Thursday, 21 November 2013

केजरीवाल की क्रेडेबिलिटी क्राइसिस

कल जब से अन्ना की सीडी मीडिया मे चल रही है केजरीवाल और उनकी "आम आदमी पार्टी" संदेह बहुत अधिक गहरा गया है। वैसे भी अरविंद केजरवाल एंड कंपनी की  अलगाव मानसिकता किसी से छिपी नहीं है उनके परम सहयोगी प्रशांत भूषण कई बार खुले तौर कश्मीर को पाकिस्तान को सौंप देने की खुली वकालत कर चुके हैं और समय समय पर करते रहे हैं, केजरीवाल अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर कई बार "आइ लव माइ पाकिस्तान" तक लिख चुके हैं, केजरीवाल जी को अफजल गुरु को फांसी दिये जाने मे देश की बदनामी दिखती ही है उन्हे अहजल गुरु और भगत सिंह के कोई अंतर नहीं दिखाता, बटाला हाऊस इनकाउंटर को फर्जी बताने वाले केजरीवाल और उनके " "आम आदमी पार्टी"  को पाकिस्तान के इस्लामिस्ट से ऑनलाइन चंदा मिलने का तथ्य प्रकाश में जब से आया है राष्ट्रीय स्टार संदेह बहुत अधिक बढ़ गया है। वैसे भी केजरीवाल को पाकिस्तान से चंदा मिलने का क्या कारण और आधार है ? भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के दोनों छोटे भाई पाकिस्तान मे है एक पाकिस्तान का शिक्षा मंत्री है तथा दूसरा टीवी एंकर है इसी से आसानी समझा जा सकता है कि केजरीवाल और "आम आदमी पार्टी" को पाकिस्तान के इस्लामिस्ट से चंदा कैसे मिल रहा है और और चंदे का क्या और कितना महत्व है साथ ही उसका मकसद भी बड़ी आसानी से समझा जा सकता है।

अन्ना की सीडी मिलने के बाद केजरीवाल और उनके "आप" का वास्तविक स्वरूप जिस प्रकार से जनता के सामने आया है उनकी विश्वसनीयता समाप्त ही हो चुकी है कुछ लोग जो न सिर्फ "आम आदमी पार्टी" पदाधिकारी थे लेकिन इस घटनाक्रम के बाद अब नहीं है, का साफ - साफ कहना है "सुरेश कलमाड़ी, कनीमोझी, मनमोहन सिंह, ए राजा, लालू यादव आदि और अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी मे क्या अंतर है ? अन्ना ने तो केजरीवाल की कलई ही खोल के रख दी है ...उन्होने ने नौकरी के दौरान क्या किया इससे मुझे कोई मतलब नहीं था लेकिन अब शक होता है ...केजरीवाल तो अभी कोई चुनाव नहीं जीते हैं किसी भी पद पर नहीं है फिर भी ऐसे आरोप तो समान्यतः शुरू मे किसी भी नेता पर नहीं लगे ... वी पी सिंह पर भी नहीं लगे थे ... लेकिन चंदा हड़पने की सच्चाई ने आत्मा को हिला के रख दिया ...मेरा स्पष्ट मानना है कि अन्ना कभी भी झूठ नहीं बोल सकते, किसी के बहकावे मे नहीं आ सकते, कोई भी उनको भड़का नहीं सकता ..." एक और पूर्व "आप" कार्यकर्ता का स्पष्ट कहना था कि "केजरीवाल जब केजरीवाल तौकीर रजा से मिलने बरेली गए तभी मन खिन्न हो गया था, उस सामय तो जैसे तैसे तर्क - कुतर्क से मन को समझा लिया, लेकिन अब तो शक यकीन मे बदल गया है" आगे जोड़ते हुए वो कहते हैं "अभी चुनाव से पहले ही केजरीवाल को चंदा दिखा घोटाला करने के लिए उन्होने कर लिया, आगे क्या - क्या करेंगे लोग हमसे पूछते हैं देने के लिए हमारे पास कोई उत्तर नहीं है और तो और बहुत से वोटर तो गारंटी तक की मांग करने लगे है हमारे पास देने को उत्तर नहीं है गारंटी कहाँ से देंगे मुंह छिपाने तक की नौबत है हमारे लिए" ये पूछने पर कि वो व्यक्तिगत तौर पर "आम आदमी पार्टी" को वोट देंगे उन लोगों का स्पष्ट उत्तर नहीं मे था, उन सभी पूर्व "आप" कार्यकर्ताओं को काफी अफसोस भी है कि ठीक 2 दिन पहले तक वो केजरीवाल के कट्टर समर्थक हुआ करते थे।
  

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