हाय रे ! मायका मलाई माहुर ...?
अबकी बार कुत्तारोची का बकलोल भांजा जो युवराज के नाम से बदनाम भी है, नपने से बच गया तो खाँटी भाई कोंग्रेसी लोगों को बहुत खुशी हुई थी लेकिन सारी खुशी हवा तब हो गई जब मैडम तुसाद के म्यूजियम में ईमानदारी की मूर्ति लगाने के लिए खुद को ही आवेदन किए हुए थे। मनमोहन सिंह की योग्यता और ईमानदारी अस मशहूर थी कि टाइम मैगजीन ने बकायदे अंडरएचीवर कह कर तारीफ की थी, आस्कर फर्नांडीज़ का ढिंढोरा तो ऐसे पीटा जाता था मानो उनको ईमानदारी का आस्कर पुरस्कार मिल गया हो, ए के एंटनी की ईमानदारी कितने टन की थी उसका भी खुलासा हो गया तभी अपने ईमानदार तन को लेकर भहरा के गिरे थे वो भला हो हमारे वीर सैनिकों का जिनके राष्ट्रभक्त खून से ईमानदारी के टनो वजनी एंटनी साहब अपने पैरों पर खड़े हो पाए। एस पी त्यागी का त्याग के बारे में क्या कहें लोग बता रहे हैं अगर इनको भी सप्तऋषि मिल गए होते तो आज नजारा ही कुछ और होता, आज इनका घर भर उल्टा लटक कर फंस गया तो इसमे सप्तऋषि के न मोलने क्या दोष ?
कुत्तारोची की दीदी का चार - चार बार गला दबाया है उनके मायके वालों ने फिर भी हिमाकत देखिये खाँटी भैवे उल्टा कोतवाल को डांटते अपने ई-टल्ली राजमाता के सुर में सुर मिलाते हुए पूछ रहे हैं अगर कोई सुबूत था तो अब तक चुप क्यों थे ? अब पता नहीं क्यों खाँटी भाई लोग ये बताना चाह रहे हैं कि ई-टल्ली राजमाता को मायके से भी जमानत मिल गई जबकि वास्तविकता ठीक इसके उलट है। असत्यव्रत छाप एक खाँटी भाई चीख रहे थे कोई भी सुबूत ले कर आइए राजमाता हर पद से इस्तीफा दे देंगी ...मने अब जमानत भी अब सुबूत नहीं रहा ...बगल में खड़े एक सज्जन ने कहा जब ऐसे तथ्यों को भी सुबूत नहीं मानेगे तो तो ताबूत तो हमेशा तैयार रहेगा ही। यों को ये भी बताना पड़ेगा क्या।
पता नहीं कहाँ से IBN7 वाले किसको पकड़ लाये थे बता रहे थे सप्रेम कोर्ट का व-कील है उसे तो बाहर के कचहरी कचहरी ही नहीं लगती उसका बस चले तो हेडली को ही महात्मा घोषित करके "जी" की उपाधि दे दे। उसके तर्क के आधार पर तो जो अपराधी भारत में अपराध नहीं किए हैं वो अपराधी हो ही नहीं सकते। मेरे कहने के अर्थ को भावनात्मक स्तर पर मत सोचिए तार्किक और संवैधानिक स्तर पर सोचिए। ऐसे सप्रेम कोर्ट के व-कीलों का बस चले तो रेड-कार्नर नोटिस, इन्टरपोल आदि जैसी चिड़िया का गुलेल से बिना जीपीएस की सहायता से शिकार कर लें।
क्या वाकई ये रोम से भी रामराज्य की मुनादी है ...
अबकी बार कुत्तारोची का बकलोल भांजा जो युवराज के नाम से बदनाम भी है, नपने से बच गया तो खाँटी भाई कोंग्रेसी लोगों को बहुत खुशी हुई थी लेकिन सारी खुशी हवा तब हो गई जब मैडम तुसाद के म्यूजियम में ईमानदारी की मूर्ति लगाने के लिए खुद को ही आवेदन किए हुए थे। मनमोहन सिंह की योग्यता और ईमानदारी अस मशहूर थी कि टाइम मैगजीन ने बकायदे अंडरएचीवर कह कर तारीफ की थी, आस्कर फर्नांडीज़ का ढिंढोरा तो ऐसे पीटा जाता था मानो उनको ईमानदारी का आस्कर पुरस्कार मिल गया हो, ए के एंटनी की ईमानदारी कितने टन की थी उसका भी खुलासा हो गया तभी अपने ईमानदार तन को लेकर भहरा के गिरे थे वो भला हो हमारे वीर सैनिकों का जिनके राष्ट्रभक्त खून से ईमानदारी के टनो वजनी एंटनी साहब अपने पैरों पर खड़े हो पाए। एस पी त्यागी का त्याग के बारे में क्या कहें लोग बता रहे हैं अगर इनको भी सप्तऋषि मिल गए होते तो आज नजारा ही कुछ और होता, आज इनका घर भर उल्टा लटक कर फंस गया तो इसमे सप्तऋषि के न मोलने क्या दोष ?
कुत्तारोची की दीदी का चार - चार बार गला दबाया है उनके मायके वालों ने फिर भी हिमाकत देखिये खाँटी भैवे उल्टा कोतवाल को डांटते अपने ई-टल्ली राजमाता के सुर में सुर मिलाते हुए पूछ रहे हैं अगर कोई सुबूत था तो अब तक चुप क्यों थे ? अब पता नहीं क्यों खाँटी भाई लोग ये बताना चाह रहे हैं कि ई-टल्ली राजमाता को मायके से भी जमानत मिल गई जबकि वास्तविकता ठीक इसके उलट है। असत्यव्रत छाप एक खाँटी भाई चीख रहे थे कोई भी सुबूत ले कर आइए राजमाता हर पद से इस्तीफा दे देंगी ...मने अब जमानत भी अब सुबूत नहीं रहा ...बगल में खड़े एक सज्जन ने कहा जब ऐसे तथ्यों को भी सुबूत नहीं मानेगे तो तो ताबूत तो हमेशा तैयार रहेगा ही। यों को ये भी बताना पड़ेगा क्या।
पता नहीं कहाँ से IBN7 वाले किसको पकड़ लाये थे बता रहे थे सप्रेम कोर्ट का व-कील है उसे तो बाहर के कचहरी कचहरी ही नहीं लगती उसका बस चले तो हेडली को ही महात्मा घोषित करके "जी" की उपाधि दे दे। उसके तर्क के आधार पर तो जो अपराधी भारत में अपराध नहीं किए हैं वो अपराधी हो ही नहीं सकते। मेरे कहने के अर्थ को भावनात्मक स्तर पर मत सोचिए तार्किक और संवैधानिक स्तर पर सोचिए। ऐसे सप्रेम कोर्ट के व-कीलों का बस चले तो रेड-कार्नर नोटिस, इन्टरपोल आदि जैसी चिड़िया का गुलेल से बिना जीपीएस की सहायता से शिकार कर लें।
क्या वाकई ये रोम से भी रामराज्य की मुनादी है ...