Sunday, 30 August 2015

मन चंगा तो पटना में दरभंगा...
पार्ट 2
बिहार की राजनीति लाठी से हट कर लुआठी पर आ गई है। सारे सिक-उल्लूरिस्टवे भरसक प्रयास कर रहे हैं कि उस लुआठी से सर की टोपी न फुंकाए। ईसीलिए उसमे बड़े-बड़े टल्ली जिसमे ई-कामर्स ई-गवर्नमेंट की तर्ज पर ई-टल्ली भी शामिल हैं। जब ई-टल्लियों को देखने-सुनने बिहार जनता गांधी मैदान नहीं पहुंची तो टोपी को दोष देने के बजाय जिसे कोसने लगे वो तो कोसों दूर था। मैंने एक राजद पहलवान से इस बारे मे पूछा तो गुस्से मे कहने लगे "...आप लोग समझते क्यों नहीं ये ऐतिहासिक रैली थी..." मैंने कहा "...हम तो समझबे करते हैं लेकिन जनता समझे तब न ..." राजद पहलवान का गुस्सा फिर कम नहीं हुआ बोले "...बिहार जनता स्वाभिमानी है वो किसी के बहकावे मे नहीं आने वाली ..." मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...लेकिन आम-लीची का मौसम तो कबका चला गया कटहल भी पक कर पूरा बड़ा सा कटहर हो गया है ..." राजद पहलवान फिर तैश में आकर मुझसे पूछे "...आपका मतलब उसी कारण से जनता नहीं आई...?" मैंने फिस्स से हँसते हुए कहा "..आपे तो कह रहे हैं बिहार की जनता किसी के बहकावे मे नहीं आने वाली ..." ये सुन कर राजद पहलवान चौक गए फिर पूछा "...आपका मतलब क्या है ...?" मैंने फिस्स वाले हंसी के साथ उनसे पूछा "...बिहार की जनता का स्वाभिमान तो आमे-लीची है कटहलवो अब कटहर हो गया तो बचा ही क्या अब...?" तभी कहीं से टहलते हुए खाँटी भाई काँग्रेसी और जद्दू नेता भी आ धमके जद्दू नेता खुद को होशियार जताते हुए बोले "...बिहार की जनता का कोई अपमान करे ये जनता बर्दाश्त नहीं करेगी ..." मैंने जवाब देते हुए कहा "...हाँ इसीलिए तो कोआ खाने लोग आए नहीं ..." ये सुन कर जद्दू नेता खाऊरा गए उनको शांत करते हुए खाँटी भाई बोले "...देखिये बिहार की जनता का DNA का मुद्दा चुनावी नहीं होना चाहिए था ..." मैंने उनको याद दिलाते हुए कहा "...आपके आज के नकली अध्यक्ष यानी उपाध्यक्ष ने भारत के लोगों के DNA का मुद्दा उठाया था ...वैसे बिहार की जनता के DNA की बात नहीं बल्कि केवल ईटल्लियों के DNA का मुद्दा है ..." ये सुनते ही खाँटी भाई भी भड़क गए बोले "...हालांकि आपको इटली कहने का अधिकार नहीं इटली को ईटल्ली कहना आपकी हिमाकत है ..." मैंने भी खाँटी भाई को उसी टोन मे जवाब दिया कहा "...यहा पर जनता अब पाकल कटहर खाने नहीं आने वाली नजारा आपके सामने हैं.." ये सुन कर राजद पहलवान जैसे हिल गए लेकिन खुद को काबू करते हुए बोले "...देखिये बिहार मे हम सरकार बनाने जा रहे हैं ..." मैंने आश्चर्य जताते हुए कहा "...अच्छा लेकिन NDA को तो 140 से 180 के बीच सीटें मिलने जा रही है ...तो आप अल्पमत की सरकार बनाएँगे ...?" राजद पहलवान भड़क कर बोले "...हम ही सरकार बनाएँगे ...हम सीटें जीतेंगे ...हम ईमानदारी की वो मशाल हैं जो रास्ता दिखा दे ..." केजरीवाल छाप आदमी पीछे खड़ा था लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई कुछ बोलने की ... 

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