Thursday, 17 July 2014

देख धुरंधर पाजी काम, पीए शिकंजी बतावे जाम ...

भारतीय सिनेमा मे सन्नी लियॉन को सभ्य नारी का दर्जा मिलने के बाद ठीक केजरीवाल के तर्ज पर सौ चूहे खा कर भी आज बॉलीवुड मे हज करती फिर रही है ठीक वैसे ही भारतीय राजनीति के आईटम गर्ल केजरीवाल हजरात बने फिर रहे हैं और उल्टे भाजपा पर इल्जाम लगा रहे हैं कि वो इनके सड़े चूहे खा रही है। सबेरे से ही वो इसकी चूसना दे रहे थे दिल्ली वालों को...लेकिन दिल्ली वालों ने उस चूसना को लेने से इनकार कर दिया। सन्नी लियॉन तो फिर भी महिला है लेकिन केजरीवाल तो अस पुरुष हैं कि उन्हें न तो कॉंग्रेस और बीजेपी मे फर्क पता है, न गाय और भैंस मे अंतर कर पाते हैं, न अपनी पत्नी और बहन मे और न ही शीला दीक्षित और नरेन्द्र भाई मोदी में अंतर कर पाने के उनके अंदर क्षमता है। सन्नी लियॉन की तर्ज  पर अपने आईटम से सबका मनोरंजन करने वाले मूर्ख आपिया की पोल जब खाँटी भाई कोंग्रेसी आसिफ मोहम्मद खान ने खोली तभी एक मूर्ख आपिया अपना आपा खोते हुए चीखने लगा तो मैंने उससे उसी अंदाज में पूछा "...ऐ चिल्ला क्यों रहा है ...?" मूर्ख आपिया बोला "...ये सब चाल है बीजेपी - कॉंग्रेस की ..." मैंने उसे डांटते हुए कहा "...अरे मूर्ख तुम्हारा मनीष सिसोदिया गया है जोड़ - तोड़ कर सरकार बनाने के संदर्भ में बात करने के लिए इसमे बीजेपी कहाँ से आ गई ...?" मूर्ख आपिया बोला "...ये सब चाल है ...सब मिले हुए हैं ..." मैंने कहा "...पहले शांत हो जा फिर बताते हैं चाल किसकी है ..." मूर्ख आपिया शांत हो गया फिर बोला "...बताओ ..." मैंने उसे समझाते हुए कहा "..आसिफ खान से तुम्हारा केजरीवाल क्यों नहीं गया बात करने के लिए ...? मूर्ख आपिया अपना कपार खजुआने लगा खूब खजुआने के बाद भी जब उसे समझ में नहीं आया तो उसने पूछा "...बताओ क्यों ...? मैंने उसे थोड़ा झेलाने के अंदाज मे कहा "...सन्नी लियॉन को देखो उसकी कोई दोस्त या रिश्तेदार उसका बिज़नस डील करने जाती है ...?" आपिया फिर अपना आपा खोते हुए ज़ोर से बोला "...इसमे सन्नी लियॉन कहाँ से आ गई ...?" मैंने कहा "...बात वही है चेतन भगत ने बिलकुल सही कहा था महामूर्ख केजरीवाल और मूर्ख आपियों के बारे में ..." मूर्ख आपिया को संभवतः  कुछ समझ में नहीं आया इसलिए शायद वो चुप रहा तो मैंने कहा "... जैसे सन्नी लियॉन किसी दोस्त या रिश्तेदार से बिज़नस डील कराने के बजाय वो खुद ही डील करती है वैसे सिसोदिया भी अपना बिज़नस खुद ही डील कर रहे हैं ...समझ मे आया कुछ ...?"  मूर्ख आपिया फिर से अपने कपार के पश्चिमोत्तर प्रांत मे खजुआने लगा थोड़ी देर बाद बोला "...मतलब मनीष खुद ही ..." मैंने बीच मे ही बात काट कर उसकी पीठ ठोकते हुए कहा "...शाब्बास समझ मे तो आ गया तुझे बिल्कुल सही पकड़ा ...मनीष ही मूर्खाधिराज केजरीवाल को बाइपास करके दिल्ली का मुख्यमंत्री बनना चाहता है ..." मूर्ख आपिया का चेहरा अब देखने लायक था मनीष सिसोदिया के खिलाफ लगा बड़बड़ाने...उसी बड़बड़ाहट मे वो बोला "...लेकिन हमे तो केजरीवाल ही चाहिए ..." मैंने उससे कहा "...जनलोकपाल नहीं तो महामूर्ख केजरीवाल नहीं ..." मूर्ख आपिया फिर फंस गया और ज़ोर-ज़ोर से अपने दोनों हाथ से कापार खजुआने लगा ...बहुत देर तक खजुआता ही रहा .........  

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