शहजादे शाने भूत, सोखा गावे गान...
ओसामा 'जी' की हत्या पर ओबामा को तो बेनी बाबू कबका उनके ही हवाई जहाज से उनको ढकेल दिये होते और ओबामा की कहानी खतम हो गई होती। वो तो बेनी बाबू की महानता है, उदारता है आज ओबामा इन्हीं बेनी बाबू की बदौलत जिंदा है। अरे पूरा अमेरिका अहसान मानता है इस्पात मंत्री का। जल्दी ही ये देश भी बेनी बाबू का एहसान मानेगा क्योंकि उन्होने इसका कारण बता दिया कि वो 'नरेन्द्र भाई मोदी' को मरने नहीं देंगे। कभी 'मुलाम सीं आदो' के बड़े खास रहे बेनी बाबू थोड़े परेशान दिख रहे थे लेकिन उनकी पार्टी के शहजादे यानी "बकलोल बबुआ" जब सहारनपुर पहुंच गए तो बेनी बाबू खुश हो गए और उनकी खुशी देख कर एक खाँटी भाई कोंग्रेसी बोले "...देखिये कुछ भी गलत नहीं है ..." मैंने कहा "...ये लत बहुत बुरी है कहीं लात पद गया तो..." इस पर खाँटी भाई बोले "...6 महीने पुराना विडियो है तब वो काँग्रेस में नहीं थे...!" मैंने टिप्पणी करते हुए कहा "... छः महीने पुराना कोई सनकी सांड काँग्रेस मे आकर तो दूधारू गाय बन गया...!" खाँटी भाई कांग्रेसी मंद - मंद मुस्कुराते हुए बोले "...यही तो हमारी खासियत है ..." मैंने पलट कर पूछा "...ये टेकनोंलाजी इटली की है ...?" खाँटी भाई ने तुनक कर मुझसे पूछा "...आप लोगों को हर चीज में इटली क्यों दिखाई देता है ...?" मैंने कहा "...आप नाराज क्यों होते हैं ... वैसे गिरगिट लाख अपना रंग बदल ले अपने जाति का ढंग नहीं बदल सकता..." खाँटी भाई बोले "...राहुल जी स्थिति ने स्पष्ट कर दी है ...!" इसपर मैंने पूछा "...तो आपके शहजादे बेनी बाबू का गुबार लेकर उड़ेंगे ...?" खाँटी भाई बोले "...देखिये जो बात पुरानी हो गई उसपर ..." मैंने बीच में ही बात काटते हुए पूछा "...दादी मर गई, पापा मर गए, नाना भी ...ये सब बिलकुल नई बात है क्या ...?" खाँटी भाई थोड़ा असहज हो गए बोले "...मौत तो है जी ..." मैंने पूछा "...बेनी बाबू ने सेकुलरिज़्म की सोखईती सीख ली तो फिर ...?" खाँटी भाई ने मुझे डांटते हुए पूछा "...तो का क्या मतलब ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...तो का मतलब इमरान मसूद जैसे शैतान का भूत उतारने के लिए बेनी बाबू जैसे सोखा को भेजना चाहिए था ...!" खाँटी भाई अभी भी असहज थे, बोले "...देखिये ये मामला दूसरा है तब वो काँग्रेस में नहीं थे ..." मैंने कहा " ...तो भी सांपिया का शैतानी भूत उतारने के लिए मजे हुए सजातीय सोखा की जरूरत थी ..." खाँटी भाई ने असहजता छिपाते हुए कहा "...हमारे उपाध्यक्ष बहुत योग्य हैं ..." मैंने कहा "...लेकिन उनकी मम्मी कहती हैं सरकार चलाना बच्चों का खेल नहीं ..." खाँटी भाई बोले "...सही कहा है सहारनपुर में सरकार थोड़े न चलानी थी..." मैंने कहा "...हाँ हाँ वहाँ तो मसूद का शैतानी सांपिया भूत दौड़ाना था ..." खाँटी भाई अपना बचाव करते हुए बोले "...वैसे कानून अपना काम कर रहा है ..." मैंने पूछा "...तो बेनी बाबू किसका काम कर रहे हैं ...?" खाँटी भाई अपना पक्ष रखते हुए बोले "...वो तो कानून के दायरे में हैं ..." मैंने कहा "...लेकिन ओसामा जी के वध पर बेनी बाबू ओबामा पर इतने दयावान क्यों हैं ...?" खाँटी भाई कुछ बोल नहीं रहे थे तो मैंने उनको नमस्कार करके विदा लिया ...
ओसामा 'जी' की हत्या पर ओबामा को तो बेनी बाबू कबका उनके ही हवाई जहाज से उनको ढकेल दिये होते और ओबामा की कहानी खतम हो गई होती। वो तो बेनी बाबू की महानता है, उदारता है आज ओबामा इन्हीं बेनी बाबू की बदौलत जिंदा है। अरे पूरा अमेरिका अहसान मानता है इस्पात मंत्री का। जल्दी ही ये देश भी बेनी बाबू का एहसान मानेगा क्योंकि उन्होने इसका कारण बता दिया कि वो 'नरेन्द्र भाई मोदी' को मरने नहीं देंगे। कभी 'मुलाम सीं आदो' के बड़े खास रहे बेनी बाबू थोड़े परेशान दिख रहे थे लेकिन उनकी पार्टी के शहजादे यानी "बकलोल बबुआ" जब सहारनपुर पहुंच गए तो बेनी बाबू खुश हो गए और उनकी खुशी देख कर एक खाँटी भाई कोंग्रेसी बोले "...देखिये कुछ भी गलत नहीं है ..." मैंने कहा "...ये लत बहुत बुरी है कहीं लात पद गया तो..." इस पर खाँटी भाई बोले "...6 महीने पुराना विडियो है तब वो काँग्रेस में नहीं थे...!" मैंने टिप्पणी करते हुए कहा "... छः महीने पुराना कोई सनकी सांड काँग्रेस मे आकर तो दूधारू गाय बन गया...!" खाँटी भाई कांग्रेसी मंद - मंद मुस्कुराते हुए बोले "...यही तो हमारी खासियत है ..." मैंने पलट कर पूछा "...ये टेकनोंलाजी इटली की है ...?" खाँटी भाई ने तुनक कर मुझसे पूछा "...आप लोगों को हर चीज में इटली क्यों दिखाई देता है ...?" मैंने कहा "...आप नाराज क्यों होते हैं ... वैसे गिरगिट लाख अपना रंग बदल ले अपने जाति का ढंग नहीं बदल सकता..." खाँटी भाई बोले "...राहुल जी स्थिति ने स्पष्ट कर दी है ...!" इसपर मैंने पूछा "...तो आपके शहजादे बेनी बाबू का गुबार लेकर उड़ेंगे ...?" खाँटी भाई बोले "...देखिये जो बात पुरानी हो गई उसपर ..." मैंने बीच में ही बात काटते हुए पूछा "...दादी मर गई, पापा मर गए, नाना भी ...ये सब बिलकुल नई बात है क्या ...?" खाँटी भाई थोड़ा असहज हो गए बोले "...मौत तो है जी ..." मैंने पूछा "...बेनी बाबू ने सेकुलरिज़्म की सोखईती सीख ली तो फिर ...?" खाँटी भाई ने मुझे डांटते हुए पूछा "...तो का क्या मतलब ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...तो का मतलब इमरान मसूद जैसे शैतान का भूत उतारने के लिए बेनी बाबू जैसे सोखा को भेजना चाहिए था ...!" खाँटी भाई अभी भी असहज थे, बोले "...देखिये ये मामला दूसरा है तब वो काँग्रेस में नहीं थे ..." मैंने कहा " ...तो भी सांपिया का शैतानी भूत उतारने के लिए मजे हुए सजातीय सोखा की जरूरत थी ..." खाँटी भाई ने असहजता छिपाते हुए कहा "...हमारे उपाध्यक्ष बहुत योग्य हैं ..." मैंने कहा "...लेकिन उनकी मम्मी कहती हैं सरकार चलाना बच्चों का खेल नहीं ..." खाँटी भाई बोले "...सही कहा है सहारनपुर में सरकार थोड़े न चलानी थी..." मैंने कहा "...हाँ हाँ वहाँ तो मसूद का शैतानी सांपिया भूत दौड़ाना था ..." खाँटी भाई अपना बचाव करते हुए बोले "...वैसे कानून अपना काम कर रहा है ..." मैंने पूछा "...तो बेनी बाबू किसका काम कर रहे हैं ...?" खाँटी भाई अपना पक्ष रखते हुए बोले "...वो तो कानून के दायरे में हैं ..." मैंने कहा "...लेकिन ओसामा जी के वध पर बेनी बाबू ओबामा पर इतने दयावान क्यों हैं ...?" खाँटी भाई कुछ बोल नहीं रहे थे तो मैंने उनको नमस्कार करके विदा लिया ...
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