Tuesday, 8 April 2014

बजावे जूता अपने हि गाल, देखि गदहवा हुआ निहाल ...

नरेन्द्र भाई मोदी का ऐसा डर कि काँग्रेस कुमार केजरीवाल समुद्र मंथन करवाने लगे।  जब उन्होने इसकी वाराणसी में घोषणा की थी तभी ये शंका हुई थी कि इस घोर कलियुग में शेषनाग कहाँ से लेके आएंगे? लेकिन कमाल देखिये एक कुटिल खाँटी भाई कांग्रेसी का गोवा के जेल में बंद भांजा जेल से ही कोबारा की व्यवस्था करवा दिया और समुद्र मंथन चालू हो गया और दस दिन के बाद मय काँग्रेस आपिए मंथन के बाद निकले जहर को छिड़कने निकल पड़े। कोई बता रहा था कि मंथन के लिए समुद्र भी तैयार नहीं हुआ था लिहाजा गटर में ही वह सब करना पड़ा जिसके छींटे केजरीवाल और अन्य आपियों पर समय-समय पड़ते रहते हैं जिसे स्याही, सड़ा अंडा, सड़ा टमाटर और न जाने क्या - क्या कहा जाता है। खैर एक आपिया बता रहा था कि समुद्र सॉरी गटर - मंथन में उसका और उसके जैसे लोगों का जम कर इस्तेमाल काँग्रेस कुमार केजरीवाल ने किया उसी का नतीजा है कि बहुत से आपियों में खून की खतरनाक कमी देखी जा रही है। ऐसे में गुस्सा तो वाजिब है अब वही आपिए काँग्रेस कुमार केजरीवाल को थूरने पर उतारू हैं जहां भी मौका मिलता हैं लात-घूंसा बरसाना शुरू कर देते हैं। मैंने एक आपिए से इस बारे में पूछा तो बताने लगा "...ये सब साजिश है ..." मैंने कहा "...जब गदहा अपनी पीठ पर से कपड़े का गट्ठर गिराएगा तो धोबी तो डांडा बरसाएगा ही ..इसमे साजिश वाली बात कहाँ से आ गई ...?"  आपिया थोड़ा ऊंची आवाज में बोला "...देखिये काँग्रेस और भाजपा दोनों बौखला गए हैं इसलिए ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...गधे को धोबी का सम्मान करना आना चाहिए ..." आपिया बोला "...सब के सब चोर हैं भ्रष्ट हैं ..." मैंने आराम से शांति से उत्तर देते हुए कहा "...गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है हर जीव अपनी करनी का फल भोग रहा है ..." आपिया और गुस्से में आ गया बोला "...केजरीवाल का क्या दोष है ...?" मैंने कहा "...चंदा उगलवाने के लिए ये सब नौटंकी है..." आपिया उसी गुस्से में बोला "...तो क्या केजरीवाल पैसा लेने के लिए ये सब कर रहे हैं ...?" मैंने कहा "...आंकड़े तो यही कहते हैं जब-जब वो अपना जूता अपने गाल पर मारते हैं चंदे की रकम बढ़ जाती है ..." आपिया और गुस्से में आ गया बोला "...वो ऐसा नहीं कर सकते ..." मैंने कहा "...काहे नहीं कर सकते ...?" आपिया बोला "...वो आईआईटी से बी टेक हैं आईआरएस कमिश्नर रहे हैं ..." मैंने कहा "...इसीलिए तो कर रहे हैं ..कांग्रेसी कोबारा के सहयोग से गटर-मंथन करवाने के बाद अपने जूते से अपना गाल बजाना ये काँग्रेस कुमार केजरीवाल की ही फितरत हो सकती है ..." आपिया अपना आपा खोने लगा था और लोगों को दनादन एसएमएस करने लगा और बहुत से लोग जब पत्थर ले कर जमा होने लगे तो मुझे वहाँ से भाग लेना बेहतर लगा ...        

No comments:

Post a Comment