Thursday, 27 February 2014

दलिद्दर खेदान फागुन में ...!

जैसे जैसे नरेन्द्र भाई मोदी का जादू लोगों पर बढ़ता जा रहा है, विरोधी पार्टियों मे दलिद्दर खेदान का खेल शुरू हो गया है। अभी कल इशरत आपा के मुँहबोले परम पिता नितीश कुमार ने अपने पार्टी से पाँच दलिद्दरों को अपनी पार्टी से खेद दिया। हालाँकि दलिद्दर खेदने का त्योहार चैत मास मे उस दिन मनाया जाता है जब नवमी पूजी जाती है। घर की माताएँ बहने रात्रि जागरण के पूजा पश्चात भोर मे दलिद्दर खेदा जाता है। ये मोदी जी का जादू है कि बहुत बड़े स्तर पर एकमेव सामाजिक समरसता के दर्शन हो रहे हैं। सभी जागह विरोधियों मे दलिद्दर खेदने का त्योहार धूम-धाम से मनाया जा रहा है। यकीन मानिए ये उसी जादू का कमाल है कि फाल्गुन के महीने मे पूरा-पूरा चैत का आनंद मिल रहा है। इशरत आपा के नितीश कुमार ने अभी कुछ दिन पहले आम के पेड़ पर ढेला मरने पहुँच गए तो तो लालू यादव आग बबूला हो गए और पटना मे डेरा जमा लिया फिर नितीश को ही ललकारने लगे। बाद नितीश कुमार को किसी ने बताया कि अभी पेड़ पर टिकोरा नहीं लगा है तब नितीश बाबू को होश आया और उल्टे पाँव भागे। लेकिन वो आम का पेड़ तो अब फल देने से रहा क्योंकि एक पेड़ बहुत पुराना हो चुका है दूसरे चौपायों ने उसका इस कदर शोषण कर लिया है कि अब पानी देने से भी कुछ नहीं होने वाला। इसीलिए उस दिन रबड़ी देवी कुछ ज्यादा ही फार्म मे दिख रही थीं। मैंने इसपर एक जदयू नेता से पूछा तो कहने लगे "...हम सारे दलिद्दरों को खेद कर ही दम लेंगे ..." इस पर मैंने पूछा "...तो फिर नितीश बाबू को बेमौसम टिकोरा तोड़ने की क्या जरूरत थी ...?" जदयू नेता बोले "...संभावनाओं पर कुछ एक्शन लेना ही पड़ेगा ...!" मैंने फिर पूछा "...लेकिन वहाँ तो महिलाएं भी लुआठी लिए खड़ी थी अपनी संभावना बचाने के लिए ...!" जदयू नेता बोले "... इसीलिए तो हमारी अपनी नीति है और हम उसपर कायम हैं ..." मैंने कटाक्ष करते हुए कहा "... इशरत जहां आपकी मजबूरी है मोदी जी की रैली मे विस्फोट भी करवाना जरूरी है ..." जदयू नेता बीच मे ही बात काटते हुए बोले "...बिहार मे हमारा कोई विकल्प नहीं है ..." मैंने फिर कड़े हो कर पूछा "...ये चेतावनी या धमकी आप किसको दे रहे हैं ...?" जदयू नेता बोले '...देखिये ऐसा कुछ नहीं है हम सब कुछ नियम के हिसाब से कर रहे हैं ..." मैंने फिर कटाक्ष करते हुए कहा "...बेमौसम टिकोरा मारना कौन सा नियम है ...? जदयू नेता बोले "...देखिये ऐसा कुछ भी नहीं है ..." मैंने फिर पूछा "...तो नितीश बाबू आम के पेड़ के नीचे कटोरा ले कर कर खड़े थे ...?" जदयू नेता उत्तर देते हुए बोले "...इसका जवाब तो विधान सभा अध्यक्ष ही बेहतर दे सकते हैं ...!" मैंने कहा "...वाह दलिद्दर आप खेदिए, टिकोरा आप मारिए उत्तर विधान सभा अध्यक्ष देंगे ...!" इसके बाद जदयू नेता कुछ बोल नहीं रहे थे ...           

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