कैसे फूटे अंडा...जब लगे भैंस पुछिन्डा
"...हिम्मत कैसे हुई भैंस को अंडा मारने की...?" भैंस का मालिक चीखा तो अंडा मारने वाले ने माफी मांग ली तो इस पर मालिक शांत होने के बजाय और चीखा बोला "...तेरे माफी क्या मैं क्या करूं...?" अंडा मारने वाले ने कहा "...मेरे माफीनामे को मढ़वा के दीवार पर टांग ले ..." भैंस वाले को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई वो फिर चीखा "...इससे क्या होगा ...?" अंडा मारने वाले भैंस वाले से तपाक से पूछा "...तू क्या होने की उम्मीद करता है ...?" भैंस वाला बोला "...इस भैंस ने बहुत ने त्याग किया है ...?" अंडा मारने वाले ने पूछा "...दूध का ...?" भैंस का मालिक ये सुन के सकपका गया बोला "...नहीं नहीं अपने लोगो का ..." अंडा मारने ने कहा "...इसीलिए मैंने भी अंडे का त्याग कर दिया तेरी भैंस को देख के ..." अंडा मारने ने चुटकी लेते हुए कहा तो भैंस का मालिक बोला "...अबे अंडा मारा भी इतना धीरे कि फूटा ही नहीं ..." अंडा मारने ने कहा "...अब अंडा फोड़ने के लिए पाकिस्तान थोड़े ही न जाऊंगा ..." भैंस के मालिक ने कहा "...वैसे पाकिस्तान विदेश तो है नहीं ...वहाँ भी लोग अपने जैसे ही हैं ..." अंडा मारने वाले ने भैंस मालिक से पूछा "...तो वहाँ से भैंस को अंडा मारने से अंडा फूटता है क्या ..?" भैंस का मालिक बोला "...काफी अंडे हमने वहाँ से फोडवाते हैं ..." अंडा मारने वाले ने ने मालिक से पूछा "...इसके लिए आप अपनी ही भैंस का इस्तेमाल करते हैं या फिर भैंस किराए पर लेते हैं ...?" भैंस का मालिक उत्तर देते हुए बोला "...दिल्ली में हमारा डब्बा गोल है फिर भी यहाँ के हम हैं राजकुमार ..." अंडा मारने वाला तंज़ कसते हुए बोला "... इसी लिए भैंसो को चरने के लिए जमीन चाहिए थी और इसीलिए भैंस के पडुओं ने बहुत इधर - उधर मुंह मारा है ..." भैंस का मालिक तैश में आ गया बोला "...देखिये मेरी भैंस को अंडा मारने के बाद आप उल्टे हमारा मज़ाक नहीं बना सकते ..." अंडा मारने वाला बोला "...आज पहली अप्रैल है तो क्या हुआ टोपीबाज तो कोई और बन के दिल्ली से भैंस पर फूल बरसवा रहा है ..." भैंस का मालिक बोला "...ये कमीनापंथी यहा नहीं चलेगी ..." अंडा मारने वाला उससे विनती करते हुए बोला "...यार एक अंडा बनता है तो मज़ाक भी तो बनता है ना ..." भैंस का मालिक बोला "...आपको मेरी भैंस को अंडा मारने से पहले सोचना चाहिए था ..." अंडा मारने वाला बोला "...अंडा फूटा ही नहीं...फिर खेद व्यक्त किया ...ये भैंस की नस्ल पे टिप्पणी है क्या ...?" इस प्रश्न पे भैंस का मालिक चुप हो गया और अपनी भैंस ले के चला गया ....
"...हिम्मत कैसे हुई भैंस को अंडा मारने की...?" भैंस का मालिक चीखा तो अंडा मारने वाले ने माफी मांग ली तो इस पर मालिक शांत होने के बजाय और चीखा बोला "...तेरे माफी क्या मैं क्या करूं...?" अंडा मारने वाले ने कहा "...मेरे माफीनामे को मढ़वा के दीवार पर टांग ले ..." भैंस वाले को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई वो फिर चीखा "...इससे क्या होगा ...?" अंडा मारने वाले भैंस वाले से तपाक से पूछा "...तू क्या होने की उम्मीद करता है ...?" भैंस वाला बोला "...इस भैंस ने बहुत ने त्याग किया है ...?" अंडा मारने वाले ने पूछा "...दूध का ...?" भैंस का मालिक ये सुन के सकपका गया बोला "...नहीं नहीं अपने लोगो का ..." अंडा मारने ने कहा "...इसीलिए मैंने भी अंडे का त्याग कर दिया तेरी भैंस को देख के ..." अंडा मारने ने चुटकी लेते हुए कहा तो भैंस का मालिक बोला "...अबे अंडा मारा भी इतना धीरे कि फूटा ही नहीं ..." अंडा मारने ने कहा "...अब अंडा फोड़ने के लिए पाकिस्तान थोड़े ही न जाऊंगा ..." भैंस के मालिक ने कहा "...वैसे पाकिस्तान विदेश तो है नहीं ...वहाँ भी लोग अपने जैसे ही हैं ..." अंडा मारने वाले ने भैंस मालिक से पूछा "...तो वहाँ से भैंस को अंडा मारने से अंडा फूटता है क्या ..?" भैंस का मालिक बोला "...काफी अंडे हमने वहाँ से फोडवाते हैं ..." अंडा मारने वाले ने ने मालिक से पूछा "...इसके लिए आप अपनी ही भैंस का इस्तेमाल करते हैं या फिर भैंस किराए पर लेते हैं ...?" भैंस का मालिक उत्तर देते हुए बोला "...दिल्ली में हमारा डब्बा गोल है फिर भी यहाँ के हम हैं राजकुमार ..." अंडा मारने वाला तंज़ कसते हुए बोला "... इसी लिए भैंसो को चरने के लिए जमीन चाहिए थी और इसीलिए भैंस के पडुओं ने बहुत इधर - उधर मुंह मारा है ..." भैंस का मालिक तैश में आ गया बोला "...देखिये मेरी भैंस को अंडा मारने के बाद आप उल्टे हमारा मज़ाक नहीं बना सकते ..." अंडा मारने वाला बोला "...आज पहली अप्रैल है तो क्या हुआ टोपीबाज तो कोई और बन के दिल्ली से भैंस पर फूल बरसवा रहा है ..." भैंस का मालिक बोला "...ये कमीनापंथी यहा नहीं चलेगी ..." अंडा मारने वाला उससे विनती करते हुए बोला "...यार एक अंडा बनता है तो मज़ाक भी तो बनता है ना ..." भैंस का मालिक बोला "...आपको मेरी भैंस को अंडा मारने से पहले सोचना चाहिए था ..." अंडा मारने वाला बोला "...अंडा फूटा ही नहीं...फिर खेद व्यक्त किया ...ये भैंस की नस्ल पे टिप्पणी है क्या ...?" इस प्रश्न पे भैंस का मालिक चुप हो गया और अपनी भैंस ले के चला गया ....
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