Friday, 6 November 2015

चपरासी चोखा चौरासी रंग ....
सन्नी लियोन शाहरुख खान का मामा जहीर-उल-इस्लाम पाकिस्तानी इंटेलीजेन्स ISI का 2012 से 2014 तक मुखिया रह चुका है। ये सर्वविदित है कि पाकिस्तान में दाऊद इब्राहीम की सुरक्षा ISI के जिम्मे था और आज भी है। अभी 27 अक्टूबर को छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद एक तथ्य प्रमाणित हो गया कि बॉलीवुड मे बहुत बड़े पैमाने पर दाऊद का पैसा लगता है। 90 के दशक में ये चरम पर था जिस समय खान ने बालीवुड मे प्रवेश किया।
जिस दौर मे शाहरुख खान का बॉलीवुड में प्रवेश हुआ था उस दौरान दाऊद की मर्जी के बगैर वहाँ पत्ता भी नहीं हिलता था। जिसने पत्ता हिलाने की कोशिश की उसका पत्ता ही दुनिया से कट गया। टी-सीरीज़ के मालिक गुलशन कुमार की सारे आम नृशंस हत्या इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उस घटना के बाद बॉलीवुड हदस ही नहीं गया हमेशा के लिए सहम भी गया और दाऊद की तूती बोलने लगी। कहने की जरूरत नहीं हर फिल्म में दाऊद कैसे डाकादारी करता है। यहा हर फिल्म का मतलब हर फिल्म। ये महज संयोग नहीं है कि बालीवुड के जबरदस्त प्रोड्यूसर और विश्व के सर्वश्रेष्ट लाइज़ेनर माने जाने वाले अमर सिंह को बॉलीवुड छोडकर सक्रिय राजनीति में आना पड़ा। अद्भुत और विलक्षण अभिनय प्रतिभा के धनी ऋतिक रोशन को बॉलीवुड मे दूसरे प्रोड्यूसर और डाइरेक्टर ही नहीं मिलते हैं लिहाजा उनके पिता राकेश रोशन को ही ऋतिक रोशन के लिए फील्म प्रोड्यूस और डाइरैक्ट करना पड़ता है। उसी दौरान अमिताभ बच्चन की कंपनी ABCL भी यूं ही बर्बाद नहीं हुई उसके पीछे भी कृत्रिम ठोस कारण हैं। और भी बहुत से रोंगटे खड़े कर देने वाले उदाहरण हैं जो दिये जा सकते हैं।
आज की तारीख में भी दाऊद की मर्जी बॉलीवुड में चलती है जो एक टॉप-सीक्रेट इसी साल जुलाई के पहले हफ्ते में तब उजागर हो गया जब ये पता चला कि दीपिका पादुकोण दाऊद से मिलकर बॉलीवुड छोड़िए हॉलीवुड फिल्म में पैसा लगाने का अनुरोध कर डाला है ये जानते हुए भी कि अमेरिका जैसे देश में किसी आतंकवादी का किसी भी माध्यम से कहीं भी पैसा लगना नामुमकिन है। इससे आप समझ सकते हैं दाऊद की पैठ किस हद तक बॉलीवुड में है।
शाहरुख खान इतना प्रतिभावान नहीं हैं कि इस मुकाम पर हो। अभिनय के निमित्त किसी स्टूडियो का चपरासी बनने की भी शायद ही योग्यता रखने वाला आज बालीवुड मे जिस स्थिति में है उसके पीछे पूरी तरह दाऊद का वरदहस्त है जो ISI मे उसके मामा जहीर-उल-इस्लाम के इशारे पर थोपा गया। आज खान की पूरी मार्केटिंग दाऊद के इशारे पर होती है और जानबूझ कर अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, ऋतिक रौशन आदि अन्यों से हमेशा ऊपर रखने की कोशिश की जाती है। इसने काई बार ये स्वीकार किया भी है उसे सिर्फ काम चाहिए था फिल्म चले या न चले इससे मतलब नहीं, इसीलिए जो भी फिल्म मिली साइन करता चला गया। यही कारण है इसकी कई फिल्मे बुरी तरह फ्लॉप होने के बावजूद इसका कैरियर-ग्राफ बढ़ता ही रहा और बदले में दाऊद को मोटी रकम भी मिलती रही पाकिस्तान जाने के बावजूद और उसमे से पाकिस्तान भी हिस्सेदारी करता हो तो आश्चर्य मत करिएगा। इसीलिए चचाजान हाफिज़ सईद के बुलावे को इसने अस्वीकार नहीं किया। जब भी ये खान अमेरिका जाते हैं हमेशा इन सब को अमेरिकी एयरपोर्ट पर ही पूरी तरह नंगा कर के हवाई अड्डे पर ही घंटों डिटेन किया जाता है ये ठीक वैसी ही कार्यवाही है जो किसी व्यक्ति के आतंकवादी होने के संदेह पर किया जाता है।
“आजतक” चैनल पर ‘अंजना ओम कश्यप’ जिस तरह से जानबूझ कर ये जानते हुए भी कि इसके खिलाफ ईडी से तीसरी बार सम्मन जारी हुआ है चीखते हुए बार – बार ये घोषणा कर रही थी “...शाहरुख खान अपने बलबूते आगे बढ़े हैं...” और “न्यूज़ 24” पर मानक गुप्ता द्वारा खान को देश की शान घोषित करता रहा चीख- चीख कर अपने आप में बहुत बड़ा संदह पैदा करता है। और भी बहुत से चैनलों पर इसे दोहराया गया हो तो क्या आश्चर्य। अभी ये महज ट्रेलर भर है पूरी फिल्म तो अभी बाकी है जो पूरी जांच के बाद चलेगी....
इसलिए शाहरुख खान का विषय अपने आप में बहुत बड़े और अतिगंभीर जांच का विषय है जिससे पता चल सके कि और कितने शाहरुख खान आज सक्रिय हैं।

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