मार दुलत्ती उल्टा तान, देख पुछिन्डा मैं महान ...
कुक्कुर की पूंछ पकड़ कर गधे को दुलत्ती मरने की कला मे काँग्रेस कुमार केजरीवाल कितने माहिर हैं इसका अंदाजा उन्हें उसी समय लग गया जब गधे ने उनको कायदे से "रिवर्स दुलत्ती" लगा डाली और केजरीवाल कुक्कुर सहित चारो खाने चित हो गए और नाक से मवाद निकलने लगा। मजा देखिये तब भी केजरीवाल ने तब भी कुक्कुर की पूंछ छोडने का नाम नहीं ले रहे थे। हालांकि वो बेचारा कुक्कुर अभी भी ये पूरा प्रयास कर रहा है कि केजरीवाल उसकी पूंछ को ससम्मान छोड़ दें लेकिन 'केजरीवाल एंड कमपानी' पूंछ छोडने के बजाय उसे और ऐंठने पर उतारू है। मैंने एक आपिया दाढ़ीवाल से इस बारे मे पूछा तो कहने लगा "...ऐसा करना बहुत जरूरी है ..." मैंने पूछा "...पूंछ ज्यादा ऐंठने पर कहीं कुक्कुर ने पलट कर काट लिया तो ...?" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...जनता के सामने सच्छाई रखना बहुत जरूरी है ..." इसपर मैंने कहा "... फिलहाल तो गधे की सच्चाई के ताकत का केजरीवाल सामना कर ही रहे हैं थोड़ी देर हो सकता कुक्कुर की सच्चाई के ताकत का भी सामना करेंगे ..." आपिया दाढ़ीवाल अपनी ही तारीफ करते हुए बोला "...यही तो हमारी काबलियत है ..." मैंने कहा "...हाँ सही बात है कुक्कुर की पूंछ को हाथी की सूंड समझना और सबको बताना आपकी वाकई काबलियत है ..." आपिया दाढ़ीवाल अपना आपा खोने लगा था बोला "...देखिये आपकी अपनी सीमा है ..." मैंने भी तैश दिखते हुए पूछा '...नहीं तो ...!" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...आपको जेल मे डाल देंगे ..." इसपर मैंने तंज़ कसते हुए कहा "...पहले कुक्कुर की पूंछ तो छोड़िए ..." मूर्ख आपिया मेरी ही बात को दोहराते बोला "...नहीं छोड़ेंगे ..." मैंने हँसते हुए कहा "...नही तो कुक्कुर बहुत कटहा है ..." आपिया अपना आपा बहुत खो चुका था बोला "...अगर कुक्कुर हमको काटेगा तो हम भी कुक्कुर को काटना जानते हैं ..." मेरी जिज्ञासा बढ़ गई मैंने आपिया से पूछा "...क्या मतलब ...?" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...हाँ हाँ ! हम कुक्कुर को काट लेंगे अगर वो हमको कटेगा तो ..." मैंने हंसी रुक नहीं रही थी, पूछा "...लेकिन केजरीवाल कुक्कुर की पूंछ नहीं छोड़ेंगे ..." दाढ़ीवाल उसी बेआपा मे बोला "...अजी सवाल ही नहीं उठता...!" तभी कुछ और मीडिया वाले पहुँच गए और उन्होने झटपट कैमरा ऑन करके माइक सामने रख दिया। लेकिन जैसे ही किसी ने सवाल पूछना शुरू ही किया आपिया दाढ़ीवाल ने शांत रहने का क्रूर इशारा किया और SMS करके अपने और सहयोगियों को बुलाने लगा तो मैंने फिर पूछा "...क्या आप इनके सवालों का जवाब नहीं दे सकते ..." आपिया कुछ नहीं बोला तो मैंने फिर पूछा "...अरे महराज ! कुक्कुर का पूंछ छोड़िए और इन पत्रकारों के सवालों का जवाब दीजिये ..." आपिया उसी गुस्से मे बोला "...नहीं देंगे तो क्या कर लेंगे ये सब ..." मैंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा "...आप सभी लोग कैमरा माइक समेटिए और चलते बनिए यहाँ का माहौल ठीक नहीं है ..." एक पत्रकार ने पूछा "...क्यों क्या हो गया ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...इन्होने अपने सहयोगियों से साथ मे ढेर सारा पत्थर भी ले की आने को कहा है ..." सभी लोग तेजी से वहाँ से सटक लिए ....
कुक्कुर की पूंछ पकड़ कर गधे को दुलत्ती मरने की कला मे काँग्रेस कुमार केजरीवाल कितने माहिर हैं इसका अंदाजा उन्हें उसी समय लग गया जब गधे ने उनको कायदे से "रिवर्स दुलत्ती" लगा डाली और केजरीवाल कुक्कुर सहित चारो खाने चित हो गए और नाक से मवाद निकलने लगा। मजा देखिये तब भी केजरीवाल ने तब भी कुक्कुर की पूंछ छोडने का नाम नहीं ले रहे थे। हालांकि वो बेचारा कुक्कुर अभी भी ये पूरा प्रयास कर रहा है कि केजरीवाल उसकी पूंछ को ससम्मान छोड़ दें लेकिन 'केजरीवाल एंड कमपानी' पूंछ छोडने के बजाय उसे और ऐंठने पर उतारू है। मैंने एक आपिया दाढ़ीवाल से इस बारे मे पूछा तो कहने लगा "...ऐसा करना बहुत जरूरी है ..." मैंने पूछा "...पूंछ ज्यादा ऐंठने पर कहीं कुक्कुर ने पलट कर काट लिया तो ...?" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...जनता के सामने सच्छाई रखना बहुत जरूरी है ..." इसपर मैंने कहा "... फिलहाल तो गधे की सच्चाई के ताकत का केजरीवाल सामना कर ही रहे हैं थोड़ी देर हो सकता कुक्कुर की सच्चाई के ताकत का भी सामना करेंगे ..." आपिया दाढ़ीवाल अपनी ही तारीफ करते हुए बोला "...यही तो हमारी काबलियत है ..." मैंने कहा "...हाँ सही बात है कुक्कुर की पूंछ को हाथी की सूंड समझना और सबको बताना आपकी वाकई काबलियत है ..." आपिया दाढ़ीवाल अपना आपा खोने लगा था बोला "...देखिये आपकी अपनी सीमा है ..." मैंने भी तैश दिखते हुए पूछा '...नहीं तो ...!" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...आपको जेल मे डाल देंगे ..." इसपर मैंने तंज़ कसते हुए कहा "...पहले कुक्कुर की पूंछ तो छोड़िए ..." मूर्ख आपिया मेरी ही बात को दोहराते बोला "...नहीं छोड़ेंगे ..." मैंने हँसते हुए कहा "...नही तो कुक्कुर बहुत कटहा है ..." आपिया अपना आपा बहुत खो चुका था बोला "...अगर कुक्कुर हमको काटेगा तो हम भी कुक्कुर को काटना जानते हैं ..." मेरी जिज्ञासा बढ़ गई मैंने आपिया से पूछा "...क्या मतलब ...?" आपिया दाढ़ीवाल बोला "...हाँ हाँ ! हम कुक्कुर को काट लेंगे अगर वो हमको कटेगा तो ..." मैंने हंसी रुक नहीं रही थी, पूछा "...लेकिन केजरीवाल कुक्कुर की पूंछ नहीं छोड़ेंगे ..." दाढ़ीवाल उसी बेआपा मे बोला "...अजी सवाल ही नहीं उठता...!" तभी कुछ और मीडिया वाले पहुँच गए और उन्होने झटपट कैमरा ऑन करके माइक सामने रख दिया। लेकिन जैसे ही किसी ने सवाल पूछना शुरू ही किया आपिया दाढ़ीवाल ने शांत रहने का क्रूर इशारा किया और SMS करके अपने और सहयोगियों को बुलाने लगा तो मैंने फिर पूछा "...क्या आप इनके सवालों का जवाब नहीं दे सकते ..." आपिया कुछ नहीं बोला तो मैंने फिर पूछा "...अरे महराज ! कुक्कुर का पूंछ छोड़िए और इन पत्रकारों के सवालों का जवाब दीजिये ..." आपिया उसी गुस्से मे बोला "...नहीं देंगे तो क्या कर लेंगे ये सब ..." मैंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा "...आप सभी लोग कैमरा माइक समेटिए और चलते बनिए यहाँ का माहौल ठीक नहीं है ..." एक पत्रकार ने पूछा "...क्यों क्या हो गया ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...इन्होने अपने सहयोगियों से साथ मे ढेर सारा पत्थर भी ले की आने को कहा है ..." सभी लोग तेजी से वहाँ से सटक लिए ....
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