छ्छुन्नर के चिल्लपों...तेल मारे लंगड़
One life is not enough नाम की अल्प मश-हूर किताब के जवाब में किताब लिखा जाएगा। वाकई कितना सुखद अनुभव होगा नटवर सिंह को उनकी हैसियत दिखाई जाएगी... क्यों भाई आखिर नटवर सिंह की सिर्फ यही गलती है कि उनके नाम के आगे लाल के बजाय सिंह लगा हुआ है या फिर कुछ और ? ...वैसे भी उनकी 10 जनपथ से घनिष्ठता आज भी उतना ही बड़ा रहस्य है जितनी बड़ी दुश्मनी ...खैर मेंने एक खाँटी कोंग्रेसी से पूछा तो बताने लगे "...ये सब हथकंडा है चर्चा मे आने के लिए..." मैंने इसपर उनसे पूछा "...लेकिन सिंह साहब के साथ तो ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो हथगोला फेंक दिये हों 10 जनपथ पर ..." खाँटी कोंग्रेसी बोलते पूछे "...ये कब से राजनीतिज्ञ हो गए ...?" मैंने उनसे शालीनता से पूछा "...वैसे आपके युवराज हथकंडा और हथगोला मे अंतर जानते हैं ...?" खाँटी भाई उखड़ गए और कड़े हो कर पूछे "...क्यों इसमे भी कोई शक है क्या ...?" मैंने बिल्कुल ठंडे दिमाग से कहा "...नहीं भाई नहीं मुझे तो पूरा विश्वास है ..." खाँटी भाई बोले "...देखिये भले ही नटवर सिंह आज कुछ भी हों आज भी वो हमारे अपने ही हैं ..." मैंने कहा "...हाँ वो तो है ही किताब से ही लगता है ..." खाँटी भाई बोले "...वही तो ..." मैंने कहा "...सही कहा आपने सुब्रमनियन स्वामी के प्रयास मे पलीता लगाने की असफल कोशिश ही है ..." खाँटी भाई इस बार स्वामी का नाम सुनते ही पूरी तरह उखड़ गए बोले "...आप लोगो भी बात का बतंगड़ बनाने मे बहुत मजा आता है ..." मैंने शालीनता से पूछा "...क्यों स्वामी ने श्री एपीजे अबुल कलाम से मिलकर कानून का हवाला देते हुए 10 जनपथ को प्रधानमंत्री बनने नहीं रोका था ...और उसके बाद स्वामी ने कई बार कहा है आपने युवराज भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते ...क्या ये सत्य नहीं है ..." खाँटी भाई को कुछ बोले "...अगर उनको तारीफ ही करनी थी तो बुराई क्यों की ...? मैंने आश्चर्य दर्शाते हुए कहा "...वाह पहलवान को भी बुद्धि ...!" खाँटी भाई खुश हो गए बोले "...और क्या ...पहलवान के पास बुद्धि नहीं होगी तो क्या आप जैसे ढांचे मे होगी ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ वो तो है ...इसीलिए नटवर जी भी खुद को पहलवान ही समझते हैं ...शायद कुछ ज्यादा ही ..." खाँटी भाई और खुश हो गए बोले "... बहुत सही कहे हैं राहुल बाबा ने ही सोनिया जी पीएम बनने नहीं दिया ..." मैंने पूछा "...तो मतलब बाकी सब झूठ है किताब में..." खाँटी भाई बोले "...जी बिलकुल इसीलिए सोनिया जी बहत आहात हैं ..." मैंने अनमने मन से जवाब दिया "...तो क्या हुआ ...दुनियाँ बहुत से लोग आहात और मर्माहत हैं ...इनके खून लोहा के बजाय सोना बहता है क्या ...?" खाँटी भाई बोले "...नटवर जी को पूरा सच लिखना चाहिए था ..." मैंने कहा "...सही कहा एक किताब से सारे देश को स्वामी के मुद्दे पर भरमाया नहीं जा सकता ...इसीलिए One Book is not Enough ...." खाँटी भाई फिर उखड़ने लगे "...अजी लानत है आप पर ...वैसे मैं आपको बता दूँ कि सोनिया जी भी किताब लिखने वाली हैं ..." मैंने कुछ बोला नहीं सिवाय इसके "...उस किताब का नाम है A Penny in Bar is not Enough..." इतिहास खुद को दोहराता है ...शायद शुरुआत भी ...दोहरा ही दे...A Penny in a Bar.... पता नहीं किताब मश-हूर होगी या नहीं ...
One life is not enough नाम की अल्प मश-हूर किताब के जवाब में किताब लिखा जाएगा। वाकई कितना सुखद अनुभव होगा नटवर सिंह को उनकी हैसियत दिखाई जाएगी... क्यों भाई आखिर नटवर सिंह की सिर्फ यही गलती है कि उनके नाम के आगे लाल के बजाय सिंह लगा हुआ है या फिर कुछ और ? ...वैसे भी उनकी 10 जनपथ से घनिष्ठता आज भी उतना ही बड़ा रहस्य है जितनी बड़ी दुश्मनी ...खैर मेंने एक खाँटी कोंग्रेसी से पूछा तो बताने लगे "...ये सब हथकंडा है चर्चा मे आने के लिए..." मैंने इसपर उनसे पूछा "...लेकिन सिंह साहब के साथ तो ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो हथगोला फेंक दिये हों 10 जनपथ पर ..." खाँटी कोंग्रेसी बोलते पूछे "...ये कब से राजनीतिज्ञ हो गए ...?" मैंने उनसे शालीनता से पूछा "...वैसे आपके युवराज हथकंडा और हथगोला मे अंतर जानते हैं ...?" खाँटी भाई उखड़ गए और कड़े हो कर पूछे "...क्यों इसमे भी कोई शक है क्या ...?" मैंने बिल्कुल ठंडे दिमाग से कहा "...नहीं भाई नहीं मुझे तो पूरा विश्वास है ..." खाँटी भाई बोले "...देखिये भले ही नटवर सिंह आज कुछ भी हों आज भी वो हमारे अपने ही हैं ..." मैंने कहा "...हाँ वो तो है ही किताब से ही लगता है ..." खाँटी भाई बोले "...वही तो ..." मैंने कहा "...सही कहा आपने सुब्रमनियन स्वामी के प्रयास मे पलीता लगाने की असफल कोशिश ही है ..." खाँटी भाई इस बार स्वामी का नाम सुनते ही पूरी तरह उखड़ गए बोले "...आप लोगो भी बात का बतंगड़ बनाने मे बहुत मजा आता है ..." मैंने शालीनता से पूछा "...क्यों स्वामी ने श्री एपीजे अबुल कलाम से मिलकर कानून का हवाला देते हुए 10 जनपथ को प्रधानमंत्री बनने नहीं रोका था ...और उसके बाद स्वामी ने कई बार कहा है आपने युवराज भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते ...क्या ये सत्य नहीं है ..." खाँटी भाई को कुछ बोले "...अगर उनको तारीफ ही करनी थी तो बुराई क्यों की ...? मैंने आश्चर्य दर्शाते हुए कहा "...वाह पहलवान को भी बुद्धि ...!" खाँटी भाई खुश हो गए बोले "...और क्या ...पहलवान के पास बुद्धि नहीं होगी तो क्या आप जैसे ढांचे मे होगी ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ वो तो है ...इसीलिए नटवर जी भी खुद को पहलवान ही समझते हैं ...शायद कुछ ज्यादा ही ..." खाँटी भाई और खुश हो गए बोले "... बहुत सही कहे हैं राहुल बाबा ने ही सोनिया जी पीएम बनने नहीं दिया ..." मैंने पूछा "...तो मतलब बाकी सब झूठ है किताब में..." खाँटी भाई बोले "...जी बिलकुल इसीलिए सोनिया जी बहत आहात हैं ..." मैंने अनमने मन से जवाब दिया "...तो क्या हुआ ...दुनियाँ बहुत से लोग आहात और मर्माहत हैं ...इनके खून लोहा के बजाय सोना बहता है क्या ...?" खाँटी भाई बोले "...नटवर जी को पूरा सच लिखना चाहिए था ..." मैंने कहा "...सही कहा एक किताब से सारे देश को स्वामी के मुद्दे पर भरमाया नहीं जा सकता ...इसीलिए One Book is not Enough ...." खाँटी भाई फिर उखड़ने लगे "...अजी लानत है आप पर ...वैसे मैं आपको बता दूँ कि सोनिया जी भी किताब लिखने वाली हैं ..." मैंने कुछ बोला नहीं सिवाय इसके "...उस किताब का नाम है A Penny in Bar is not Enough..." इतिहास खुद को दोहराता है ...शायद शुरुआत भी ...दोहरा ही दे...A Penny in a Bar.... पता नहीं किताब मश-हूर होगी या नहीं ...
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