग्री दिखा चल ..." अपोला भागने लगा ...  

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