Sunday, 16 November 2014

नाचै मूढ़ खुद मूढ़ बखाना .....

सरे आम नाच गा के डायलाग मारने का अपना ही महत्व है इसको केजरीवाल ने साबित कर दिया और अगर जगह गले मे जब बंदर का जंतर हो तो मंतर भी गज़ब का फूंका जा सकता है। नकल मरने में जैसे बंदर सबसे आगे रहते हैं जो नकल कोई नहीं कर सकता वो केजरीवाल कर सकते हैं क्या करिएगा दिल्ली को वो पूरी तरह रामनगर जैसा ग्रामीण इलाका समझते हैं। एक आपिया  बहुत बुद्धिमान बता रहे थे "...हम दिल्ली को एक विकसित शहर के रूप मे विकसित करेंगे ..." मैंने आश्चर्य से पूछा "...क्या सारे उड्पथों (फ़्लाइ ओवर) को गिरा देंगे ...?" बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...हम दिल्ली का विकास करेंगे ..!" मेरा आश्चर्य फिर भी कम नहीं हुआ "...तो क्या मेट्रो को भी गिराएँगे ..." बहुत बुद्धिमान आपिया थोड़ा झन्नाते हुए बोले "...मैंने कहा न हम दिल्ली का विकास करेंगे ..." मैंने भी कायदे से पूछा "..कैसे करेंगे ...?" बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...पहले हमको कुर्सी दीजिये फिर हम बताएँगे कि कैसे ..." माने टांट कसते हुए कहा "...बहुत सही गुरु ...दिल्ली वालों को गोरू-बछरू समझते हो ..." बहुत बुद्धिमान आपिया विषय बदलते हुए बोले "...हम रामराज्य लाएँगे ..." मैंने पूछा "... केजरीवाल को भी राम का नाम भाने लगा ...? बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...राम हमारे आदर्श हैं ..." मैंने तपाक से पूछा " ... मतलब बीजेपी से राम मंदिर का मुद्दा छीनने के लिए दिल्ली मे अयोध्या बसा कर राम मंदिर बनवाएंगे ...? बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...अगर जनता हमे वोट दे तो करने में क्या दिक्कत हैं ..." मैंने कहा "...मतलब दिल्ली के विकास की पूरी रूपरेखा है केजरीवाल के पास ..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...हम स्कूल भी खोलेंगे ..." मैंने पूछा "...दिल्ली में स्कूलों की कमी है क्या ..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...वो सब बीजेपी काँग्रेस के स्कूल हैं ....आम आदमी पार्टी अपना स्कूल खोलेगी ..." मैंने उसके जोड़ते हुए हुए कहा "...और स्टिंग ऑपरेशन  ..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...उसके लिए भी ट्रेनिंग स्कूल खोलेंगे ..." मैनी उनसे पूछा "...पूरी दिल्ली को गुजरात की तर्ज पर वाई - फ़ाई से भी जोड़ेंगे ..." बहुत बुद्धिमान आपिया सीना चौड़ा करते हुए बोले "... हाँ बिलकुल ..." मैंने कहा "... इससे तो आपिया सरकार बनेगी नहीं और बनी भी तो गिर सकती है ..." बहुत बुद्धिमान आपिया चौंक गए पूछे "...वो कैसे ..." मैंने समझते हुए कहा "...ये अवधारणा है ही गुजरात की तो जाहिर इससे तो भाजपा का ही प्रचार होता है और दूसरे यदि आप सत्ता मे हैं तो भी आपकी सरकार वाई - फाई के कारण ही गिर जाएगी...." बहुत बुद्धिमान आपिया कनफ्यूज हो रहे थे लेकिन उन्होने अपना कन्फ़्यूजन छिपाते हुए हिम्मत दिखते हुए कहा "...हम संभाल लेंगे ..." मैंने कहा "...चलिए अच्छा है भगवान आपको रोजर बिन्नी के यार्कर से बचाए..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...दिल्ली में हमारी ही सरकार बनेगी ..." मैंने कहा "...हाँ हम भी देख रहे हैं..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले " ...सारे युवा हमको ही वोट देंगे देखियेगा ..." मैंने उनसे आश्चर्य जताते हुए पूछा "...लेकिन युवक तो लोन और मुफ्त में अंतर जानते है ..." बहुत बुद्धिमान आपिया इस पर असहज हो गए बोले "...हम युवाओं को समझा लेंगे ..." बहुत बुद्धिमान आपिया बोले "...हम दिल्ली को सबसे ईमानदार शहर बनाएँगे...." मैंने उनको उत्तर देते हुए कहा "... आपका यही वक्तव्य केजरीवाल को सत्ता में आने रोकेगा  ...." बहुत बुद्धिमान आपिया ने आश्चर्य से पूछा "... वो कैसे ...?" मैंने बड़े आराम से कहा "...क्योंकि आपके एजेंडा से जनलोकपाल गायब है ...और फिर मोदी की नकल करेंगे तो मोदी यानी भाजपा का ही प्रचार होगा ...आप तो गए काम से ..." बहुत बुद्दिमान आपिया अपना कपार खजुआने लगे ... ज़ोर - ज़ोर से और बहुत देर तक खजुआते ही रहे ....मैंने उन्हें नमस्कार कहा       

Wednesday, 12 November 2014

गब्बर, सांभा खेतान और 50 सूत्री डायलाग

8 फरवरी 2013 को जब मैंने विश्व मे सबसे पहले प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी को जब बराक ओबामा से तुलना करते हुए उनसे से भी बेहतर विश्वनेता कहा था तब उस समय केजरीवाल ऐसे गैस की तलाश में थे जिससे अपने गुरु अन्ना हज़ारे का खटिया फूँक सकें लेकिन कुछ मिला नहीं हालांकि उन्होने कोशिशें बहुत कीं। आज जब नरेंद्र भाई मोदी जब पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना कर मुट्ठी मे करने करने जा रहे हैं तो केजरीवाल ये उम्मीद कर रहे हैं कि दिल्ली उस प्रभाव से मुक्त रहेगा और दिल्ली में उनकी आपिया सरकार बनेगी। दिल्ली में केजरीवाल 50 सूत्री "शोले का डायलाग" मारेंगे इसके लिए उन्होने आपिया मैक मोहन सांभा खेतान को इसकी ज़िम्मेदारी सौंप दी है जिनको आजतक चैनल वालों ने अनियमितता के आरोप में अपने चैनल से बाहर निकाल दिया था। ये वही खेतान जी हैं जो कपिल सिब्बल द्वारा वित्तपोषित तहलका में थे और इनके गुरु तरुण तेजपाल एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास में जेल बंद हैं फिर उसके बाद गुलेल डाट काम चला रहे हैं उसके भी वित्तपोषक सिब्बल और अन्य कोंग्रेसी हैं मतलब काँग्रेस ही पूरी शोले फिल्म चलाएगी "गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान"। गब्बर पूछेगा "...अरे ओ सांभा कितने दिन सरकार चली थी रे ..." सांभा खेतान "...सरदार 49 दिन ..." गब्बर केजरीवाल "...और बाकी  को 1825 दिन ...हूँ ये बहुत नाइंसाफी है ...क्या सोचा दिल्ली की जनता बहुत खुश होगी ईनाम देगी ..." ईनाम का तो सभी को पता है लेकिन हाथकटे ठाकुर कौन है ये अभी रहस्य ही है। आपिया रहीम चाचा उर्फ सलीम उर्फ यादव जी बहुत दिनो से चीखते फिर रहे हैं कि "...दिल्ली में इतना सन्नाटा क्यों है भाई ..." अब देखिये वही गब्बर केजरीवाल और सांभा खेतान अपनी जबानी गुलेल से काँग्रेस के इशारे पर सन्नाटा तोड़ कर रहीम चाचा उर्फ सलीम यानी यादव जी को मुक्ति प्रदान करेंगे। वैसे हफ्ता वसूली जिसका थोड़ा बहुत लेकिन पूरी तरह आडिटविहीन ब्यौरा आपिया वेबसाइट पर रामनगर यानी दिल्ली वालों को बेवकूफ़ बनाने के लिए डाल रखा है जिसका नतीजा ये होता है गब्बर केजरीवाल हमेशा भूखा ही रहता है और सांभा खेतान सलीम चाचा की मौजूदगी मे जेब से पाँच सौ का नोट निकाल के कहता है कि मेरे पास पैसा नहीं है। क्या डायलाग है। वैसे गब्बर केजरीवाल दिल्ली वालों से कहते फिर रहे हैं कि कि गब्बर के कहर से अगर कोई बचा सकता है तो वो खुद गब्बर ही है भले ही अभी 5 महीने पहले गब्बर का फेचकुल और पूरा गुबार निकल गया लेकिन हेकड़ी अभी बहुत बाकी है। दिल्ली वाले इसी 50 सूत्री शोले के डायलग में बसंती को भी खोज रहे हैं लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है यकीन मानिए जैसे ही पता चलेगा आपको बता दिया जाएगा। दिल्ली वाले हफ्ता वसूली पर आए गब्बर केजरीवाल को हफ्ता देने से मना कर रहे हैं तो केजरीवाल ने अपने कुछ आदमियों को दिल्ली की जनता में घुसा दिया और कह दिया है कि देखें कि कौन- कौन से लोग हफ्ता देने से मना कर रहे हैं उनका विडियो तैयार करें ताकि समय आने पर कायदे से उनसे हफ्ता वसूल किया जा सके जैसे पहले करते थे पहले लूपहोल पता करो फिर ब्लैकमेल करते हुए हफ्ता वसूलो वो अठन्नी चवन्नी नहीं लाखों करोड़ों में। दिल्ली वाले पूरी शोले फिर से देखेंगे ठीक गब्बर केजरीवाल, सांभा खेतान, रहीम चाचा उर्फ सलीम आदि के सौजन्य से तो देखिये 50 सूत्री "दिल्ली शोले डायलाग"... 

Tuesday, 11 November 2014

काँग्रेस भौके सीधा ...केजरी चाभे पोंछ...

सुन रहे हैं शीला जी अपने दत्तक पुत्र काँग्रेस कुमार केजरीवाल को इस बार दीक्षा देने के लिए केरल से वापस दिल्ली आ गई हैं वैसे पिछली बार तो अपने दत्तक पुत्र को अपनी सीट भिक्षा मे दे दीं थीं और दत्तक पुत्र ने उनके केरल जाने का रास्ता साफ कर दिया था। केजरीवाल ने तो पहले ईमानदारी के नाम पर ऐसा भ्रष्टाचार किया कि एक पुलिस चौकी वाले खुद ही डांडा ले कर चौकी के बाहर पहरा देने लगे और भ्रष्टाचार  यानी एफ़आईआर रोकने के लिए केजरीवाल को धन्यवाद ज्ञापित  लगे। केजरीवाल अपने ईमानदारी पर बहुत खुश हुए थे दिल्ली वालों ने तो उनको मोटर सहित कंधे पर उठा लिया था और लोकसभा चुनाव तक उठाए रहे और "राम राम सत्य" का जाप करते रहे यकीन मानिए आज भी दिल्ली वाले केजरीवाल को कंधे पर उठाए हुए हैं और वही राम राम सत्य का जाप कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि चार अपिया पहलवान पंजाब से आ पाए बाकी को तो शमशान पर भी जगह नहीं मिली और जमानत जब्त हो गई। खैर एक आपिया सीकिया पहलवान बोल रहा था "...हमरे 49 दिनो को लो बहुत शिद्दत से याद कर रहे हैं ..." मैंने कहा "...बिलकुल कर रहे हैं इसीलिए केजरीवाल 'मोदी नाम त्राहि माम' की रट लगा रहे हैं..." इस पर आपिया पहलवान बोला "...दिल्ली मे हमारी सरकार बनेगी देखियेगा ..." मैंने कहा "...तो इसमे इतना चीखने की क्या जरूरत है ..." आपिया पहलवान बोला "...हम चीख चीख भाजपा की पोल खोलेंगे ..." मैंने पूछा "...क्या पोल खोलोगे भाई ..." आपिया पहलवान बोला "...भाजपा जोड़ तोड़ के सरकार नहीं बना पाई तो चुनाव करवा रही है ..." मैंने टांट कसते हुए कहा "...यूं नहीं आपियों को मूर्ख और केजरीवाल को महामूर्ख कहा जाता है ..." आपिया पहलवान भड़क गया और गुस्से मे धम्की देते हुए बोला "...देखिये आप अपनी औकात मे रहिए नहीं तो बहुत बुरा होगा ..." मैंने शांति से उत्तर देते हुए कहा "...केजरीवाल अगर उच्चतम न्यायालय नहीं गए होते तो ये चुनाव तीन महीने पहले ही हो गए होते दिल्ली वालों का बुरा तो केजरीवाल ने ही किया ..." आपिया पहलवान अपना कपार खजुआने लगा और पूछा "...वो कैसे ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...दिल्ली सरकार गठन के बारे में कोई भी फैसला न्यायालय के अनुमति के बिना कैसे होता मामला तो न्यायालय मे था ठीक वैसे ही जैसे 1947 नेहरू कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र संघ मे चले गए थे ...आखिर हैं तो काँग्रेस कुमार केजरीवाल ही न समस्या तो खड़ी करेंगे ही काँग्रेस की तर्ज पर ...." आपिया पहलवान कनफ्यूज हो गया बोला "..मुझे समझ में नहीं आया ..." मैंने उसे समझते हुए कहा "...केजरीवाल मायावती बनने की फिराक मे थे ..." इस पर आपिया पहलवान और कनफ्यूज हो गया और ज़ोर ज़ोर से अपना कपार खुजुआते.हुए बोला "...वो कैसे ..." मैंने उसे समझते हुई कहा "...बसपा जितनी बार टूटी है वो उतनी ही मजबूत होती गई ठीक उसी तर्ज पर केजरीवाल भी चाहते थे कि भाजपा आपिया पार्टी तोड़ ले और सरकार बना ले ...लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया ...19 आपिया विधायक अभी भी पार्टी से अलग होने को तैयार है आपिया पार्टी में बगावत इसी का प्रमाण है ..." आपिया पहलवान बोला "...लेकिन केजरीवाल के पास तो स्टिंग की सीडी है ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...वो सब केजरीवाल के कहने पर आए थे भाजपा मे शामिल हो कर पार्टी तोड़ने के लिए ...लेकिन केजरीवाल की चाल नाकाम हो गई ..."  आपिया पहलवान बोला "...लेकिन दिल्ली में हमारी ही सरकार बनेगी ..." मैंने कहा "...हाँ ये तब भी नहीं हो सकता है जब शीला दीक्षित केजरीवाल को दीक्षित कर दें ...." आपिया ने पूछा "...क्यों ..." मैंने कहा "...क्योंकि केजरीवाल मायावती नहीं है वो शीला दीक्षित हैं ..." आपिया पहलवान बुरी तरह कनफ्यूज था बहुत देर तक मेरा मुंह ताकता रहा ...कुछ नहीं बोल रहा था .....