नेनुआं पूजे बीन-बीन, कोआ हई मोटाय ...
बिहारी बाबू घर के चौखटवे पर नेनुआं पूजने से बाज नहीं आ रहे...सदी के महा-नाई भी किसी जमाने मे नेनुआं का टेम्पू हाई करने उतरे थे लेकिन जल्दी उनको औकात का पता चल गया और लग गया कि नचनियों-गवनियों की मानसिक हैसियत नेनुआं पर तेल चुआने से अधिक नहीं होती और ऐसे लोगों को प्रतिभाशाली मान कर जो लोग पूजते है उनकी बुद्धि तो दऊरी मे नेनुआं से अधिक नहीं। बिहारी बाबू जब अपने चौखट पर नेनुआं पूज रहे थे तभी किसी ने पीछे से कोई बहुत बड़ा सा कोआ फेक कर भाग गया। बिहारी बाबू के पीठ पर गद्द से लगा भी लेकिन वो ऐसे हैं कि इसे बुरा नहीं माना, भाई बड़े दिल वाले हैं। मैंने बिहारी बाबू से पूछा तो चीखते हुए बोले "...ओए! मैं बड़े दिल का नहीं, बहुत छोटे दिल का हूँ ..." वहीं एक जाफना से लौटा आदमी भी था उनकी आवाज का कायल रजनीकान्त इस्टाईल मे टिप्पणी करते हुए पूछा "...आईयो ! आपका दिल कबसे चोट्टा जी ...?" बिहारी बाबू चौंक गए असलियत सामने आ गई अनजाने ही सही "...ओए ! ...." अभी वो आगे कुछ कहते तभी मैंने एक डायलाग दाग दिया अपने इस्टाईल मे "...जली को बत्ती कहते हैं बुझी को लिट्टी कहते हैं ..." तभी जाफना बाबू बोल पड़े "...आईयो ! जिसका पेट उल्टा उसको कट्टी करते जी ..." बिहारी बाबू खऊरा कर चिल्लाए "...ओए ! हमारी पीठ पर कोआ गद्द से लगा फिर भी कोआ नहीं फूटा ..." मैंने बिहारी बाबू से पूछा "...तो..." बिहारी बाबू चिघ्घाड़ते हुए बोले "...ओए ! तो किसकी इतनी मजाल कोआ फूटा नहीं और हमको गद्दार कह दे ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...वो आपकी पीठ पर गद्द से लगा था न इसलिए ..." बिहारी बाबू चिल्लाए "...ओए ! कोआ पीठ पर गद्द से लगा जरूर लेकिन मैंने कोआ खाया तो नहीं..." मैंने कहा "...तो आप कोआ फेकने वाले पर खऊराए क्यों नहीं ..." तभी जाफना बाबू बोले "..आईयो ! कोआ खा के गद्दा पर नई सोना जी ..." बिहारी बाबू बोले "...ओए! तो क्या गद्दा पर सोना भी गद्दारी ...." जाफना बाबू बोले "...आईयो ! वो गद्द-गद्द करता इसलिए जी ...कोआ खा के गद्दा पर नई सोना जी ...पेट उल्टा जी ..." तभी जफना बाबू जयललिता के फिल्म का गाना गुनगुनाते हुए नेनुआं पूजने की प्रक्रिया शुरू करने लगे और बिहारी बाऊ पता नहीं किसको फोन लगाने लगे सबसे छिप कर ...मैंने जफना बाबू से कहा "...बिहारी जयललिता को पसंदे नहीं करते बेकार मे बिहारी बाऊ कोआ खाने के पीछे पड़े हैं ..." जफना बाबू जयललिता के फिल्म का गाना गुंनगुनाते रहे ....
बिहारी बाबू घर के चौखटवे पर नेनुआं पूजने से बाज नहीं आ रहे...सदी के महा-नाई भी किसी जमाने मे नेनुआं का टेम्पू हाई करने उतरे थे लेकिन जल्दी उनको औकात का पता चल गया और लग गया कि नचनियों-गवनियों की मानसिक हैसियत नेनुआं पर तेल चुआने से अधिक नहीं होती और ऐसे लोगों को प्रतिभाशाली मान कर जो लोग पूजते है उनकी बुद्धि तो दऊरी मे नेनुआं से अधिक नहीं। बिहारी बाबू जब अपने चौखट पर नेनुआं पूज रहे थे तभी किसी ने पीछे से कोई बहुत बड़ा सा कोआ फेक कर भाग गया। बिहारी बाबू के पीठ पर गद्द से लगा भी लेकिन वो ऐसे हैं कि इसे बुरा नहीं माना, भाई बड़े दिल वाले हैं। मैंने बिहारी बाबू से पूछा तो चीखते हुए बोले "...ओए! मैं बड़े दिल का नहीं, बहुत छोटे दिल का हूँ ..." वहीं एक जाफना से लौटा आदमी भी था उनकी आवाज का कायल रजनीकान्त इस्टाईल मे टिप्पणी करते हुए पूछा "...आईयो ! आपका दिल कबसे चोट्टा जी ...?" बिहारी बाबू चौंक गए असलियत सामने आ गई अनजाने ही सही "...ओए ! ...." अभी वो आगे कुछ कहते तभी मैंने एक डायलाग दाग दिया अपने इस्टाईल मे "...जली को बत्ती कहते हैं बुझी को लिट्टी कहते हैं ..." तभी जाफना बाबू बोल पड़े "...आईयो ! जिसका पेट उल्टा उसको कट्टी करते जी ..." बिहारी बाबू खऊरा कर चिल्लाए "...ओए ! हमारी पीठ पर कोआ गद्द से लगा फिर भी कोआ नहीं फूटा ..." मैंने बिहारी बाबू से पूछा "...तो..." बिहारी बाबू चिघ्घाड़ते हुए बोले "...ओए ! तो किसकी इतनी मजाल कोआ फूटा नहीं और हमको गद्दार कह दे ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...वो आपकी पीठ पर गद्द से लगा था न इसलिए ..." बिहारी बाबू चिल्लाए "...ओए ! कोआ पीठ पर गद्द से लगा जरूर लेकिन मैंने कोआ खाया तो नहीं..." मैंने कहा "...तो आप कोआ फेकने वाले पर खऊराए क्यों नहीं ..." तभी जाफना बाबू बोले "..आईयो ! कोआ खा के गद्दा पर नई सोना जी ..." बिहारी बाबू बोले "...ओए! तो क्या गद्दा पर सोना भी गद्दारी ...." जाफना बाबू बोले "...आईयो ! वो गद्द-गद्द करता इसलिए जी ...कोआ खा के गद्दा पर नई सोना जी ...पेट उल्टा जी ..." तभी जफना बाबू जयललिता के फिल्म का गाना गुनगुनाते हुए नेनुआं पूजने की प्रक्रिया शुरू करने लगे और बिहारी बाऊ पता नहीं किसको फोन लगाने लगे सबसे छिप कर ...मैंने जफना बाबू से कहा "...बिहारी जयललिता को पसंदे नहीं करते बेकार मे बिहारी बाऊ कोआ खाने के पीछे पड़े हैं ..." जफना बाबू जयललिता के फिल्म का गाना गुंनगुनाते रहे ....
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