पहुना पूंछ बिरादरी, लुआठी लहसुन खऊर....
जानवरों की खास अदा है वो कभी मूंछ पर ताव नहीं मारते लेकिन पूंछ की हिफाजत ऐसे करते हैं कि किसी को भी लग सकता है वो पूंछ पर ताव मारने की खास अदा है ... एक अपोला मुझसे तर्क करने लगा बोला "...पूंछ जानवरों की शान होती है ..." मैंने कहा "... हाँ तभी वो झूठ नहीं बोलते ..." अपोला जैसे आपसेट हो गया बोला "...लेकिन इन्सानो की मूंछ तो होती है पूंछ नहीं..." मैंने पलट कर पूछा "...तो तुम्हारे कहने मतलब है इन्सानो की मूंछ पर भी कम दारोमदार नहीं होता..." अपोला अपने सर्र जी के हवाले से कहा "...हम लोगों ने भी दिल्ली में बहुत काम किया है ..." मैंने आश्चर्य जताते हुए कहा "...अच्छा...! तो फिर हिमाकत करने की धमकी पूछ से है या मूंछ से ...?" ये सुनते ही अपोला बेहद असहज हो गया "...देखिए वो सब हम नहीं जानते हम तो सिर्फ जनता की सेवा करना जानते हैं जी ..." मैंने कहा "... जब सेवा ठीक से हो रही है तो फिर काहें लुआठी पर लहसुन फूँक रहे हैं ..." अपोला अब आपे से बाहर हो रहा था गुस्से में बोला "...लुआठी पर लहसुन फूंकने का क्या मतलब है ..." मैंने कहा "...मय 'अधिकारियो' को आपके सर्र जी 'अधिका' साबित करने पर उतारू दिख रहे हैं उसमे से 'री' ही डिलीट करने पर उतारू हो गए हैं..." अपोला तार्किक अंदाज में मुझसे गुस्सा झाड़ते हुए बोला "...इससे ये कहाँ साबित होता है कि सर्र जी लुआठी पर लहसुन फूँक रहे हैं ..." मैंने कहा "...क्यों नहीं ! उसी लुआठी से घर फूँकने की कोशिश कर रहे हैं बेचारे निरीह अधिकारियों के और जब कोशिश नाकाम हो रही है तो लुआठी में लहसुन चुआ रहे हैं ..." अपोला अपना गुस्सा कंट्रोल करते हुए बोला "...देखिये वो नसीहत दे रहे थे ..." मैंने तपाक से टांट कसते हुए पूछा "...नसीहत इस आधार पर कि 2020 में फिर योगेंदर यादव और शांत-प्रशांत भूषण फिर बादशाह सलामत की हुंकार भरने आपके सर्र जी के पास अंग विशेष पर लात खाने चले आएंगे ...?" अपोला फिर से खुद को संभालते हुए बोला "...देखिये पार्टी में अब उनकी कोई जरूरत नहीं ..." मैंने कहा ",,,फिर किस आधार पर आपके सर्र जी 10-15 साल सचिवालय में गोईठा पाथने का ख्वाब देख रहे हैं ...?" अपोला फिर आपे से बाहर हो गया और चीखते हुए बोला "...वो गोईठा नहीं पाथ रहे..." मैंने तर्क करते हुए पूछा "...ठाले-निठल्ले तो याही काम बड़े चाव से करते हैं ..."अपोला बोला "...उनके पोर्टफोलियो न लेने के पीछे ठोस कारण है ..." मैंने कहा "...हाँ वो तो है गोईठा पाथना और लुआठी पर लहसुन फूंकना...." ये सुनकर अपोला बेचैन हो गया और धमकी देते हुए बोला "... हम कम से कम 10 साल तो राज करेंगे ही दिल्ली में ...." मैंने टांट कसते हुए कहा "...तुम्हारे सर्र जी की मूंछ तो ऐसी नहीं है कि उसपर ताव मार पाएँ ..." अपोला उसी अंदाज में बोला "...हम मूंछ पर ताव नहीं मारते ..." मैंने कहा "...तब तो एक ही रास्ता है आपके सर्र जी सहित अपोले अपनी पूंछ पर ताव मारें और शुरू करें नाक में पूंछ ..." बात पूरी होने से पहले ही आपोला भागने लगा ....
जानवरों की खास अदा है वो कभी मूंछ पर ताव नहीं मारते लेकिन पूंछ की हिफाजत ऐसे करते हैं कि किसी को भी लग सकता है वो पूंछ पर ताव मारने की खास अदा है ... एक अपोला मुझसे तर्क करने लगा बोला "...पूंछ जानवरों की शान होती है ..." मैंने कहा "... हाँ तभी वो झूठ नहीं बोलते ..." अपोला जैसे आपसेट हो गया बोला "...लेकिन इन्सानो की मूंछ तो होती है पूंछ नहीं..." मैंने पलट कर पूछा "...तो तुम्हारे कहने मतलब है इन्सानो की मूंछ पर भी कम दारोमदार नहीं होता..." अपोला अपने सर्र जी के हवाले से कहा "...हम लोगों ने भी दिल्ली में बहुत काम किया है ..." मैंने आश्चर्य जताते हुए कहा "...अच्छा...! तो फिर हिमाकत करने की धमकी पूछ से है या मूंछ से ...?" ये सुनते ही अपोला बेहद असहज हो गया "...देखिए वो सब हम नहीं जानते हम तो सिर्फ जनता की सेवा करना जानते हैं जी ..." मैंने कहा "... जब सेवा ठीक से हो रही है तो फिर काहें लुआठी पर लहसुन फूँक रहे हैं ..." अपोला अब आपे से बाहर हो रहा था गुस्से में बोला "...लुआठी पर लहसुन फूंकने का क्या मतलब है ..." मैंने कहा "...मय 'अधिकारियो' को आपके सर्र जी 'अधिका' साबित करने पर उतारू दिख रहे हैं उसमे से 'री' ही डिलीट करने पर उतारू हो गए हैं..." अपोला तार्किक अंदाज में मुझसे गुस्सा झाड़ते हुए बोला "...इससे ये कहाँ साबित होता है कि सर्र जी लुआठी पर लहसुन फूँक रहे हैं ..." मैंने कहा "...क्यों नहीं ! उसी लुआठी से घर फूँकने की कोशिश कर रहे हैं बेचारे निरीह अधिकारियों के और जब कोशिश नाकाम हो रही है तो लुआठी में लहसुन चुआ रहे हैं ..." अपोला अपना गुस्सा कंट्रोल करते हुए बोला "...देखिये वो नसीहत दे रहे थे ..." मैंने तपाक से टांट कसते हुए पूछा "...नसीहत इस आधार पर कि 2020 में फिर योगेंदर यादव और शांत-प्रशांत भूषण फिर बादशाह सलामत की हुंकार भरने आपके सर्र जी के पास अंग विशेष पर लात खाने चले आएंगे ...?" अपोला फिर से खुद को संभालते हुए बोला "...देखिये पार्टी में अब उनकी कोई जरूरत नहीं ..." मैंने कहा ",,,फिर किस आधार पर आपके सर्र जी 10-15 साल सचिवालय में गोईठा पाथने का ख्वाब देख रहे हैं ...?" अपोला फिर आपे से बाहर हो गया और चीखते हुए बोला "...वो गोईठा नहीं पाथ रहे..." मैंने तर्क करते हुए पूछा "...ठाले-निठल्ले तो याही काम बड़े चाव से करते हैं ..."अपोला बोला "...उनके पोर्टफोलियो न लेने के पीछे ठोस कारण है ..." मैंने कहा "...हाँ वो तो है गोईठा पाथना और लुआठी पर लहसुन फूंकना...." ये सुनकर अपोला बेचैन हो गया और धमकी देते हुए बोला "... हम कम से कम 10 साल तो राज करेंगे ही दिल्ली में ...." मैंने टांट कसते हुए कहा "...तुम्हारे सर्र जी की मूंछ तो ऐसी नहीं है कि उसपर ताव मार पाएँ ..." अपोला उसी अंदाज में बोला "...हम मूंछ पर ताव नहीं मारते ..." मैंने कहा "...तब तो एक ही रास्ता है आपके सर्र जी सहित अपोले अपनी पूंछ पर ताव मारें और शुरू करें नाक में पूंछ ..." बात पूरी होने से पहले ही आपोला भागने लगा ....
No comments:
Post a Comment