Sunday, 23 August 2015

DNA झक चमाचम, RNA चमन घुमाय ...

संसद का मानसून सत्र कांग्रेसी आतंकवाद का शिकार हो गया। खाँटी भाई कांग्रेसी बता रहे थे कि उनके नकली अध्यक्ष यानी उपाध्यक्ष जब से विपष्णा से लौटे हैं तभी से आतंकवाद को सीने चिपकाए लोट रहे हैं। लेकिन कमाल देखिये किसी भी सिक-उल्लूरिस्ट आतंकवादी ने अभी तक मानहानि का दावा नहीं ठोका बकलोल बबुआ के खिलाफ । वैसे भी बकलोल बबुआ इस्केप वेलोसिटी से लेकर इण्डिया के जेनेटिक इंजीनियरिंग पर लंबा चौड़ा लेक्चर झाड़ चुके है कुछ लोग जो कॉंग्रेस मे दिलचस्पी रखते हैं, बताते हैं कि वो अभी भी झाड रहे हैं। वैसे तो कॉंग्रेस का आतंकवादियों से DNA मैचिंग का खुलासा तो 26.11 के समय ही हो गया था जब अजमल कसाब चंपाया था  लेकिन उसकी पुष्टि तब हुई जब नावेद पकड़ मे आया। ये DNA मैचिंग बिहार होता हुआ केजरीवाल तक पहुंच चुका है इसी रिश्तेदारी के कारण आतंकवादियों ने बकलोल बबुआ के खिलाफ मुक़द्दमा नहीं ठोंका। मैंने एक खाँटी भाई कोंग्रेसी से इस बारे मे पूछा तो चिल्लाते हुए कहने लगे "...नावेद से हमारी कोई रिश्तेदारी नहीं है ..." मैंने पलट कर पूछा "...लेकिन नावेद की हरकतें तो काँग्रेस सहित सभी सिक-उल्लूरिष्टों से पूरी तरह क्यों मिलती हैं ...? खाँटी भाई काँग्रेसी ये सुनते ही तिलमिला गए फिर उन्होने पलट कर मुझसे पूछा "...आपका ये निष्कर्ष किस आधार पर है ...?" मैंने कहा "...वो भी काँग्रेस सहित सभी सिक-उल्लूरिस्टों की तरह ही बहुत डरपोंक है ..." खाँटी भाई ने फिर मुझसे पूछा "...ये आपको कैसे पता ...?" मैंने उनको संतुष्ट करते हुए कहा "...चर्चा ऐसी है कि पुलिस के अधिकारी बाल ठीक करने करने के लिए भी हाथ उठाते हैं तो नावेद चिल्लाने लगता है मुझे मत मारो-मुझे मत मारो मैं सबकुछ सच-सच बताता हूँ ठीक वैसे ही जैसे मोदी जी को देखकर काँग्रेस सहित सभी सिक-उल्लूरिस्टवे चिल्लाने लगते हैं ..." खाँटी भाई ये सुनकर और तिलमिला गए बोले "...हम सब सेकुलरिस्ट एक है वो चाहे नितीश हों, लालू हों, केजरीवाल हों या फिर कम्युनिस्टवे..." इसपर मैंने तपाक से कहा "...सिक-उल्लूरिस्ट आतंकवादियों को क्यों छोड़ रहे हैं? वैसे भी संसद सरकार एक कागज भी उठाती थी काँग्रेस सहित सभी सिक-उल्लूरिस्टों को लगता था कि कोई खतरनाक बिल है और वो चिल्लाना शुरू कर देते थे ...राजमा-ता तो आत्महत्या करने के इरादे से कुएं मे कूद गईं थीं..." खाँटी भाई दार्शनिक अंदाज मे बोले "...आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता ..." मैंने कहा "...वही तो मेरा कहना है आतंकवादी भी सिक-उल्लूरिस्ट ही होते हैं ..." खाँटी भाई खऊरा कर बोले "...आपको इंडिया का DNA नहीं पता ..." मैंने उस पर कहा "...भारत का DNA तो बहुत शानदार और जानदार है लेकिन सारे सिक-उल्लूरिस्टों  ने मिलकर RNA ही गड़बड़ कर दिया है लिहाजा बकलोल बबुआ को जेनेटिक इंजीनियरिंग सहित इस्केप वेलोसिटी पर ऊंघटापैन्ची करना पड़ रहा है संसद मे आतंक मचा कर..." इसके बाद खाँटी भाई कुछ बोले नहीं ....

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