बानर नचावे भालू - फेके पैसा भौकालू
गब्बर का धनभोज ...रामनगर की तर्ज पर दिल्लीवालों ने जब गब्बर केजरीवाल के आगे दाना डालना बंद कर दिया ...लेकिन फिर भी गब्बर ने 50 लाख दिखाया ये कहते हुए कि भोज खाने वालों ने न्योता में दिया है ....खैर खाना कौन खाया कहाँ से आया था इन सबका पता आपिया वैबसाइट पर नहीं मिला तो मेरा माथा ठनका तो मैने जांच शुरू की तो एक समर्पित आपिया कर्मचारी से पता चला कि ये 50 लाख दरअसल वो पैसे हैं जो आपिया पार्टी के टिकट बेच कर जुटाए गए थे जिसे दिखाना मुश्किल हो रहा था लिहाजा गब्बर केजरीवाल ने धनभोज के माध्यम से उस काले धन को सफ़ेद बना डाला...मतलब काले धन के बावजूद अब टिकट लेने वालों के भी लाले पड़ने लगे हैं गब्बर केजरीवाल को ... तो गब्बर डूबे जी से मिलने डुबई के लिए उड़ गए...बिजनेस क्लास में गए हैं ...मैंने डूबे जी से पूछा तो कहने लगे "...मुझे कुत्ता थोड़े न काटा है कि मैं केजरीवाल को बुलाउंगा वो भी बिजनेस क्लास का टिकट पर ..." खैर मौज-मस्ती कराने में भगवत जी का क्या काम ? उन्हीं के नाम पर गब्बर बड़ा हाथ मारने के फिराक में है ... ठीक उसी तर्ज पर "...नाच मेरी बुलबुल कि पैसा मिलेगा ..." गब्बर केजरीवाल के नाम पर तो जो मिल रहा है उससे गब्बर के जूते का फीता भी नहीं मिलेगा ..एक आपिया बता रहा था कि केजरीवाल का न्यूयार्क में भी बहुत बड़ा कार्यक्रम है ...तो मैंने पूछा "...क्यों भारत में तमाशा दिखाने के लिए आँगन टेढ़ा है क्या ..." इस पर बेचारा आपिया खिसिया गया और लगा खंभा नोचने खैर ...उसी मे से एक से मैने पूछा भगवत बाबू का क्या काम है ? तो आपिए कुछ बोल नहीं पा रहे थे तभी किसी ने कहा को वो हमारे सांसद हैं ... तो मैंने कहा जानकारी देने के लिए धन्यवाद वैसे मैंने सुना है कि कहते फिरते हैं हैं जिनती भीड़ मोदी को सुनने नहीं आती उससे कई गुना तो रेड लाइट पर भगवत बाबू को देखने चले आते हैं ... इस पर आपिया खुश होकर बोला "...हाँ ये सत्य है ..." तो मैंने पूछा "...तो क्या रेड लाइट की भीड़ में ओबामा नहीं थे क्या जो भगवत बाबू न्यूयार्क गए है ओबामा को अपना ..." इस पर आपिए मुझे घूरने लगे तो फुट लिया वहाँ से ...आपिए कापार खजुआते ही रह गए ....
गब्बर का धनभोज ...रामनगर की तर्ज पर दिल्लीवालों ने जब गब्बर केजरीवाल के आगे दाना डालना बंद कर दिया ...लेकिन फिर भी गब्बर ने 50 लाख दिखाया ये कहते हुए कि भोज खाने वालों ने न्योता में दिया है ....खैर खाना कौन खाया कहाँ से आया था इन सबका पता आपिया वैबसाइट पर नहीं मिला तो मेरा माथा ठनका तो मैने जांच शुरू की तो एक समर्पित आपिया कर्मचारी से पता चला कि ये 50 लाख दरअसल वो पैसे हैं जो आपिया पार्टी के टिकट बेच कर जुटाए गए थे जिसे दिखाना मुश्किल हो रहा था लिहाजा गब्बर केजरीवाल ने धनभोज के माध्यम से उस काले धन को सफ़ेद बना डाला...मतलब काले धन के बावजूद अब टिकट लेने वालों के भी लाले पड़ने लगे हैं गब्बर केजरीवाल को ... तो गब्बर डूबे जी से मिलने डुबई के लिए उड़ गए...बिजनेस क्लास में गए हैं ...मैंने डूबे जी से पूछा तो कहने लगे "...मुझे कुत्ता थोड़े न काटा है कि मैं केजरीवाल को बुलाउंगा वो भी बिजनेस क्लास का टिकट पर ..." खैर मौज-मस्ती कराने में भगवत जी का क्या काम ? उन्हीं के नाम पर गब्बर बड़ा हाथ मारने के फिराक में है ... ठीक उसी तर्ज पर "...नाच मेरी बुलबुल कि पैसा मिलेगा ..." गब्बर केजरीवाल के नाम पर तो जो मिल रहा है उससे गब्बर के जूते का फीता भी नहीं मिलेगा ..एक आपिया बता रहा था कि केजरीवाल का न्यूयार्क में भी बहुत बड़ा कार्यक्रम है ...तो मैंने पूछा "...क्यों भारत में तमाशा दिखाने के लिए आँगन टेढ़ा है क्या ..." इस पर बेचारा आपिया खिसिया गया और लगा खंभा नोचने खैर ...उसी मे से एक से मैने पूछा भगवत बाबू का क्या काम है ? तो आपिए कुछ बोल नहीं पा रहे थे तभी किसी ने कहा को वो हमारे सांसद हैं ... तो मैंने कहा जानकारी देने के लिए धन्यवाद वैसे मैंने सुना है कि कहते फिरते हैं हैं जिनती भीड़ मोदी को सुनने नहीं आती उससे कई गुना तो रेड लाइट पर भगवत बाबू को देखने चले आते हैं ... इस पर आपिया खुश होकर बोला "...हाँ ये सत्य है ..." तो मैंने पूछा "...तो क्या रेड लाइट की भीड़ में ओबामा नहीं थे क्या जो भगवत बाबू न्यूयार्क गए है ओबामा को अपना ..." इस पर आपिए मुझे घूरने लगे तो फुट लिया वहाँ से ...आपिए कापार खजुआते ही रह गए ....
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