Saturday, 25 January 2014

गोरखपुर ने तो इतिहास ही रच डाला ...

आदरणीय नेरेन्द्र भाई मोदी की 23 जनवरी की "विजय शंखनाद रैली", गोरखपुर भारत के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी रैली है जिसमे 9 से 10 लाख लोग तो केवल मैदान मे ही थे ऐसा अनुमान है कि लगभग 3 से 4 लाख लोग तो उस जाम मे फंस गए थे जो रैली मे पहुँचना चाह रहे थे। ...अद्भुत नजारा था। इसके बाद दूसरी सबसे बड़ी रैली पटना की "हुंकार' रैली थी जिसने 1974 के लोकनायक जयप्रकाश नारयण के "सम्पूर्ण क्रांति" की रैली को भी बहुत पीछे छोड़ दिया था। स्वतंत्र भारत मे अबतक के पूर्वाञ्चल की  इस सबसे बड़ी रैली का प्रभाव इतना जबर्दस्त है कि सभी विरोधियों के बिलकुल नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। रैली के ठीक एक दिन बाद ही मुलायम सिंह यादव को अपने सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की अचानक आपात बैठक बुलानी पड़ी और उत्तर प्रदेश की वस्तुस्थिति पर गंभीर मंत्रणा की वैसे समाजवादी पार्टी के लोग भी मंत्रणा कर सकते हैं लिखते हुए भी बड़ा अजीब लगता हैं, आप समझ सकते हैं। गोरखपुर की विजय शंखनाद रैली ने पूरे पूर्वाञ्चल की राजनीतिक समीकरण पर जबर्दस्त प्रभाव डाला है जिसका असर केवल पूर्वाञ्चल मे ही नहीं बल्कि दिल्ली सहित पूरे देश मे देखा और महसूस किया जा रहा है। इस रैली के बाद से ये पहली बार कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मतदाता केवल मतदान ही नहीं करेंगे बल्कि शुद्ध राजनीति भी करेंगे। आलम ये है कि यहाँ से 23 लोकसभा सीट मे से 17 से अधिक सीटें भाजपा की झोली मे जाने संभावना जताई जा रही है। अगर यही रफ्तार रही और कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत कर दी तो पूरे उत्तर पदेश मे भाजपा 55 से 65 सीटें जीत सकती है। इसका असर पूरे देश विभिन्न रूपों मे दिखना शुरू हो चुका है।

मैंने पिछले 31 मई 2013 को ही अपने एक लेख मे अपना आकलन व्यक्त किया था कि जिस प्रकार मोदी जी का जादू लोगों के सर चढ़ कर बोल रहा है उससे ऐसा लगता ही नहीं है बल्कि ये सुनिश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि आने वाले चुनाव मे भाजपा को अपने बूते 280 से  330 सीटें मिल सकतीं हैं थोड़ा मेहनत कर दिया गया तो ये आंकड़ा 350 के पार भी जा सकता है। मेरा ये आंकलन 7 महीने पहले का है जिसे मैंने "सोशिओ डाइनामिक्स ऑफ ओपीनियन" के आधार पर था जिसे देश के दकियानूस बड़े - बड़े मीडिया घारने के लोग अभी नाम भी नहीं सुने होंगे। इसमे "एडवांस साइकॉलजी के साथ व्यक्ति के परिवर्तनशील सामाजिक मनोविज्ञान" का भी अध्ययन किया जाता है। सीटों के संदर्भ मे अपने पूर्वर्ती आकलन पर भी भी कायम हूँ। लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को परिश्रम तो बढ़ाना ही होगा।

आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी, एवं पूर्वाञ्चल की जनता को कोटि-कोटि धन्यवाद आदरणीय नरेन्द्र भाई मोदी को विश्वनेता के रूप मे स्थापित करने के निमित्त सहयोग करने के लिए।     

No comments:

Post a Comment