Wednesday, 2 April 2014

मय चांपे हड्डी चाकर, भाईंस दधीचि बीन ?

दुःशासन बाबू अपनी भैंस की फोटो गाहे - बगाहे ये कह कर दिखते रहते रहे हैं कि देखिये हमारी भैंस भूखी है इसको खान चाहिए, इसपर किसी ने कहा था कि इसके लिए भैंस का एक्सरे लेकर चलने की क्या जरूरत है। लेकिन मोदी जी के प्रचंड करिश्माई जादू ने जब अपना असर दिखाया तो दुःशासन बाबू ने भैंस का एक्सरे दिखाना बंद कर दिया और अब चीख - चीख कह रहे हैं "...अब चाहे कुछ भी हो जाए हम भैंस को खाने नहीं देंगे ही नहीं ..." न जाने क्यों दुःशासन बाबू अपने सटकल दिमाग से ये सोचते हैं कि उनकी भैंस के लिए भटकल जैसे लोग ही पर्याप्त हैं। खैर वो अपने गोरू ब्रांड गुरु लालू प्रसाद से पता नहीं कौन सा गुरु-प्रसाद लिया था कि उनके खुद के मुजाहिद्दीनों ने उनका ही दाना-पानी सर पर उठा कर अपने तीरंदाजी करना शुरू किया तो वे आग-बबूला हो गए नरेन्द्र भाई मोदी पर। उनके आग-बबूलेपन पर एक जदयू नेता बोल रहे थे "...हम कुछ नहीं लेंगे कुछ लेबे नहीं करेंगे ...मोदी देंगे तब्बो कुछ नहीं लेंगे ..." मैंने कहा "...आपको कौन कुछ दे ही रहा है ...?" जदयू नेता बोले "...हमने अपनी संभावनाएं खुली रखी हैं ..." इस पर मैंने पूछा "...तो क्या आपकी भैंस की भूख मुजाहिद्दीन मिटाएँगे ...?" जदयू नेता थोड़ा भड़क गए और बोले "...ये बिहार के मानस पुत्र और मानस पुत्रियों का  अपमान है ..." मैंने भी कड़े आवाज में कहा "...सारे बिहार को मुजाहिद्दीन के भरोसे छोडना अपमान नहीं है ...?" जदयू नेता चीखते हुए बोले "... लेकिन हम किसी भी कीमत पर मोदी के भरोसे नहीं छोड़ेंगे ..." मैंने उसी टोन में पूछा "...किसी भी कीमत का क्या अर्थ है ...?" जदयू नेता बोले "...आप देखिये बिहार के लोग बहुत महान हैं त्याग करने में पीछे नहीं रहते ..." मैंने कहा "...तो सिर्फ लालू और दुःशासन बाबू जैसे लोगों की सुविधा के लिए बिहार के लोगों को मुजाहिद्दीनों को अपना सिर सौंप देना चाहिए त्याग के नाम पर ...?" जदयू नेता सकपकाते हुए बोले "...आपको तो बिहार का विकास दिखाता नहीं ..." मैंने कहा "...दुःशासन बाबू तो बिहार का चीरहरण करके ही विकास करना चाहते हैं और वही कर रहे हैं ..." जदयू नेता बोले "...लालू से तो ठीके है ..." मैंने कहा "...हाँ वो तो हालत ऐसी थी कि सवाल खड़ा हो गया ..." जदयू नेता ने पूछा "...कैसा सवाल ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...कि भैंसों का भी चीरहरण कैसे हो ...?" जदयू नेता ने उल्टे मुझसे पूछा "...इसका क्या मतलब ..." मैंने सपाट उत्तर देते हुए कहा "...अरे भाई जबतक चीरहरण करेंगे नहीं बिहार का विकास कैसे होगा ..." जदयू नेता बोले "...सब होगा और ठीक से होगा आप बस देखते रहिए ..." मैंने कहा "...हाँ जब आप लोग खुद ही मुजाहिद्दीनो से अपनी भैंस को सानी चलवा रहे हैं तो ठीके होना चाहिए ..."  जदयू नेता किसी के मिस्डकॉल का इंतजार करने लगे तो मैंने विदा ले लिया।   

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