लीलै धोति गज़ब नूरानी, मारहिं लात पावहि अनजानी....?
लालू नितीश सहित भ्रष्टाचार का झण्डा बुलंद करने वाले जनता परिवार का DNA केजरीवाल मे इतनी सहजता से मिलेगा इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। मिलेगा ये तो सबको पता था लेकिन इतनी सहजता से, इसकी उम्मीद सिवाय मेरे किसी और को उम्मीद नहीं थी। इसीलिए मैंने 13 फरवरी 2015 को ही कह दिया था "...केजरीवाल स्वभाविक रूप से भ्रष्टाचारियों और भ्रष्टाचार का नेतृत्व करेंगे..."। इसके साथ-साथ सभी अपनी स्वभाविक वृत्ति के प्रदर्शन के लिए स्वभाविक हरकत भी करेंगे। केजरीवाल लोगों के पिछवाड़ा खोज कर बड़े आराम से और बिल्कुल सही जगह पर लात इतना ज़ोर से और कायदे से लात मारते हैं कि लात खाने वाला लतख़ोर के पास पलटवार करने का कोई उपाय नहीं होता और साथ ही जिंदगी भर केजरीवाल के लात को याद भी रखता है । पिछवाड़ा खोजने मे केजरीवाल माहिर हो चुके हैं जिसका प्रदर्शन अभी कुछ दिन पहले प्रशांत भूषण, योगेंदर यादव किसी जमाने मे बड़े ही अनन्य रहे प्रोफेसर साहब और भी बहुत से बेहद करीबी लोगों पर आजमाया और सफलतापूर्वक आजमाया। एक आपिया बहुतबुद्धिमान बता रहे थे "...करीबी लोगों का पिछवाड़ा हमेशा अपने पास रखना चाहिए..." मैंने उनसे आश्चर्य से स्पष्टीकरण लिया"...आप उसके अपवाद नहीं तो नहीं न "...आपिया बहुतबुद्धिमान ने उत्तर दिया "...जी हम और आपिया सुप्रीमो ठीक बराबर लेन-देन पर काम करते हैं..." मैंने कहा "...लेकिन कभी मुन्ना हज़ारे तो केजरीवाल को उनके पिछवाड़े लात मार पाए ..." आपिया बहुतबुद्धिमान हँसते हुए बोले "...लात मारने मे केजरीवाल माहिर हैं हज़ारे -खुजारे नहीं..." मैंने उनसे पूछा "..लेकिन इसके बावजूद आप-ने हज़ारे जी की टोपी झटक ली...?" आपिया बहुतबुद्धिमान बोले "...ये उनकी टोपी नहीं है ..." मैंने कहा "...अगर टोपी का क्लोन नहीं है तो निश्चित रूप से धोती फाड़ के ये आपिया टोपी बनी है ...?" मेरी बात सुन कर आपिया बहुतबुद्धिमान बिना असहज हुए बड़ी निर्लज्जता से बोले "...वो धोती ऐसी है कि उसके फटने इज्जत पर कोई असर नहीं होता ..." मैंने कहा "...मुन्ना हज़ारे को केजरीवाल जब लतियाए थे तब उतने एक्सपर्ट नहीं थे लेकिन ..." आपिया बहुतबुद्धिमान बीच मे बात काटते हुए बोले "...लेकिन क्या ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...लेकिन मुन्ना हज़ारे लात खाने मे माहिर निकले धोती फट कर टोपी बनने के बावजूद ..." आपिया बहुतबुद्धिमान से रहा नहीं गया "...बहुत जल्द आप युक्त भारत होगा ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...केजरीवाल ने मुन्ना हज़ारे, योगेंदरादि, जन लोकपालादि को लात मार कर ठिकाने लगा दिया है उसके बाद नीतीश लालू की बारी है ..उसके बाद बिहार की जनता की बारी आएगी लात खाने की ...दिल्ली की जनता तो लात खा ही रही है ...." आपिया बहुतबुद्धिमान मुझे घूरने लगे तो मैंने वहाँ से भाग लेना बेहतर समझा ...
लालू नितीश सहित भ्रष्टाचार का झण्डा बुलंद करने वाले जनता परिवार का DNA केजरीवाल मे इतनी सहजता से मिलेगा इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। मिलेगा ये तो सबको पता था लेकिन इतनी सहजता से, इसकी उम्मीद सिवाय मेरे किसी और को उम्मीद नहीं थी। इसीलिए मैंने 13 फरवरी 2015 को ही कह दिया था "...केजरीवाल स्वभाविक रूप से भ्रष्टाचारियों और भ्रष्टाचार का नेतृत्व करेंगे..."। इसके साथ-साथ सभी अपनी स्वभाविक वृत्ति के प्रदर्शन के लिए स्वभाविक हरकत भी करेंगे। केजरीवाल लोगों के पिछवाड़ा खोज कर बड़े आराम से और बिल्कुल सही जगह पर लात इतना ज़ोर से और कायदे से लात मारते हैं कि लात खाने वाला लतख़ोर के पास पलटवार करने का कोई उपाय नहीं होता और साथ ही जिंदगी भर केजरीवाल के लात को याद भी रखता है । पिछवाड़ा खोजने मे केजरीवाल माहिर हो चुके हैं जिसका प्रदर्शन अभी कुछ दिन पहले प्रशांत भूषण, योगेंदर यादव किसी जमाने मे बड़े ही अनन्य रहे प्रोफेसर साहब और भी बहुत से बेहद करीबी लोगों पर आजमाया और सफलतापूर्वक आजमाया। एक आपिया बहुतबुद्धिमान बता रहे थे "...करीबी लोगों का पिछवाड़ा हमेशा अपने पास रखना चाहिए..." मैंने उनसे आश्चर्य से स्पष्टीकरण लिया"...आप उसके अपवाद नहीं तो नहीं न "...आपिया बहुतबुद्धिमान ने उत्तर दिया "...जी हम और आपिया सुप्रीमो ठीक बराबर लेन-देन पर काम करते हैं..." मैंने कहा "...लेकिन कभी मुन्ना हज़ारे तो केजरीवाल को उनके पिछवाड़े लात मार पाए ..." आपिया बहुतबुद्धिमान हँसते हुए बोले "...लात मारने मे केजरीवाल माहिर हैं हज़ारे -खुजारे नहीं..." मैंने उनसे पूछा "..लेकिन इसके बावजूद आप-ने हज़ारे जी की टोपी झटक ली...?" आपिया बहुतबुद्धिमान बोले "...ये उनकी टोपी नहीं है ..." मैंने कहा "...अगर टोपी का क्लोन नहीं है तो निश्चित रूप से धोती फाड़ के ये आपिया टोपी बनी है ...?" मेरी बात सुन कर आपिया बहुतबुद्धिमान बिना असहज हुए बड़ी निर्लज्जता से बोले "...वो धोती ऐसी है कि उसके फटने इज्जत पर कोई असर नहीं होता ..." मैंने कहा "...मुन्ना हज़ारे को केजरीवाल जब लतियाए थे तब उतने एक्सपर्ट नहीं थे लेकिन ..." आपिया बहुतबुद्धिमान बीच मे बात काटते हुए बोले "...लेकिन क्या ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...लेकिन मुन्ना हज़ारे लात खाने मे माहिर निकले धोती फट कर टोपी बनने के बावजूद ..." आपिया बहुतबुद्धिमान से रहा नहीं गया "...बहुत जल्द आप युक्त भारत होगा ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...केजरीवाल ने मुन्ना हज़ारे, योगेंदरादि, जन लोकपालादि को लात मार कर ठिकाने लगा दिया है उसके बाद नीतीश लालू की बारी है ..उसके बाद बिहार की जनता की बारी आएगी लात खाने की ...दिल्ली की जनता तो लात खा ही रही है ...." आपिया बहुतबुद्धिमान मुझे घूरने लगे तो मैंने वहाँ से भाग लेना बेहतर समझा ...
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