Sunday, 9 March 2014

आल अनार्की पार्टी ...

अफ्रीका के जंगल से पकड़ कर लाए गए महात्मा गांधी के पोते ने जब "आपा" ज्वाईन किया था तभी ये तय हो गया था कि कुछ तो होने वाला है। ऐसी आशंका से दिल्ली के दलिद्दरों के डर कर बंदर भी ऐसा भागे कि दिखने ही बंद हो गए। उन बंदरों मे गांधी जी के तीन बंदर भी थे। जब गांधी जी के पोते अपनी आपिया टीम के साथ भाजपा कार्यालय पर पत्थरबाजी करने गए तभी गांधी जी का एक बंदर जो वहीं आस-पास था एसएमएस करके बाकी अपने दोनों साथियों को बुला लिया और बोला "...देखो ये गांधी जी का पोता है ..." दूसरा बंदर बोला "...विश्वास नहीं होता ..." पहले बंदर ने कहा "...विश्वास तो करना ही पड़ेगा...आंखो देखी कभी झूठ नहीं होता ..." दूसरे ने जवाब दिया "...हाँ वो तो है ..." तभी तीसरे बंदर ने कहा "...गांधी जी के पोते अगर कहीं भारत के जंगल मे होते तो शायद ज्यादा शरीफ और ईमानदार होते ..." इस पर पहले बंदर ने कहा "...भक बुड़बक ! अगर पोता जी भारत के जंगल मे होते तो हाथ मे AK 47 होता ..." तीसरे बंदर ने कहा "...तो क्या हो जाता ...?" इस पर दूसरा बंदर बोला "...पहिला गोली तुमको ही मरते पोता जी समझे ..." इस पर पहले बंदर ने पूछा "... क्यों भाई ...?" तीसरे बंदर ने जवाब दिया "...क्योंकि तुम ही बहुत कान में ठेकी डाल कर बैठे रहते हो इसलिए ..." इस पर तीसरे बंदर पूछा "... तो क्या मैं बुराई सुनने लगूँ...?" पहले बंदर ने जवाब देते हुए कहा "...जब 'आपा' बुराई कर रही है, बुराई सुन रही है, बुराई देख रही है और पोता जी बड़े शान से उसका साथ दे रहे हैं तो कुछ न कुछ तो दम होगा ही ..." दूसरा बंदर जो बहुत देर से कुछ बोल नहीं रहा था लंबी सांस लेते हुए बोला "...जमाना बहुत बादल गया पोता जी पता नहीं बदले हैं या वैसे ही हैं ...?" इस पर तपाक से पहला बंदर बोला "...बदले कहाँ हैं वैसे ही हैं तभी तो 'आपा' ज्वाईन कर हाथ मे पत्थर लिए घूम रहे हैं ..." तभी एक पत्थर किसी अन्य बंदर को लगते - लगते बची तो पहला बंदर ने आह भरते हुए पूछा "...क्या गांधी बाबा पर किसी ने पत्थर फेंका होगा ...?" दूसरे बंदर ने जवाब देते हुए कहा "...किसी ने फेंका हो या न फेंका हो लेकिन पोताजी जरूर फेंके होंगे..." तीसरे बंदर पूछा "...गांधी बाबा को क्या ये सब अच्छा लगता यदि वे होते तो ...?" पहले बंदर ने जवाब देते हुए कहा "...उसकी चिंता यदि पोता जी किए होते तो आज इंसान होते और 'आपा' ज्वाईन नहीं किए होते ..." वैसे आपियों और पोताजी को पुलिस द्वारा पिटते देखकर गांधी जी के तीनों बंदर बहुत खुश हो रहे थे और चहचहाते बोल रहे थे "...भारत माता की जय... भारत माता की जय..." उस घटना के सभी बंदर घर चले थे। 4 दिनो के बाद चुनाव आयोग द्वारा "आपा" को चूना लगाकर मान्यता खत्म करने विचार कर रहा है तो गांधी जी तीनों बंदर आपस मे गले मिल रहे थे ...         

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