Wednesday, 5 March 2014

ललकारे वीर भर चौकड़ी, आपे-भैंस-बिलारे म्याऊँ...

नरेन्द्र भाई मोदी की बढ़ते धमक की चमक के आगे उत्तर प्रदेश की स्थिति करवट ले चुकी है कि हर उस नेता को अपना ठिकाना खोजने की जरूरत पड़ रही है जो करवटों को कट्टों के बल पर संचालित करना चाहते हैं। दौलत की बेटी बहन जी की कराहने वाली म्याऊँ - म्याऊँ ऐसी है कि उन्हें लगता है कि शेर की मौसी शेर को चुनौती दे रही है। वहम अच्छा है दलितों का दौलत लूट कर यदि बहन जी पहलवानी का शौक पाल सकती हैं तो नेता जी के लिए खतरे की घंटी हो सकती हैं। वैसे भी नेता जी अपने आप को पुराना और बेमौके परवान चढ़ने वाला गामा पहलवान बताते रहे हैं इसीलिए निरीह लोगों पर कट्टा चलाना, उनका पुराना शगल है चाहे वो कारसेवक रहे हों, उत्तरखंड आंदोलनकारी रहे हों या बेचारे जूनियर डाक्टर। आज की तारीख मे उत्तर प्रदेश मे साईकिल भी तेल पी के इतनी मोटी हो चुकी है कि हाथी भी उसकी सवारी करे तो ऐसा लगता है कि ठिकाने की तलाश में साईकिल खुद ही हाथी को अपनी पीठ पर बैठाए भाग रही है। नरेंद्र भाई मोदी की धमक के आगे नेता जी भी अपना आपा खो कार उस गुस्सैल हाथी की भूमिका मे आ चुके हैं जो अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझता जो भी आता उठा के पटकता चला जाता है। खैर अभी अखबार मे खबर छपी थी कि अपने ही सरकार की उन्होने जमकर लताड़ लगाई है अब पता नहीं कुछ बाकी भी है या नहीं। भैंसे भी गधों की मुद्रा मे अपने आपा मे पगुरी नहीं कर पा रही हैं।

आलम ये आपिए बड़े धूम-धड़ाके के साथ दिल्ली से बाहर निकले ही थे कि उसी धूम-धड़ाके के साथ वो अपना आपा खोने लगे दरअसल यहाँ के लोगों ने दिल्ली के दलिद्दरों को घाँस डालने से मना कर दिया। उन्हीं बैंड-बाजे वाले जो उनके साथ वहीं से आए थे और विश्वासपरक गवनियों ने आपियों का बैंड बाजा दिया और वो फिर वापस दिल्ली के बिल मे घुस गए। खोखी से खोखला हो चुके आपियों का बेचारा बैंड मास्टर, उसे तो आपियों ने चारे की तरह इस्तेमाल करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी जैसे शेर के आगे मेमने को चारे की तरह फेंक दिया जाता है। मेमना बेचारा मेमियता रहता है शेर आराम से अपना भोजन कर लेता है। लोग बताते हैं कि बैंड मास्टर का मेमियाने वाला आलाप सुनने के लिए हजार लोग भी नहीं थे कानपुर मे, तो उस बेचारे को आपियों ने गुजरात खदेड़ा था वो भी एक दिन के बजाय पाँच दिनो के लिए लेकिन शिकार चुनाव आयोग वाले बब्बर शेर ने कर लिया। लगता है आपियों से भगवान बहुत खुश है लिहाजा जल्दी ही वो अपने पास बुलाने वाले हैं, इसलिए खुन्नस निकालने के लिए दिल्ली भाजपा कार्यालय पर सूरज पर थूकने पहुँच गए। सूरज पर थूकने का अंजाम क्या होता है सभी को पता है। वैसे काँग्रेस कुमार केजरीवाल के काले धन का स्विस अकाउंट नंबर  का ईमानदारी से आनंद उठाईए ये लीजिये नंबर 2383484885422134 यही नंबर केजरीवाल का असली ठिकाना है जिसे लोग बाग खोज रहे थे।

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