Tuesday, 15 December 2015

आ बैल मुझे मार, जल्दी मार...

सारे के सारे अपोले तो ऐसे चीख रहे हैं जैसे वही 64-65 रेलवे लाइन के किनारे अपने सचिवों के साथ लाईन से सबेरे - सबेरे लोटा ले के बैठे ही थे तभी थोड़ी देर के बाद ही सफाई अभियान के दरोगा ने रेलवे लाइन पर छापा मार दिया...इसी पर अपोले भड़क गए चीखने लगे "...छापा मारने से पहले दरवाजा नाक करके आना चाहिए था। मैंने अपोले से कहा "...बरखुरदार रेलवे लाईन पर तो आका के अधिका (री) बैठे थे ..." अपोले ने चीखना जारी रखते हुए कहा "...मुख्यमंत्री भी वहीं बैठते हैं..." मैंने चुटकी लेते हुए पूछा "...आका अपना लोटा लेकर जाए हैं या सचिव का लोटा शेयर करते हैं ...?" अपोले ने मुझे धमकी देते हुए कहा "...देखिये आपको ये मज़ाक बहुत मंहगा पड़ेगा ..." मैंने उस अपोले के धमकी का जवाब में पूछा "...आपके आका बर्खास्तगी की उम्मीद क्यों कर  रहे हैं इस्तीफा दे कर भागते क्यों नहीं..?" अपोला फिर भी चीखे जा रहा था बोला "...आखिर छापा भी मारने का भी एक तरीका होता है..." मैंने उससे कहा "...सीबीआई ने छापा ही तो मारा है वो भी आका के अधिका पर...आपके आका क्यों चाहते हैं उनको भी उठा के पटक दिया जाए ...? " अपोला बोला "..ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी बहुत मंहगी पड़ेगी ..." मैंने उस पर टांट कसते हुए कहा "...रेलवे लाईन पर सचिवों के साथ लोटा लेकर सरे आम आप बैठते हो बावजूद इसके ढाई लाख रुपया तंख्वाह लेते हुए शर्म नहीं आती ..वैसे उकसाने से कोई उकसता है क्या ...?"  अपोला बोला "...ये हमे परेशान करने की एक साजिश है ..." मैंने उसे डांटते हुए हुए पूछा "...आपके रेलवे लाईन पर बैठने से क्या लोगों को सुविधा होती है ...?"  अपोला फिर चीखते हुए पूछा "...इसपर किसी को क्या आपत्ति है ...?" मैंने उससे कहा "...आपत्ति क्यों नहीं गंदगी- बदबू आप फैलाते हैं अपने सचिवों के साथ बदनाम बेचारे रेलवे के यात्री होते हैं ..." अपोला मुझसे शिकायत करने के अंदाज में बोला ".. भूल कर भी कभी केजरीवाल की तारीफ नहीं की तुमने..." मैंने उससे साफ - साफ कहा "... केजरीवाल ने पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए जैसी हरकत की थी उसी समय विश्वास हो गया था कि ये आदमी बहुत गंदा है बहुत ज्यादा गंदा ..सबसे भ्रष्ट..." अपोला सफाई देते हुए बोला "...लेकिन मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..."  मैंने कहा "...इसीलिए तो मीडिया जम कर तारीफ कर रही थी ..." अपोला बोला "...लेकिन आपने उस समय भी जम के केजरीवाल के खिलाफ लिखा था ..और आज भी ..." मैंने दावा ठोंकते हुए कहा "...मैंने उस समय जो केजरीवाल के बारे में लिखा वो आगे चल कर अक्षरशः सत्य साबित हुआ..." अपोला बेचैनी से चुप हो गया ...

Thursday, 3 December 2015

टेम्पू पर तुरही ...जनलो-कपाल ....!

दिल्ली में मसौदा पेश हुआ जनलो-कपाल का...कुछ लोग इसे प्यार से जोकपाल भी कह रहे हैं जो कि मेरे हिसाब से ठीक इसलिए नहीं है क्योंकि ये शब्द केजरीवाल के कपाल के बारे में सही जानकारी न दे कर उन्हें चिपकने वाला खूनचुसवा जोक ही साबित करता है। इसपर एक अपोले को लगा मैंने उनका समर्थन किया तो मारे खुशी के उछल पड़ा बोला "...आपका कहना एकदम दुरूरुस्त है ..." मैंने अपोले से इसपर प्रतिप्रश्न करते हुए पूछा  "...तो क्या ये साबित हो गया है कि केजरीवाल खूनचुसवा जोक नहीं है ...?" अपोला बोला "...हाँ बिलकुल ..." मैंने उससे कहा "...देख भाई मैं क्लीन चिट जारी करने वाला कोई सुप्रीम या हाईकोर्ट का जज नहीं हूँ ..." अपोला बोला "...तो क्या हुआ आपका कहना एकदम सही है..." मैंने उसे समझाते हुए कहा "...मेरे हिसाब से पेश किया गया मसौदा साबित करते हुए कहता है कि 'दिल्ली वालों जान लों केजरीवाल के कपाल को' ..." अपोला फिर खुश हो गया बोला "...वही तो केजरीवाल अध्ययन का विषय हैं ..." मैंने कहा "...अरे ये क्या कहते हो अपोला भाई इससे तो केजरीवाल खूनचुसवा जोक भी साबित हो सकते हैं ..." अपोला कनफ्यूज हो गया लेकिन बड़ी देर के बाद सहमति जताते हुए बोला "...शायद आपका कहना सही है ,,," मैंने पलट कर उससे पूछा "...फिर...?" अपोला उत्तर देते हुए बोला "...केजरीवाल जैसा ईमानदार नेता कोई नहीं है ये साबित हो गया ..." मैंने अपोले से कहा "...हाँ केजरीवाल लालू से गले मिलकर लालू को भी ईमानदार साबित कर ही दिया अपनी तरह ..." अपोला ये सुनते ही भड़क गया मुझसे पूछा "...अपनी तरह का क्या मतलब ...?" मैंने बड़े आराम से उसे उत्तर दिया "...चारा चबाने के उपलक्ष में लालू बेऊर जेल में ...लेकिन केजरीवाल..." अपोला बीच में ही चीखते हुए पूछा "...लेकिन केजरीवाल क्या ...?" मैंने शांति से उसका उत्तर दिया "...लेकिन केजरीवाल तिहाड़ में तगाड़ी धोना-ढोना नहीं चाहते..." अपोला चीखते हुए बोला "...ऐसा कुछ भी नहीं है ..." मैंने तपाक से पलट कर उससे पूछा "...क्यों ऐसा कुछ नहीं है एसीबी चीनी और प्याज घोटाले की जांच नहीं कर रही है क्या ...? अपोला बोला "....देखिएगा ये सारे आरोप गलत साबित होंगे ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...तीनपहिया टेम्पू के छत पर बैठकर तुरही तेरने से कोई विजेता साबित नहीं होता ..." अपोले को मेरा मुहावरा शायद समझ में नहीं आया इसलिए चुप रहा तो मैंने कहा "...तिहाड़ की तगाड़ी से बचने के लिए ये मसौदा ... केजरीवाल का संदेश 'जनलो - कपाल ' मेरा...!