काँग्रेस भौके सीधा ...केजरी चाभे पोंछ...
सुन रहे हैं शीला जी अपने दत्तक पुत्र काँग्रेस कुमार केजरीवाल को इस बार दीक्षा देने के लिए केरल से वापस दिल्ली आ गई हैं वैसे पिछली बार तो अपने दत्तक पुत्र को अपनी सीट भिक्षा मे दे दीं थीं और दत्तक पुत्र ने उनके केरल जाने का रास्ता साफ कर दिया था। केजरीवाल ने तो पहले ईमानदारी के नाम पर ऐसा भ्रष्टाचार किया कि एक पुलिस चौकी वाले खुद ही डांडा ले कर चौकी के बाहर पहरा देने लगे और भ्रष्टाचार यानी एफ़आईआर रोकने के लिए केजरीवाल को धन्यवाद ज्ञापित लगे। केजरीवाल अपने ईमानदारी पर बहुत खुश हुए थे दिल्ली वालों ने तो उनको मोटर सहित कंधे पर उठा लिया था और लोकसभा चुनाव तक उठाए रहे और "राम राम सत्य" का जाप करते रहे यकीन मानिए आज भी दिल्ली वाले केजरीवाल को कंधे पर उठाए हुए हैं और वही राम राम सत्य का जाप कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि चार अपिया पहलवान पंजाब से आ पाए बाकी को तो शमशान पर भी जगह नहीं मिली और जमानत जब्त हो गई। खैर एक आपिया सीकिया पहलवान बोल रहा था "...हमरे 49 दिनो को लो बहुत शिद्दत से याद कर रहे हैं ..." मैंने कहा "...बिलकुल कर रहे हैं इसीलिए केजरीवाल 'मोदी नाम त्राहि माम' की रट लगा रहे हैं..." इस पर आपिया पहलवान बोला "...दिल्ली मे हमारी सरकार बनेगी देखियेगा ..." मैंने कहा "...तो इसमे इतना चीखने की क्या जरूरत है ..." आपिया पहलवान बोला "...हम चीख चीख भाजपा की पोल खोलेंगे ..." मैंने पूछा "...क्या पोल खोलोगे भाई ..." आपिया पहलवान बोला "...भाजपा जोड़ तोड़ के सरकार नहीं बना पाई तो चुनाव करवा रही है ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...यूं नहीं आपियों को मूर्ख और केजरीवाल को महामूर्ख कहा जाता है ..." आपिया पहलवान भड़क गया और गुस्से मे धम्की देते हुए बोला "...देखिये आप अपनी औकात मे रहिए नहीं तो बहुत बुरा होगा ..." मैंने शांति से उत्तर देते हुए कहा "...केजरीवाल अगर उच्चतम न्यायालय नहीं गए होते तो ये चुनाव तीन महीने पहले ही हो गए होते दिल्ली वालों का बुरा तो केजरीवाल ने ही किया ..." आपिया पहलवान अपना कपार खजुआने लगा और पूछा "...वो कैसे ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...दिल्ली सरकार गठन के बारे में कोई भी फैसला न्यायालय के अनुमति के बिना कैसे होता मामला तो न्यायालय मे था ठीक वैसे ही जैसे 1947 नेहरू कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र संघ मे चले गए थे ...आखिर हैं तो काँग्रेस कुमार केजरीवाल ही न समस्या तो खड़ी करेंगे ही काँग्रेस की तर्ज पर ...." आपिया पहलवान कनफ्यूज हो गया बोला "..मुझे समझ में नहीं आया ..." मैंने उसे समझते हुए कहा "...केजरीवाल मायावती बनने की फिराक मे थे ..." इस पर आपिया पहलवान और कनफ्यूज हो गया और ज़ोर ज़ोर से अपना कपार खुजुआते.हुए बोला "...वो कैसे ..." मैंने उसे समझते हुई कहा "...बसपा जितनी बार टूटी है वो उतनी ही मजबूत होती गई ठीक उसी तर्ज पर केजरीवाल भी चाहते थे कि भाजपा आपिया पार्टी तोड़ ले और सरकार बना ले ...लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया ...19 आपिया विधायक अभी भी पार्टी से अलग होने को तैयार है आपिया पार्टी में बगावत इसी का प्रमाण है ..." आपिया पहलवान बोला "...लेकिन केजरीवाल के पास तो स्टिंग की सीडी है ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...वो सब केजरीवाल के कहने पर आए थे भाजपा मे शामिल हो कर पार्टी तोड़ने के लिए ...लेकिन केजरीवाल की चाल नाकाम हो गई ..." आपिया पहलवान बोला "...लेकिन दिल्ली में हमारी ही सरकार बनेगी ..." मैंने कहा "...हाँ ये तब भी नहीं हो सकता है जब शीला दीक्षित केजरीवाल को दीक्षित कर दें ...." आपिया ने पूछा "...क्यों ..." मैंने कहा "...क्योंकि केजरीवाल मायावती नहीं है वो शीला दीक्षित हैं ..." आपिया पहलवान बुरी तरह कनफ्यूज था बहुत देर तक मेरा मुंह ताकता रहा ...कुछ नहीं बोल रहा था .....
सुन रहे हैं शीला जी अपने दत्तक पुत्र काँग्रेस कुमार केजरीवाल को इस बार दीक्षा देने के लिए केरल से वापस दिल्ली आ गई हैं वैसे पिछली बार तो अपने दत्तक पुत्र को अपनी सीट भिक्षा मे दे दीं थीं और दत्तक पुत्र ने उनके केरल जाने का रास्ता साफ कर दिया था। केजरीवाल ने तो पहले ईमानदारी के नाम पर ऐसा भ्रष्टाचार किया कि एक पुलिस चौकी वाले खुद ही डांडा ले कर चौकी के बाहर पहरा देने लगे और भ्रष्टाचार यानी एफ़आईआर रोकने के लिए केजरीवाल को धन्यवाद ज्ञापित लगे। केजरीवाल अपने ईमानदारी पर बहुत खुश हुए थे दिल्ली वालों ने तो उनको मोटर सहित कंधे पर उठा लिया था और लोकसभा चुनाव तक उठाए रहे और "राम राम सत्य" का जाप करते रहे यकीन मानिए आज भी दिल्ली वाले केजरीवाल को कंधे पर उठाए हुए हैं और वही राम राम सत्य का जाप कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि चार अपिया पहलवान पंजाब से आ पाए बाकी को तो शमशान पर भी जगह नहीं मिली और जमानत जब्त हो गई। खैर एक आपिया सीकिया पहलवान बोल रहा था "...हमरे 49 दिनो को लो बहुत शिद्दत से याद कर रहे हैं ..." मैंने कहा "...बिलकुल कर रहे हैं इसीलिए केजरीवाल 'मोदी नाम त्राहि माम' की रट लगा रहे हैं..." इस पर आपिया पहलवान बोला "...दिल्ली मे हमारी सरकार बनेगी देखियेगा ..." मैंने कहा "...तो इसमे इतना चीखने की क्या जरूरत है ..." आपिया पहलवान बोला "...हम चीख चीख भाजपा की पोल खोलेंगे ..." मैंने पूछा "...क्या पोल खोलोगे भाई ..." आपिया पहलवान बोला "...भाजपा जोड़ तोड़ के सरकार नहीं बना पाई तो चुनाव करवा रही है ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...यूं नहीं आपियों को मूर्ख और केजरीवाल को महामूर्ख कहा जाता है ..." आपिया पहलवान भड़क गया और गुस्से मे धम्की देते हुए बोला "...देखिये आप अपनी औकात मे रहिए नहीं तो बहुत बुरा होगा ..." मैंने शांति से उत्तर देते हुए कहा "...केजरीवाल अगर उच्चतम न्यायालय नहीं गए होते तो ये चुनाव तीन महीने पहले ही हो गए होते दिल्ली वालों का बुरा तो केजरीवाल ने ही किया ..." आपिया पहलवान अपना कपार खजुआने लगा और पूछा "...वो कैसे ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...दिल्ली सरकार गठन के बारे में कोई भी फैसला न्यायालय के अनुमति के बिना कैसे होता मामला तो न्यायालय मे था ठीक वैसे ही जैसे 1947 नेहरू कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र संघ मे चले गए थे ...आखिर हैं तो काँग्रेस कुमार केजरीवाल ही न समस्या तो खड़ी करेंगे ही काँग्रेस की तर्ज पर ...." आपिया पहलवान कनफ्यूज हो गया बोला "..मुझे समझ में नहीं आया ..." मैंने उसे समझते हुए कहा "...केजरीवाल मायावती बनने की फिराक मे थे ..." इस पर आपिया पहलवान और कनफ्यूज हो गया और ज़ोर ज़ोर से अपना कपार खुजुआते.हुए बोला "...वो कैसे ..." मैंने उसे समझते हुई कहा "...बसपा जितनी बार टूटी है वो उतनी ही मजबूत होती गई ठीक उसी तर्ज पर केजरीवाल भी चाहते थे कि भाजपा आपिया पार्टी तोड़ ले और सरकार बना ले ...लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया ...19 आपिया विधायक अभी भी पार्टी से अलग होने को तैयार है आपिया पार्टी में बगावत इसी का प्रमाण है ..." आपिया पहलवान बोला "...लेकिन केजरीवाल के पास तो स्टिंग की सीडी है ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...वो सब केजरीवाल के कहने पर आए थे भाजपा मे शामिल हो कर पार्टी तोड़ने के लिए ...लेकिन केजरीवाल की चाल नाकाम हो गई ..." आपिया पहलवान बोला "...लेकिन दिल्ली में हमारी ही सरकार बनेगी ..." मैंने कहा "...हाँ ये तब भी नहीं हो सकता है जब शीला दीक्षित केजरीवाल को दीक्षित कर दें ...." आपिया ने पूछा "...क्यों ..." मैंने कहा "...क्योंकि केजरीवाल मायावती नहीं है वो शीला दीक्षित हैं ..." आपिया पहलवान बुरी तरह कनफ्यूज था बहुत देर तक मेरा मुंह ताकता रहा ...कुछ नहीं बोल रहा था .....
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