गब्बर, सांभा खेतान और 50 सूत्री डायलाग
8 फरवरी 2013 को जब मैंने विश्व मे सबसे पहले प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी को जब बराक ओबामा से तुलना करते हुए उनसे से भी बेहतर विश्वनेता कहा था तब उस समय केजरीवाल ऐसे गैस की तलाश में थे जिससे अपने गुरु अन्ना हज़ारे का खटिया फूँक सकें लेकिन कुछ मिला नहीं हालांकि उन्होने कोशिशें बहुत कीं। आज जब नरेंद्र भाई मोदी जब पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना कर मुट्ठी मे करने करने जा रहे हैं तो केजरीवाल ये उम्मीद कर रहे हैं कि दिल्ली उस प्रभाव से मुक्त रहेगा और दिल्ली में उनकी आपिया सरकार बनेगी। दिल्ली में केजरीवाल 50 सूत्री "शोले का डायलाग" मारेंगे इसके लिए उन्होने आपिया मैक मोहन सांभा खेतान को इसकी ज़िम्मेदारी सौंप दी है जिनको आजतक चैनल वालों ने अनियमितता के आरोप में अपने चैनल से बाहर निकाल दिया था। ये वही खेतान जी हैं जो कपिल सिब्बल द्वारा वित्तपोषित तहलका में थे और इनके गुरु तरुण तेजपाल एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास में जेल बंद हैं फिर उसके बाद गुलेल डाट काम चला रहे हैं उसके भी वित्तपोषक सिब्बल और अन्य कोंग्रेसी हैं मतलब काँग्रेस ही पूरी शोले फिल्म चलाएगी "गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान"। गब्बर पूछेगा "...अरे ओ सांभा कितने दिन सरकार चली थी रे ..." सांभा खेतान "...सरदार 49 दिन ..." गब्बर केजरीवाल "...और बाकी को 1825 दिन ...हूँ ये बहुत नाइंसाफी है ...क्या सोचा दिल्ली की जनता बहुत खुश होगी ईनाम देगी ..." ईनाम का तो सभी को पता है लेकिन हाथकटे ठाकुर कौन है ये अभी रहस्य ही है। आपिया रहीम चाचा उर्फ सलीम उर्फ यादव जी बहुत दिनो से चीखते फिर रहे हैं कि "...दिल्ली में इतना सन्नाटा क्यों है भाई ..." अब देखिये वही गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान अपनी जबानी गुलेल से काँग्रेस के इशारे पर सन्नाटा तोड़ कर रहीम चाचा उर्फ सलीम यानी यादव जी को मुक्ति प्रदान करेंगे। वैसे हफ्ता वसूली जिसका थोड़ा बहुत लेकिन पूरी तरह आडिटविहीन ब्यौरा आपिया वेबसाइट पर रामनगर यानी दिल्ली वालों को बेवकूफ़ बनाने के लिए डाल रखा है जिसका नतीजा ये होता है गब्बर केजरीवाल हमेशा भूखा ही रहता है और सांभा खेतान सलीम चाचा की मौजूदगी मे जेब से पाँच सौ का नोट निकाल के कहता है कि मेरे पास पैसा नहीं है। क्या डायलाग है। वैसे गब्बर केजरीवाल दिल्ली वालों से कहते फिर रहे हैं कि कि गब्बर के कहर से अगर कोई बचा सकता है तो वो खुद गब्बर ही है भले ही अभी 5 महीने पहले गब्बर का फेचकुल और पूरा गुबार निकल गया लेकिन हेकड़ी अभी बहुत बाकी है। दिल्ली वाले इसी 50 सूत्री शोले के डायलग में बसंती को भी खोज रहे हैं लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है यकीन मानिए जैसे ही पता चलेगा आपको बता दिया जाएगा। दिल्ली वाले हफ्ता वसूली पर आए गब्बर केजरीवाल को हफ्ता देने से मना कर रहे हैं तो केजरीवाल ने अपने कुछ आदमियों को दिल्ली की जनता में घुसा दिया और कह दिया है कि देखें कि कौन- कौन से लोग हफ्ता देने से मना कर रहे हैं उनका विडियो तैयार करें ताकि समय आने पर कायदे से उनसे हफ्ता वसूल किया जा सके जैसे पहले करते थे पहले लूपहोल पता करो फिर ब्लैकमेल करते हुए हफ्ता वसूलो वो अठन्नी चवन्नी नहीं लाखों करोड़ों में। दिल्ली वाले पूरी शोले फिर से देखेंगे ठीक गब्बर केजरीवाल, सांभा खेतान, रहीम चाचा उर्फ सलीम आदि के सौजन्य से तो देखिये 50 सूत्री "दिल्ली शोले डायलाग"...
8 फरवरी 2013 को जब मैंने विश्व मे सबसे पहले प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी को जब बराक ओबामा से तुलना करते हुए उनसे से भी बेहतर विश्वनेता कहा था तब उस समय केजरीवाल ऐसे गैस की तलाश में थे जिससे अपने गुरु अन्ना हज़ारे का खटिया फूँक सकें लेकिन कुछ मिला नहीं हालांकि उन्होने कोशिशें बहुत कीं। आज जब नरेंद्र भाई मोदी जब पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना कर मुट्ठी मे करने करने जा रहे हैं तो केजरीवाल ये उम्मीद कर रहे हैं कि दिल्ली उस प्रभाव से मुक्त रहेगा और दिल्ली में उनकी आपिया सरकार बनेगी। दिल्ली में केजरीवाल 50 सूत्री "शोले का डायलाग" मारेंगे इसके लिए उन्होने आपिया मैक मोहन सांभा खेतान को इसकी ज़िम्मेदारी सौंप दी है जिनको आजतक चैनल वालों ने अनियमितता के आरोप में अपने चैनल से बाहर निकाल दिया था। ये वही खेतान जी हैं जो कपिल सिब्बल द्वारा वित्तपोषित तहलका में थे और इनके गुरु तरुण तेजपाल एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास में जेल बंद हैं फिर उसके बाद गुलेल डाट काम चला रहे हैं उसके भी वित्तपोषक सिब्बल और अन्य कोंग्रेसी हैं मतलब काँग्रेस ही पूरी शोले फिल्म चलाएगी "गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान"। गब्बर पूछेगा "...अरे ओ सांभा कितने दिन सरकार चली थी रे ..." सांभा खेतान "...सरदार 49 दिन ..." गब्बर केजरीवाल "...और बाकी को 1825 दिन ...हूँ ये बहुत नाइंसाफी है ...क्या सोचा दिल्ली की जनता बहुत खुश होगी ईनाम देगी ..." ईनाम का तो सभी को पता है लेकिन हाथकटे ठाकुर कौन है ये अभी रहस्य ही है। आपिया रहीम चाचा उर्फ सलीम उर्फ यादव जी बहुत दिनो से चीखते फिर रहे हैं कि "...दिल्ली में इतना सन्नाटा क्यों है भाई ..." अब देखिये वही गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान अपनी जबानी गुलेल से काँग्रेस के इशारे पर सन्नाटा तोड़ कर रहीम चाचा उर्फ सलीम यानी यादव जी को मुक्ति प्रदान करेंगे। वैसे हफ्ता वसूली जिसका थोड़ा बहुत लेकिन पूरी तरह आडिटविहीन ब्यौरा आपिया वेबसाइट पर रामनगर यानी दिल्ली वालों को बेवकूफ़ बनाने के लिए डाल रखा है जिसका नतीजा ये होता है गब्बर केजरीवाल हमेशा भूखा ही रहता है और सांभा खेतान सलीम चाचा की मौजूदगी मे जेब से पाँच सौ का नोट निकाल के कहता है कि मेरे पास पैसा नहीं है। क्या डायलाग है। वैसे गब्बर केजरीवाल दिल्ली वालों से कहते फिर रहे हैं कि कि गब्बर के कहर से अगर कोई बचा सकता है तो वो खुद गब्बर ही है भले ही अभी 5 महीने पहले गब्बर का फेचकुल और पूरा गुबार निकल गया लेकिन हेकड़ी अभी बहुत बाकी है। दिल्ली वाले इसी 50 सूत्री शोले के डायलग में बसंती को भी खोज रहे हैं लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है यकीन मानिए जैसे ही पता चलेगा आपको बता दिया जाएगा। दिल्ली वाले हफ्ता वसूली पर आए गब्बर केजरीवाल को हफ्ता देने से मना कर रहे हैं तो केजरीवाल ने अपने कुछ आदमियों को दिल्ली की जनता में घुसा दिया और कह दिया है कि देखें कि कौन- कौन से लोग हफ्ता देने से मना कर रहे हैं उनका विडियो तैयार करें ताकि समय आने पर कायदे से उनसे हफ्ता वसूल किया जा सके जैसे पहले करते थे पहले लूपहोल पता करो फिर ब्लैकमेल करते हुए हफ्ता वसूलो वो अठन्नी चवन्नी नहीं लाखों करोड़ों में। दिल्ली वाले पूरी शोले फिर से देखेंगे ठीक गब्बर केजरीवाल, सांभा खेतान, रहीम चाचा उर्फ सलीम आदि के सौजन्य से तो देखिये 50 सूत्री "दिल्ली शोले डायलाग"...
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