आ बैल मुझे मार, जल्दी मार...
सारे के सारे अपोले तो ऐसे चीख रहे हैं जैसे वही 64-65 रेलवे लाइन के किनारे अपने सचिवों के साथ लाईन से सबेरे - सबेरे लोटा ले के बैठे ही थे तभी थोड़ी देर के बाद ही सफाई अभियान के दरोगा ने रेलवे लाइन पर छापा मार दिया...इसी पर अपोले भड़क गए चीखने लगे "...छापा मारने से पहले दरवाजा नाक करके आना चाहिए था। मैंने अपोले से कहा "...बरखुरदार रेलवे लाईन पर तो आका के अधिका (री) बैठे थे ..." अपोले ने चीखना जारी रखते हुए कहा "...मुख्यमंत्री भी वहीं बैठते हैं..." मैंने चुटकी लेते हुए पूछा "...आका अपना लोटा लेकर जाए हैं या सचिव का लोटा शेयर करते हैं ...?" अपोले ने मुझे धमकी देते हुए कहा "...देखिये आपको ये मज़ाक बहुत मंहगा पड़ेगा ..." मैंने उस अपोले के धमकी का जवाब में पूछा "...आपके आका बर्खास्तगी की उम्मीद क्यों कर रहे हैं इस्तीफा दे कर भागते क्यों नहीं..?" अपोला फिर भी चीखे जा रहा था बोला "...आखिर छापा भी मारने का भी एक तरीका होता है..." मैंने उससे कहा "...सीबीआई ने छापा ही तो मारा है वो भी आका के अधिका पर...आपके आका क्यों चाहते हैं उनको भी उठा के पटक दिया जाए ...? " अपोला बोला "..ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी बहुत मंहगी पड़ेगी ..." मैंने उस पर टांट कसते हुए कहा "...रेलवे लाईन पर सचिवों के साथ लोटा लेकर सरे आम आप बैठते हो बावजूद इसके ढाई लाख रुपया तंख्वाह लेते हुए शर्म नहीं आती ..वैसे उकसाने से कोई उकसता है क्या ...?" अपोला बोला "...ये हमे परेशान करने की एक साजिश है ..." मैंने उसे डांटते हुए हुए पूछा "...आपके रेलवे लाईन पर बैठने से क्या लोगों को सुविधा होती है ...?" अपोला फिर चीखते हुए पूछा "...इसपर किसी को क्या आपत्ति है ...?" मैंने उससे कहा "...आपत्ति क्यों नहीं गंदगी- बदबू आप फैलाते हैं अपने सचिवों के साथ बदनाम बेचारे रेलवे के यात्री होते हैं ..." अपोला मुझसे शिकायत करने के अंदाज में बोला ".. भूल कर भी कभी केजरीवाल की तारीफ नहीं की तुमने..." मैंने उससे साफ - साफ कहा "... केजरीवाल ने पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए जैसी हरकत की थी उसी समय विश्वास हो गया था कि ये आदमी बहुत गंदा है बहुत ज्यादा गंदा ..सबसे भ्रष्ट..." अपोला सफाई देते हुए बोला "...लेकिन मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..." मैंने कहा "...इसीलिए तो मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..." अपोला बोला "...लेकिन आपने उस समय भी जम के केजरीवाल के खिलाफ लिखा था ..और आज भी ..." मैंने दावा ठोंकते हुए कहा "...मैंने उस समय जो केजरीवाल के बारे में लिखा वो आगे चल कर अक्षरशः सत्य साबित हुआ..." अपोला बेचैनी से चुप हो गया ...
सारे के सारे अपोले तो ऐसे चीख रहे हैं जैसे वही 64-65 रेलवे लाइन के किनारे अपने सचिवों के साथ लाईन से सबेरे - सबेरे लोटा ले के बैठे ही थे तभी थोड़ी देर के बाद ही सफाई अभियान के दरोगा ने रेलवे लाइन पर छापा मार दिया...इसी पर अपोले भड़क गए चीखने लगे "...छापा मारने से पहले दरवाजा नाक करके आना चाहिए था। मैंने अपोले से कहा "...बरखुरदार रेलवे लाईन पर तो आका के अधिका (री) बैठे थे ..." अपोले ने चीखना जारी रखते हुए कहा "...मुख्यमंत्री भी वहीं बैठते हैं..." मैंने चुटकी लेते हुए पूछा "...आका अपना लोटा लेकर जाए हैं या सचिव का लोटा शेयर करते हैं ...?" अपोले ने मुझे धमकी देते हुए कहा "...देखिये आपको ये मज़ाक बहुत मंहगा पड़ेगा ..." मैंने उस अपोले के धमकी का जवाब में पूछा "...आपके आका बर्खास्तगी की उम्मीद क्यों कर रहे हैं इस्तीफा दे कर भागते क्यों नहीं..?" अपोला फिर भी चीखे जा रहा था बोला "...आखिर छापा भी मारने का भी एक तरीका होता है..." मैंने उससे कहा "...सीबीआई ने छापा ही तो मारा है वो भी आका के अधिका पर...आपके आका क्यों चाहते हैं उनको भी उठा के पटक दिया जाए ...? " अपोला बोला "..ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी बहुत मंहगी पड़ेगी ..." मैंने उस पर टांट कसते हुए कहा "...रेलवे लाईन पर सचिवों के साथ लोटा लेकर सरे आम आप बैठते हो बावजूद इसके ढाई लाख रुपया तंख्वाह लेते हुए शर्म नहीं आती ..वैसे उकसाने से कोई उकसता है क्या ...?" अपोला बोला "...ये हमे परेशान करने की एक साजिश है ..." मैंने उसे डांटते हुए हुए पूछा "...आपके रेलवे लाईन पर बैठने से क्या लोगों को सुविधा होती है ...?" अपोला फिर चीखते हुए पूछा "...इसपर किसी को क्या आपत्ति है ...?" मैंने उससे कहा "...आपत्ति क्यों नहीं गंदगी- बदबू आप फैलाते हैं अपने सचिवों के साथ बदनाम बेचारे रेलवे के यात्री होते हैं ..." अपोला मुझसे शिकायत करने के अंदाज में बोला ".. भूल कर भी कभी केजरीवाल की तारीफ नहीं की तुमने..." मैंने उससे साफ - साफ कहा "... केजरीवाल ने पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए जैसी हरकत की थी उसी समय विश्वास हो गया था कि ये आदमी बहुत गंदा है बहुत ज्यादा गंदा ..सबसे भ्रष्ट..." अपोला सफाई देते हुए बोला "...लेकिन मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..." मैंने कहा "...इसीलिए तो मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..." अपोला बोला "...लेकिन आपने उस समय भी जम के केजरीवाल के खिलाफ लिखा था ..और आज भी ..." मैंने दावा ठोंकते हुए कहा "...मैंने उस समय जो केजरीवाल के बारे में लिखा वो आगे चल कर अक्षरशः सत्य साबित हुआ..." अपोला बेचैनी से चुप हो गया ...