अतिबुद्धिजीवी और उनके जैसे लोग चीख-चीख कहते फिर रहे हैं "... मोदी की लहर नहीं है...कोई बताए कहाँ है मोदी की लहर ..." मैंने उनसे पूछा "...आप इतने चिल्ला क्यों रहे हैं ..." बुद्धिजीवी बोले "...नहीं जहां देखिये मोदी की लहर मोदी की लहर ...मैं पूछता हूँ कहाँ है लहर... " मैंने बुद्धिजीवी को समझते हुए कहा "...लहर है तभी तो आप इंकार कर रहे हैं ...नहीं क्या जरूरत थी इंकार करने की ..." बुद्धिजीवी जी की बुद्धि जवाब देने लगी बोले "...आप लोगों झूठ-मूठ मे हवा बना रखी है ... वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है ..." मैंने कहा "...ऐसा कुछ नहीं है तो फिर क्या बात है ..आप क्यों इतना चिल्लपों मचाए हुए हैं ...." बुद्धिजीवी जी बोले "...किसी अच्छे नेता की चर्चा नहीं हो रही है सारे मीडिया वाले बिक चुके हैं..." मैंने पूछा "...कौन से अच्छे नेता की चर्चा नहीं हो रही ...अभषेक मनु सिंघवी की चर्चा नहीं हो रही, एन॰डी॰ तिवारी की चर्चा नहीं हो रही, क्या राहुल बाबा चर्चे में नहीं है ...अब मुलाम सींग आदो भी जानबूझ कर कूद गए बिना किसी गलती के ...सबकी तो चर्चा तो रही है ..." बुद्धिजीवी थोड़ा चिढ़ गए बोले "...क्या मज़ाक है ..." मैंने कहा "...आपका कहना बिलकुल सही है, आपके हिसाब से जब लहर नहीं है तो ऐसे नेताओं की चर्चा मज़ाक ही तो है ..." बुद्धिजीवी ने पलट कर मुझसे पूछा "...क्या मतलब है तुम्हारे कहने है ..." मैंने कहा "...सीधा मतलब है लहर की आवाज में आपकी आवाज कोई कैसे सुनेगा..."
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