पिल्ला चुम चुम चीं, गदहा धाँय-धाँय
कुत्तारोची से हराम का मीट चांपने वाले खाँटी भाई कोंग्रेसी लोगों को ये कभी नहीं सुहाएगा कि कोई यूं ही उनके सामने से लोटा ले के निकल जाए, लोटा उल्टा करके उस पर लहसुन झुरवाने की बात तो बड़े दूर की है। एक खाँटी भाई अपने बकलोल आपियों को अपने काँख में दबाए घूम रहे हैं। कोई बता रहा था कि केजरीवाल इस सामय लाल चल रहे हैं। बड़े अरमानों से तू-मर को पाला था बहुत ज-तन कर रहे थे और कुछ लोगों से करवा भी रहे थे इसीलिए सबसे पहले कोई तू-मर के लिए कोई जिंदा कूदा था तो वो विष-वास ही था धरना-धरान पर उतारू हो गया था, लोगों को पूरा विश्वास है अभी और 2-3 दर्जन दुर्जन तू-मरो को पुलिस असली डिक्री से नवाजेगी। केजरीवाल के बारे में तो मेरा शुरू से मानना रहा है ये आदमी स्वतंत्र भारत का सबसे भ्रष्ट इंसान है। इसने भ्रष्टाचार को चरम पर पहुंचा रखा है बस उसी को छिपाने के लिए अपने चहेते अधिको को तैनात करना इसकी मजबूरी बनती जा रही है लेकिन मोदी हैं कि न खा हैं और न खाने दे रहे हैं यही खुन्नस है गब्बर केजरीवाल की। वरना बिहार, यूपी और यूके के पुलिस से भ्रष्टाचार रुकेगा ? एक आपिया बता रहा था कि केजरीवाल को तो मज़ाक बनना भी नहीं आता। दरअसल चोरकटई पर कैसे लीपापोती करके खुद बचाया जाए ये बिहार, यूपी और यूके पुलिस से बढ़िया कोई पुलिस नहीं जानती ये बखूबी केजरीवाल जानते है मामला बस यही है निजी सचिव का करनाम उजागर हो ही गया आखिर ...चर्चा ये भी है केजरीवाल सारे भ्रष्टों को फोकट में थोड़े न बचा रहे होंगे।
खैर, ये तो खाँटी भाई हैं भोपाल के गैस से भोकाल छोडते लाज नहीं आ रही वरना चुल्लू जो उन्होने ने राजमा-ता और बकलोल बबुआ के पार शुरू से गिरवी रखी है वो कबकी सक्रिय हो चुकी होती। एक खाँटी चुल्लूधारी से मैंने पूछा "...ये चुल्लू कहाँ से ..." खाँटी भाई घबरा गए फिर भी बोले "...केजरीवाल की इतनी हिम्मत नहीं हमे लटका दे..." मैंने खाँटी भाई से पूछा "... चुल्लू का उपयोग मुक्ति के बजाय मुंह छुपाने के लिए क्यों नहीं करते ....?? खाँटी भाई उत्तर देते हुए बोले "...इसीलिए राजमा-ता हम लोगों का मार्ग दर्शन करती रहती हैं ..." मैंने आश्चर्य से पूछा "...डिग्गी का भी ...?" ये सुनते ही खाँटी भाई आग बबूला हो गए ....जिंदाबाद ....जिंदाबाद के नारे लगाने लगाने... लगे चीखने लगे आस-पास आपिए मंडराने लगे तो मैंने भी वहाँ से खिसक लेना उचित समझा।
कुत्तारोची से हराम का मीट चांपने वाले खाँटी भाई कोंग्रेसी लोगों को ये कभी नहीं सुहाएगा कि कोई यूं ही उनके सामने से लोटा ले के निकल जाए, लोटा उल्टा करके उस पर लहसुन झुरवाने की बात तो बड़े दूर की है। एक खाँटी भाई अपने बकलोल आपियों को अपने काँख में दबाए घूम रहे हैं। कोई बता रहा था कि केजरीवाल इस सामय लाल चल रहे हैं। बड़े अरमानों से तू-मर को पाला था बहुत ज-तन कर रहे थे और कुछ लोगों से करवा भी रहे थे इसीलिए सबसे पहले कोई तू-मर के लिए कोई जिंदा कूदा था तो वो विष-वास ही था धरना-धरान पर उतारू हो गया था, लोगों को पूरा विश्वास है अभी और 2-3 दर्जन दुर्जन तू-मरो को पुलिस असली डिक्री से नवाजेगी। केजरीवाल के बारे में तो मेरा शुरू से मानना रहा है ये आदमी स्वतंत्र भारत का सबसे भ्रष्ट इंसान है। इसने भ्रष्टाचार को चरम पर पहुंचा रखा है बस उसी को छिपाने के लिए अपने चहेते अधिको को तैनात करना इसकी मजबूरी बनती जा रही है लेकिन मोदी हैं कि न खा हैं और न खाने दे रहे हैं यही खुन्नस है गब्बर केजरीवाल की। वरना बिहार, यूपी और यूके के पुलिस से भ्रष्टाचार रुकेगा ? एक आपिया बता रहा था कि केजरीवाल को तो मज़ाक बनना भी नहीं आता। दरअसल चोरकटई पर कैसे लीपापोती करके खुद बचाया जाए ये बिहार, यूपी और यूके पुलिस से बढ़िया कोई पुलिस नहीं जानती ये बखूबी केजरीवाल जानते है मामला बस यही है निजी सचिव का करनाम उजागर हो ही गया आखिर ...चर्चा ये भी है केजरीवाल सारे भ्रष्टों को फोकट में थोड़े न बचा रहे होंगे।
खैर, ये तो खाँटी भाई हैं भोपाल के गैस से भोकाल छोडते लाज नहीं आ रही वरना चुल्लू जो उन्होने ने राजमा-ता और बकलोल बबुआ के पार शुरू से गिरवी रखी है वो कबकी सक्रिय हो चुकी होती। एक खाँटी चुल्लूधारी से मैंने पूछा "...ये चुल्लू कहाँ से ..." खाँटी भाई घबरा गए फिर भी बोले "...केजरीवाल की इतनी हिम्मत नहीं हमे लटका दे..." मैंने खाँटी भाई से पूछा "... चुल्लू का उपयोग मुक्ति के बजाय मुंह छुपाने के लिए क्यों नहीं करते ....?? खाँटी भाई उत्तर देते हुए बोले "...इसीलिए राजमा-ता हम लोगों का मार्ग दर्शन करती रहती हैं ..." मैंने आश्चर्य से पूछा "...डिग्गी का भी ...?" ये सुनते ही खाँटी भाई आग बबूला हो गए ....जिंदाबाद ....जिंदाबाद के नारे लगाने लगाने... लगे चीखने लगे आस-पास आपिए मंडराने लगे तो मैंने भी वहाँ से खिसक लेना उचित समझा।
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