Wednesday, 14 January 2015

...यूं ही नहीं आपियों को मूर्ख और गब्बर को महामूर्ख कहा जाता है ...

अपनी शादी में दूसरों को दूल्हा बनाने वाले आपियों को जब ये आभास होता है कि उनकी दुलहन वास्तव में अब उनकी नहीं रही तब लगते हैं तब कहीं से बुद्धि उपरियाने की कोशिश करते हैं। दिल्ली छवानी के चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद उनकी बोहनी क्या हो गई लगे नोट और दारू की बोतलों का खाता खोलने। अंगीठी पर लोढ़ा चमकाने लगे आखिर चुनाव जो है। एक आपिया चिल्ला रहा था "...गब्बर की जय हो ..." लेकिन गब्बर को सुनाई नहीं दिया ...बेचारा गब्बर केजरीवाल बहुत परेशान है आज कल ...किसी ने स्टैम्प के कागज पर लिखा-पढ़ी करके दावा कर दिया है कि इस बार उसके गब्बरई की दाल नहीं गलने वाली...सो लोटा ले के तभी से दक्खिन की ओर मुंह करके खड़ा था और कुतुबमीनार को बड़े ध्यान से निहारे जा रहा था। वही पर किसी मूर्ख आपिए ने शिकायत की "...गुरु दारू और नोट का खाता खुल गया ..आप देखिये " ये सुनते ही गब्बर केजरीवाल मुस्कुराया बोला "...वाह मेरे वीरों झाड़ू के सींकों से दारू की बोतल खोलना बहुत कम समय मे सीख गए ..." मुझे बहुत आश्चर्य हुआ सो मूर्ख आपिए से पूछा "...आपने तो गब्बर से शिकायत की थी ...?" मूर्ख आपिया शातिर मुस्कान मे बोला "...शिकायत उसकी होती है जो किसी लायक नहीं होता ..." मेरा माथा ठनका मैंने आश्चर्य से पूछा "...सवाल लायकियत या नालायकियत की नहीं है ..." मूर्ख आपिए ने पलट कर मुझसे पूछा "...तो किसका है ...?" मैंने आश्चर्य जाताते हुए कहा "...वो दारू पी रहे हैं नोट के बंडल उड़ा रहे हैं ...!" मूर्ख आपिया मुस्कुराए जा रहा था बोला "...दुनिया बहुत रंगीली है ..."

मुझे लग गया कि बहुत जल्दी कुछ अनिष्ट होने वाला है गब्बर केजरीवाल दक्खिन की ओर मुंह किये लोटा ले के खड़ा है कुतुबमीनार निहार रहा है निश्चित रूप से कैंट के नोट और दारू तो अपना असर दिखाएंगे ही। भाई मानना पड़ेगा कैंट के पानी असर कई दिनो तक रहता है। आज गब्बर केजरीवाल ने फिर दक्खिन मे कुतुबमीनार पे जोर से लोटा फेंका। मैंने मूर्ख आपिए से कहा "...उधर से कोई गब्बर को निशाना बना लिया तो ..." मूर्ख आपिया बोला "...ये बहुत बढ़िया रहेगा ..." मैंने चेतावनी के लहजे में कहा "...काठ की हांडी दुबारा चूल्हे पर नहीं चढ़ती ..." मूर्ख आपिया बोला "...इसलिए दक्खिन में लोटा फेंकना जरूरी था ..." मैंने आश्चर्य से कहा "...रिवर्स हुआ तो गब्बर की टाग टूटनी तय है ..." आपिया बोला "...वो हम रोज वर्जिश करते हैं ..." मैंने सहमति में कहा "...तो और मजबूत कर लो आपिए तीसरे नंबर पर आ रहे है केजरीवाल फिए अपने क्षेत्र में अपना लोटा खोजते फिरेंगे ..." आपिया किसी को बार-बार मिस्ड काल मारे जा रहा था तो मैंने भी वहाँ से जल्द से जल्द फूट लेना बेहतर समझा। 

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