Monday, 18 May 2015

पुनि-पुनि खोखा पुनि-पुनि धोखा ... मचावे जंग

वैसे तो परंपरा है सर पर कफन बांध के चलाने की लेकिन देखिये आपिए सर पर लंगोट बांध के चीखते हुए चल रहे हैं। कुछ लोगों को आपत्ति है तो आपिए बोल रहे हैं अपनी इज्जत के बाजाय दूसरों की इज्जत का हवाला दे रहे हैं। मैंने एक आपिए से पूछा तो चीखने लगा, बोला "...ये सब संवैधानिक नहीं है ..." मैंने उससे पलट के पूछा "...तो इसका मतलब सर लंगोटी बांध के घूमोगे ...?" आपीय बुद्धिमत्ता वाला तर्क देते हुए बोला "...ताकत बाजुओं में नहीं दिमाग में होती है ..." उसका तर्क सुन के मुझे अच्छा लगा सो मैंने हँसते हुए कहा "...हाँ वो तो है लेकिन एक समस्या है ..." आपिया बोला "...क्या ...?" मैंने कहा "...इज्जत का ठेका किसी और को कैसे दोगे ..." आपिया बोला "...इसमे कोई समस्या नहीं बहुत से लोग हैं और लाइन में लगे हैं..." मैंने कहा "...मुन्ना हज़ारे की स्कॉर्पियो जो 12 लाख की थी 9 लाख में बिकी है जिसे नीलामी कहा जा रहा है ..." आपिया तुनक कर बोला "...उससे हमको क्या ..." मैंने कहा "...मुन्ना हज़ारे खुद को भी उसी मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं ..." आपिया असहज होने लगा लेकिन खुद को संभालते हुए बोला "...हम सस्ती राजनीति नहीं करते ..." मैंने उसपर सवाल करते हुए कहा "...तो फिर दिल्ली में LG और सैमसंग की लड़ाई में कितने अरब डालर का निवेश हुआ है ...?" आपिया बोला "...वो लड़ाई पैसो की नहीं संवैधानिक अधिकार की है ..." मैंने टिप्पणी करते हुए कहा "... मतलब इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है ...!" आपिया अपनी पीठ ठोकते हुए बोला "...हम इतिहास दोहराते नहीं रचते हैं ..." मैंने कहा "...वैसे ऐसे ऐसे इतिहास बहुत रचे जाते हैं और 2014 लोकसभा चुनाव में भी आपियों ने इतिहास रचा ही था  ..." ये सुन के आपिया बहुत असहज हो गया बोला "...फिर भी हम दिल्ली का चुनाव जीते बहुत शानो- शौकत से जीते ..." मैंने इस पूछ "...तो इसलिए एलजी-सैमसंग की लड़ाई बढ़ती ही जा रही है..." आपिया बोला "...वो हमको काम ही नहीं करने दिया जा रहा है ..." मैंने कहा "...ये आपको पता भी है कि काम होगा कैसे ...!"   आपिया बोला "...इसीलिए हम ज़ोर लगा रहे हैं ..." मैंने कहा "...हाँ इतिहास रचने और दोहराने के लिए सर पे लंगोटी बांधना जरूरी है ..." मैंने आगे उससे पूछा "... वैसे इस बार वास्तव में दिल्ली वाले चाहते हैं कि आप 49 दिन वाला इतिहास दोहराएँ ... दिल्ली की जनता बहुत दुआएं देगी..." आपिया कपार खजुआने लगा तो मैंने कहा नमस्कार।

No comments:

Post a Comment