आपिया टँगड़ी लूला, अन्हरा जबरन बारे चूल्हा ....
आपिया के खोखी पहलवान काँग्रेस कुमार केजरीवाल मुंबई मे हुड़दंग मचाने के बाद आखिरकार ये स्वीकार कर ही लिया कि देश के अगले प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ही होंगे। दरअसल लेकिन इस सत्य को स्वीकार करने से पहले खोखी पहलवान को कितनी मशक्कत करनी पड़ी इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है बड़ा शोध करना पड़ता है कि उनके स्वयं तथा घर से लेकर समाज मे घटित होने वाले प्रत्येक घटना और दुर्घटना के जिम्मेदार मोदी जी ही हैं। उनका पेट खराब हो, श्रीमती जी को लेकर कोई शिकायत हो चाहे बाल-बच्चों को लेकर उघटापैची सबके लिए जिम्मेदार नरेंद्र भाई मोदी। भाई ! सीधा सा सवाल है जब कोई कनपटी पर बंदूक साटाएगा तो पेट खराब होगा या वो नमो-नमो करेगा...जाहिर सी बात है आज खोखी पहलवान का जबरदस्त पेट खराब है लिहाजा उन्होने "नागपुर मे नागिन डांस" का अपना कार्यक्रम टाल दिया। एक मुंबई का टपोरी आपिया बता रहा था "...येड़ा के साथ तो येड़ा बनाना पड़ता है ..." मैंने पूछा "... फिर खोखी पहलवान इलाज क्यों नहीं करवाते ...?" टपोरी आपिया बोला "...वो बिलकुल येड़ा है इसी वास्ते तो हम आपिया है ..." मैंने आश्चर्य से पूछा '...जरा ठीक से समझाओ ..." आपिया बोला "...देखो अगर इसका दिमाग ठीक हो गया तो ठीक से सोचेगा ठीक से सोचेगा तो काम ठीक से करेगा तो फिर ठीक-ठाक लोगों को टिकट भी देगा ...मैं कहाँ फिट बैठेगा ...इसका येड़ा रहना ही अपुन के लिए ठीक है ..." मैंने पूछा "...मतलब जितने लोगों को 'आपा' मे टिकट मिल रहा है वो सब येड़ा ही हैं ...??" आपिया बोला "...आप किस दुनिया मे है ये सब उससे भी गए गुजरे हैं ..." मैंने उस आपिया को उकसाते हुए पूछा "...मुझे तो नहीं लगता ..." आपिया बोला "...सोमनाथ भारती को देखो, राखी बिड़लान को देखो, शाजिया इल्मी को देखो, आशुतोष गुप्ता को देखो ... पूरे येड़वे भाजपा कार्यालय पर पहुँच गए थे बिना बात का पत्थरबाजी करने ..." मैंने कहा "...ये तो अराजकता भी तो हो सकती है ..." आपिया बोला "...कोठे पर शौक से कितनी भी शरीफ लड़की रहे वो शरीफ नहीं हो सकती ..." मैंने आश्चर्य पूछा "...मतलब ...?" आपिया बोला "...येड़ा के साथ शरीफ भी जुड़ेगा तो दो दिन मे ही येड़ा हो जाएगा ..." मैंने फिर उसे उकसाते हुए कहा "...मुझे नहीं लगता..." आपिया बोला "...वालण्टीयरों को छोड़ो आप केवल सपोर्टर को ही देख लो इस येड़ा के लिए जो लॉजिक गढ़ते हैं कितने घटिया और बेहूदे होते ...अगर वो जर्नलिस्ट है तो पूछो ही मत मुंह काला करते हैं इस येड़ा का सपोर्ट करके ..." मैंने उस टपोरी आपिया से पूछा "...तुमको टिकट मिला है ...?" आपिया ने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ मिला है ..." मैंने फिर पूछा "...जीतने की उम्मीद है ...?" आपिया ने बड़े बेबाकी से उत्तर देते हुए कहा "...नहीं बिल्कुल नहीं ..." मेरी जिज्ञासा बहुत बढ़ गई सो पूछा "...फिर क्यों टिकट लिया ..." आपिया ने बड़े कोन्फ़िडेंस से कहा "...देखो अपुन का एक बिजनेस है उसको बढ़ाने का है...मैं चुनाव मे खड़ा होगा लोग जनेगे ... जानेंगे तो अपुन का बिजनेस बढ़ेगा ...बस ..." मैंने फिर पूछा "...फिर केजरीवाल अपने लोगों को टिकट क्यों नहीं दे रहा है ..." आपिया बोला "...यहा अपना कोई नहीं है अगर अपना कोई है तो उसे बिल्कुल ही टिकट नहीं मिलेगा ...क्यों मिलेगा जी ...आप बताओ उस येड़ा को क्या फायदा होगा जब किसी को जीतना ही नहीं है ..." मुझे अब समझ मे आने लगा था "आपा" मे अचानक बगावत क्यों हो गई ...जो भी मानसिक रूप से स्वस्थ है वो "आपा" छोडकर भाग क्यों रहा है ...मैंने टपोरी छाप आपिया को धन्यवाद कह के विदा लिया ।
आपिया के खोखी पहलवान काँग्रेस कुमार केजरीवाल मुंबई मे हुड़दंग मचाने के बाद आखिरकार ये स्वीकार कर ही लिया कि देश के अगले प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ही होंगे। दरअसल लेकिन इस सत्य को स्वीकार करने से पहले खोखी पहलवान को कितनी मशक्कत करनी पड़ी इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है बड़ा शोध करना पड़ता है कि उनके स्वयं तथा घर से लेकर समाज मे घटित होने वाले प्रत्येक घटना और दुर्घटना के जिम्मेदार मोदी जी ही हैं। उनका पेट खराब हो, श्रीमती जी को लेकर कोई शिकायत हो चाहे बाल-बच्चों को लेकर उघटापैची सबके लिए जिम्मेदार नरेंद्र भाई मोदी। भाई ! सीधा सा सवाल है जब कोई कनपटी पर बंदूक साटाएगा तो पेट खराब होगा या वो नमो-नमो करेगा...जाहिर सी बात है आज खोखी पहलवान का जबरदस्त पेट खराब है लिहाजा उन्होने "नागपुर मे नागिन डांस" का अपना कार्यक्रम टाल दिया। एक मुंबई का टपोरी आपिया बता रहा था "...येड़ा के साथ तो येड़ा बनाना पड़ता है ..." मैंने पूछा "... फिर खोखी पहलवान इलाज क्यों नहीं करवाते ...?" टपोरी आपिया बोला "...वो बिलकुल येड़ा है इसी वास्ते तो हम आपिया है ..." मैंने आश्चर्य से पूछा '...जरा ठीक से समझाओ ..." आपिया बोला "...देखो अगर इसका दिमाग ठीक हो गया तो ठीक से सोचेगा ठीक से सोचेगा तो काम ठीक से करेगा तो फिर ठीक-ठाक लोगों को टिकट भी देगा ...मैं कहाँ फिट बैठेगा ...इसका येड़ा रहना ही अपुन के लिए ठीक है ..." मैंने पूछा "...मतलब जितने लोगों को 'आपा' मे टिकट मिल रहा है वो सब येड़ा ही हैं ...??" आपिया बोला "...आप किस दुनिया मे है ये सब उससे भी गए गुजरे हैं ..." मैंने उस आपिया को उकसाते हुए पूछा "...मुझे तो नहीं लगता ..." आपिया बोला "...सोमनाथ भारती को देखो, राखी बिड़लान को देखो, शाजिया इल्मी को देखो, आशुतोष गुप्ता को देखो ... पूरे येड़वे भाजपा कार्यालय पर पहुँच गए थे बिना बात का पत्थरबाजी करने ..." मैंने कहा "...ये तो अराजकता भी तो हो सकती है ..." आपिया बोला "...कोठे पर शौक से कितनी भी शरीफ लड़की रहे वो शरीफ नहीं हो सकती ..." मैंने आश्चर्य पूछा "...मतलब ...?" आपिया बोला "...येड़ा के साथ शरीफ भी जुड़ेगा तो दो दिन मे ही येड़ा हो जाएगा ..." मैंने फिर उसे उकसाते हुए कहा "...मुझे नहीं लगता..." आपिया बोला "...वालण्टीयरों को छोड़ो आप केवल सपोर्टर को ही देख लो इस येड़ा के लिए जो लॉजिक गढ़ते हैं कितने घटिया और बेहूदे होते ...अगर वो जर्नलिस्ट है तो पूछो ही मत मुंह काला करते हैं इस येड़ा का सपोर्ट करके ..." मैंने उस टपोरी आपिया से पूछा "...तुमको टिकट मिला है ...?" आपिया ने उत्तर देते हुए कहा "...हाँ मिला है ..." मैंने फिर पूछा "...जीतने की उम्मीद है ...?" आपिया ने बड़े बेबाकी से उत्तर देते हुए कहा "...नहीं बिल्कुल नहीं ..." मेरी जिज्ञासा बहुत बढ़ गई सो पूछा "...फिर क्यों टिकट लिया ..." आपिया ने बड़े कोन्फ़िडेंस से कहा "...देखो अपुन का एक बिजनेस है उसको बढ़ाने का है...मैं चुनाव मे खड़ा होगा लोग जनेगे ... जानेंगे तो अपुन का बिजनेस बढ़ेगा ...बस ..." मैंने फिर पूछा "...फिर केजरीवाल अपने लोगों को टिकट क्यों नहीं दे रहा है ..." आपिया बोला "...यहा अपना कोई नहीं है अगर अपना कोई है तो उसे बिल्कुल ही टिकट नहीं मिलेगा ...क्यों मिलेगा जी ...आप बताओ उस येड़ा को क्या फायदा होगा जब किसी को जीतना ही नहीं है ..." मुझे अब समझ मे आने लगा था "आपा" मे अचानक बगावत क्यों हो गई ...जो भी मानसिक रूप से स्वस्थ है वो "आपा" छोडकर भाग क्यों रहा है ...मैंने टपोरी छाप आपिया को धन्यवाद कह के विदा लिया ।
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