इस्केप वेलोसिटी तान के ...चूहा सूंढ उठाय
बकलोल बबुआ को इंतजार है अगले 6 महीने का क्योकि उसे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है 56 इंच की छाती 5.6 इंच में बदल जाएगी। बहुत दिन नहीं हुए जब चुनावों में इसने इस्केप वेलोसिटी का अद्भुत नायाब कान्सैप्ट दिया था। उसके खाँटी भाई चेले उस कान्सैप्ट को ऐसा पेश कर रहे थे जैसे मानो नासा से खुद एलियन का अवतार हुआ है और उस सिद्धान्त की बदौलत वाकई कॉंग्रेस का उसी इस्केप वेलोसिटी से चुनाव जीत जाएगी। वाकई उसका असर हुआ लेकिन क्या करें बकलोल बबुआ जब कॉंग्रेस की गाड़ी ही रिवर्स गेयर में थी 208 से घट कर 44 पर आ गए। वैसे एक खाँटी भाई कोंग्रेसी बता रहे थे "...देखियेगा ऐसा ही होगा जैसा राहुल जी कह रहे हैं ..." मैंने उनसे पूछा "...अभी तक तो वो खगोल भौतिकी के रिसर्चर बने फिर रहे थे शायद उस समय वो अपनी राजमा-ता के साथ अमेरिका के नासा में विपशना करके आए थे लेकिन अब ...?" खाँटी भाई बोले "...उसका असर उल्टा हो गया था लिहाजा अबकी बार थाईलैंड गए थे ..." मैंने कहा "...शायद इसीलिए उनकी नजर कहीं और के बजाय छाती पर अभी तक टिकी हुई है ...!" खाँटी भाई को बड़ा अजीब सा लगा असहजता को छिपाते हुए बोले "...देखिये ऐसा नहीं है ..." मैंने कहा "...ऐसा नहीं है तो फिर छती पर से नजर अब तो कम से कम हट जानी चाहिए ..." खाँटी भाई बोले "...देखिये ये नीतिगत बात है हम आकलन करके बैठे हैं और उसी आधार पर राहुल जी ने ऐसा कहा है ..." मैंने मुसकुराते हुए तारीफ करने के अंदाज में कहा "...अच्छा ! भाई वाह हम तो भूल ही गए थे कि खगोल भौतिक शास्त्री एक बहुत बढ़िया गणितज्ञ भी होता है ..." खाँटी भी खुश हो गए बोले "...हाँ वो तो है ..." मैंने कहा "...208 से घट कर 44 मतलब आपके कोंग्रेसी रिवर्स इस्केप वेलोसिटी के फार्मूले के अनुसार 8/2 = 4 और इस्केप वेलोसिटी को जोड़ दें तो डबल 4 मतलब पूरे 44 ..." खाँटी भाई मुझे आश्चर्य से देखते रह गए कुछ बोल नहीं पाए तो मैंने पूछा "...तो बताईए 56 कैसे 5.6 में बदल जाएगा 6 महीने में ...?" खाँटी भाई बोले "...देखिये ये एक आकलन है और ठोस आकलन है ऐसा हो के रहेगा ..." मैंने उनसे कहा "...देखिये सीधा गणित है मोदी जी ने इस्केप वेलोसिटी का फार्मूला नहीं लगाया तो 56 का अर्थ हुआ 5 x 6 = 300 और 2014 में मतलब 300 का एकांक 3 तो सीधे गणित के हिसाब से हुआ डबल 3 और 3+3 = 336 ... तो अब बताईए 5.6 कैसे आएगा ? " खाँटी भाई बकलोल बबुआ खिलाफ कुछ बुदबुदाने लगे तो मैंने कहा नमस्कार ...
बकलोल बबुआ को इंतजार है अगले 6 महीने का क्योकि उसे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है 56 इंच की छाती 5.6 इंच में बदल जाएगी। बहुत दिन नहीं हुए जब चुनावों में इसने इस्केप वेलोसिटी का अद्भुत नायाब कान्सैप्ट दिया था। उसके खाँटी भाई चेले उस कान्सैप्ट को ऐसा पेश कर रहे थे जैसे मानो नासा से खुद एलियन का अवतार हुआ है और उस सिद्धान्त की बदौलत वाकई कॉंग्रेस का उसी इस्केप वेलोसिटी से चुनाव जीत जाएगी। वाकई उसका असर हुआ लेकिन क्या करें बकलोल बबुआ जब कॉंग्रेस की गाड़ी ही रिवर्स गेयर में थी 208 से घट कर 44 पर आ गए। वैसे एक खाँटी भाई कोंग्रेसी बता रहे थे "...देखियेगा ऐसा ही होगा जैसा राहुल जी कह रहे हैं ..." मैंने उनसे पूछा "...अभी तक तो वो खगोल भौतिकी के रिसर्चर बने फिर रहे थे शायद उस समय वो अपनी राजमा-ता के साथ अमेरिका के नासा में विपशना करके आए थे लेकिन अब ...?" खाँटी भाई बोले "...उसका असर उल्टा हो गया था लिहाजा अबकी बार थाईलैंड गए थे ..." मैंने कहा "...शायद इसीलिए उनकी नजर कहीं और के बजाय छाती पर अभी तक टिकी हुई है ...!" खाँटी भाई को बड़ा अजीब सा लगा असहजता को छिपाते हुए बोले "...देखिये ऐसा नहीं है ..." मैंने कहा "...ऐसा नहीं है तो फिर छती पर से नजर अब तो कम से कम हट जानी चाहिए ..." खाँटी भाई बोले "...देखिये ये नीतिगत बात है हम आकलन करके बैठे हैं और उसी आधार पर राहुल जी ने ऐसा कहा है ..." मैंने मुसकुराते हुए तारीफ करने के अंदाज में कहा "...अच्छा ! भाई वाह हम तो भूल ही गए थे कि खगोल भौतिक शास्त्री एक बहुत बढ़िया गणितज्ञ भी होता है ..." खाँटी भी खुश हो गए बोले "...हाँ वो तो है ..." मैंने कहा "...208 से घट कर 44 मतलब आपके कोंग्रेसी रिवर्स इस्केप वेलोसिटी के फार्मूले के अनुसार 8/2 = 4 और इस्केप वेलोसिटी को जोड़ दें तो डबल 4 मतलब पूरे 44 ..." खाँटी भाई मुझे आश्चर्य से देखते रह गए कुछ बोल नहीं पाए तो मैंने पूछा "...तो बताईए 56 कैसे 5.6 में बदल जाएगा 6 महीने में ...?" खाँटी भाई बोले "...देखिये ये एक आकलन है और ठोस आकलन है ऐसा हो के रहेगा ..." मैंने उनसे कहा "...देखिये सीधा गणित है मोदी जी ने इस्केप वेलोसिटी का फार्मूला नहीं लगाया तो 56 का अर्थ हुआ 5 x 6 = 300 और 2014 में मतलब 300 का एकांक 3 तो सीधे गणित के हिसाब से हुआ डबल 3 और 3+3 = 336 ... तो अब बताईए 5.6 कैसे आएगा ? " खाँटी भाई बकलोल बबुआ खिलाफ कुछ बुदबुदाने लगे तो मैंने कहा नमस्कार ...
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