Thursday, 25 June 2015

कटहर पर कांव-कांव, लीची आम पाहुनाय ....

इशरत के ताऊ और टोपोरियत का झण्डा बुलंद करते करते आलम ये है कटहर पर जवानी न्योछवार हो रही है। एक तो बेऊर जेल का बदहवासी ऐसी कि पड़ोसी जब लोटा ले के मैदान जाए तो लोटा का पानी सूख जाए...लगे हाथ जब उसी पानी से भीग जाए तो कहते हैं "...तिहाड़ जेल मे डलवा देंगे ..."। पता चला इशरत के पापा ऐसा और ताऊ दोनों मिल के ऐसा रखवाली करेंगे कि लोटा तो बहुत दूर की बात है लीची आम का पानी भी नहीं झुराने पाएगा। कटहर का बात छोड़िए वो तो ऐसा है कि अब जब तक उसपर बैठेंगे नहीं काम नहीं चलने वाला। बहुत लोगों ने राय दी कि लीची का मोह त्याग दीजिये उसका कांटा भी कटहर जैसा नहीं होता लेकिन मजा तो मजा है बेऊर से कम मजा नहीं। एक ठो चमचा चिल्लाया "...लालू जी अभी भी नेता हैं..." मैंने उनसे पूछा  "...लालू जी नेता हैं तो फिर टीस किस बात की है ...?" चमचा जी बोले "...कोई टीस नहीं है बस सांप्रदायिक ताकतों के हमारी जंग है ..." मैंने उनसे कहा "...तो जंग में जेल में बंद करना जरूरी है सांप्रदायिक ताकतों को ...?"  चमचा जी बोले "....हमारी राजनीति का यही उद्देश्य है ..." मैंने उनसे कहा "...लगता है आम, लीची खा कर और कटहर पर बैठकर लालू जी ताकत बढ़ा रहे हैं...." चमचा जी बोले "...अब हमको ताकने की जरूरत नहीं है...." मैंने उन पर तंज़ कसते हुए पूछा "...ताकेंगे नहीं तो ताकत कैसे बढ़ेगा ...बिना टीस के हूक नहीं उठती..." चमचा जी आराम से उत्तर देते हुए बोले ",,,नितीश जी हमारे नेता होगे बिहार में ..." मैंने कहा "...अभी तो आप लालू जी का नाम ले रहे थे ...लागता है टीस बहुत गहरी है ..." चमचा जी बोले "...लालू जी बहुत बड़े नेता हैं..." मैंने भी टांट कसते हुए कह दिया "...नितीश मुख्यमंत्री और लालू प्रधान मंत्री ...वाकई कटहर पर बैठने से बहुत ताकत आती है ..." चमचा जी को समझ में नहीं आया वो बोले "...लालू जी को कोआ बहुत पसंद है ..." मैंने उनसे कहा "...हाँ वो तो लगता ही है उसी कोआ के लिए तो मारामारी है ..." चमचा जी बोले "...हम सौहार्द्र की राजनीति करते हैं एक विधायक को हमने गिरफ्तार कर लिया ..." मैंने उनसे कहा "...बहुत बहुत बधाई लगता है लालू जी पीएम बनकर सांप्रदायिक ताकतों को तिहाड़ मे बंद कर ही देंगे ...." चमचा जी बोले "...बस आप देखते रहिए बिहार चुनाव के लालू जी का प्रधानमंत्री बनना निश्चित है ..." मैंने आपको बहुत बहुत बधाई ...चमचा जी खुश हो गए।  

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