आँख देखावे ममता, छाती पीटे बंगाल ...
ममता जी नेरेन्द्र भाई मोदी को जेल मे बंद कर देतीं...अगर वो दिल्ली में होती ऐसे उन्होने कई बयान दिये ...क्या जमाना आ गया पता नहीं सारे अंडों की अकल कहाँ चली गई कि वे सब अपनी माँताओं को हड़काने पर उतारू दिखने लगे...अंडे हड़काते हुए कह रहे हैं "..चू-चू न कर..." बेचारी ममता तो ममता की भूखी हैं बंगाल की जनता की ममता भी मोदी की ओर मुड़ने लगे समझ लीजिये ममता को गमछा भी कम पड़ जाएगा पसीना पोछने के लिए। ममता भरी गमछा तो उसी दिन हवा हो गया जब दिल्ली मे वो अन्ना बाबा के साथ रैली रामलीला मैदान मे करने वाली थीं लेकिन मोदिमय जनता और अन्ना बाबा ने जब ठेंगा दिखा दिखा दिया तो सारी उनकी सारी ममता मातम मनाने लगी और उद्गार निकले वो भारतीय लोकतन्त्र पर ढेला और पत्थर फेंकेने जैसा ही है जैसा आपिए कर रहे हैं। उनके एक पुराने त्रिमूक्का नेता बता रहे थे "...बंगाल में तो ममता ही हैं ..." मैंने पूछा "...फिर उनको गरियाने की क्या जरूरत है ..." त्रिमूक्का नेता उत्तर देते हुए बोले "...वो गाली नहीं ममता की ममता है ..." "...अगर यही ममता है तो निर्ममता क्या है ...?" त्रिमूक्का नेता अचकचाते हुए बोले "... बंगाल की जनता अपनी ममता और निर्ममता दिखा देगी ..." मैंने फिर "...आपको इतना कॉन्फ़िडेंस कैसे है ...?" त्रिमूक्का नेता उत्तर देते हुए बोले "...बंगाल की जनता बहुत बुद्धिजीवी है ..." मैंने प्रश्न पूछते हुए कहा "...इसीलिए ममता जी को गाली की भाषा का इस्तेमाल करना पड़ रहा है ...!" त्रिमूक्का नेता बोले "...वो गाली नहीं दे रही हैं ..." मैंने प्रतिप्रश्न मे कहा "...क्या बंगाल के जनता की यही बुद्धिजीविता है ...?" त्रिमूक्का नेता से अब रहा नहीं गया वो उन्होने सीधे मुझसे पूछा "...आपके कहने का क्या मतलब है...?" मैंने बड़ी सफाई और शांति से कहा "...मेरे कहने का वही मतलब है जो आपको समझ में आ रहा है ..." त्रिमूक्का नेता बोले "...क्या समझ मे आ रहा है ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "... बंगाल को कंगाल करें आप जेल जाएँ मोदी ...?" त्रिमूक्का नेता बोले "...हमने बंगाल की जनता को उसका हक दिया है ...?" मैंने कहा "...अच्छा ! तो हक देने के बाद गाली देने की कौन से बंगाल सी समृद्ध परंपरा का आप निर्वहन कर रहे हैं ..." त्रिमूक्का नेता तिलमिला कर बोले "...आपको अंदाजा नहीं है ..." मैंने पूछा "...क्या अंदाजा नहीं है ..." त्रिमूक्का नेता बोले "...ममता के खिलाफ कोई नहीं जा सकता ..." मैंने पूछा "...क्यों भाई ! ये धमकी किस लिए ...?" नेता अपने ओरिजनल अंदाज में आ गए "...जब दिल्ली में अन्ना धरना देने रामलीला मैदान नहीं आए तो आपने देख लिया न ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ देखा तो आप लोग त्रिमूक्का नेताओं ने अन्ना बाबा की ऐसी-तैसी कर दी थी ..." नेता बोले उसी तरह ऐंठते हुए बोले "...हाँ अब कभी भी अन्ना हम लोगो से पंगा नहीं लेंगे ..." मैंने कहा "...एक बात बताईए उसका खुन्नस मोदी पर क्यों ..." नेता बोले "...क्योंकि सब एक ही हैं ..." मैंने त्रिमूक्का नेता को कहा नमस्कार आपकी बुद्धि को नमस्कार...बारंबार नमसकार
ममता जी नेरेन्द्र भाई मोदी को जेल मे बंद कर देतीं...अगर वो दिल्ली में होती ऐसे उन्होने कई बयान दिये ...क्या जमाना आ गया पता नहीं सारे अंडों की अकल कहाँ चली गई कि वे सब अपनी माँताओं को हड़काने पर उतारू दिखने लगे...अंडे हड़काते हुए कह रहे हैं "..चू-चू न कर..." बेचारी ममता तो ममता की भूखी हैं बंगाल की जनता की ममता भी मोदी की ओर मुड़ने लगे समझ लीजिये ममता को गमछा भी कम पड़ जाएगा पसीना पोछने के लिए। ममता भरी गमछा तो उसी दिन हवा हो गया जब दिल्ली मे वो अन्ना बाबा के साथ रैली रामलीला मैदान मे करने वाली थीं लेकिन मोदिमय जनता और अन्ना बाबा ने जब ठेंगा दिखा दिखा दिया तो सारी उनकी सारी ममता मातम मनाने लगी और उद्गार निकले वो भारतीय लोकतन्त्र पर ढेला और पत्थर फेंकेने जैसा ही है जैसा आपिए कर रहे हैं। उनके एक पुराने त्रिमूक्का नेता बता रहे थे "...बंगाल में तो ममता ही हैं ..." मैंने पूछा "...फिर उनको गरियाने की क्या जरूरत है ..." त्रिमूक्का नेता उत्तर देते हुए बोले "...वो गाली नहीं ममता की ममता है ..." "...अगर यही ममता है तो निर्ममता क्या है ...?" त्रिमूक्का नेता अचकचाते हुए बोले "... बंगाल की जनता अपनी ममता और निर्ममता दिखा देगी ..." मैंने फिर "...आपको इतना कॉन्फ़िडेंस कैसे है ...?" त्रिमूक्का नेता उत्तर देते हुए बोले "...बंगाल की जनता बहुत बुद्धिजीवी है ..." मैंने प्रश्न पूछते हुए कहा "...इसीलिए ममता जी को गाली की भाषा का इस्तेमाल करना पड़ रहा है ...!" त्रिमूक्का नेता बोले "...वो गाली नहीं दे रही हैं ..." मैंने प्रतिप्रश्न मे कहा "...क्या बंगाल के जनता की यही बुद्धिजीविता है ...?" त्रिमूक्का नेता से अब रहा नहीं गया वो उन्होने सीधे मुझसे पूछा "...आपके कहने का क्या मतलब है...?" मैंने बड़ी सफाई और शांति से कहा "...मेरे कहने का वही मतलब है जो आपको समझ में आ रहा है ..." त्रिमूक्का नेता बोले "...क्या समझ मे आ रहा है ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "... बंगाल को कंगाल करें आप जेल जाएँ मोदी ...?" त्रिमूक्का नेता बोले "...हमने बंगाल की जनता को उसका हक दिया है ...?" मैंने कहा "...अच्छा ! तो हक देने के बाद गाली देने की कौन से बंगाल सी समृद्ध परंपरा का आप निर्वहन कर रहे हैं ..." त्रिमूक्का नेता तिलमिला कर बोले "...आपको अंदाजा नहीं है ..." मैंने पूछा "...क्या अंदाजा नहीं है ..." त्रिमूक्का नेता बोले "...ममता के खिलाफ कोई नहीं जा सकता ..." मैंने पूछा "...क्यों भाई ! ये धमकी किस लिए ...?" नेता अपने ओरिजनल अंदाज में आ गए "...जब दिल्ली में अन्ना धरना देने रामलीला मैदान नहीं आए तो आपने देख लिया न ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ देखा तो आप लोग त्रिमूक्का नेताओं ने अन्ना बाबा की ऐसी-तैसी कर दी थी ..." नेता बोले उसी तरह ऐंठते हुए बोले "...हाँ अब कभी भी अन्ना हम लोगो से पंगा नहीं लेंगे ..." मैंने कहा "...एक बात बताईए उसका खुन्नस मोदी पर क्यों ..." नेता बोले "...क्योंकि सब एक ही हैं ..." मैंने त्रिमूक्का नेता को कहा नमस्कार आपकी बुद्धि को नमस्कार...बारंबार नमसकार
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