"आप" का अपना पाप छिपाने की असफल कोशिश
कल शाम के स्टिंग आपरेशन की सीडी आने के बाद जिसमे "आप" के 9 उम्मीदवारों के वास्तविक स्वरूप के दर्शन हुए हैं , पर "आम आदमी पार्टी" ने आज प्रेस कान्फ्रेंस किया जिसमे उन्होने अपने उम्मीदवारों को सफ़ेद बिलकुल पाक-साफ बता कर जनता को सारे शाम बेवफ़ूफ बनाने का प्रयास किया गया वैसे जनता के आँखों मे तो धूल "आप" द्वारा बहुत पहले से झोंका जा रहा था। वैसे अपने ही जाच करके अपने फैसला सुना दिया ठीक वैसे ही जैसे शीला दीक्षित, कलमाड़ी, पावन बनसल आदि को ईमानदार ठहराते हुए क्लीन चिट प्रदान करती है। ध्यान दें -
1- काँग्रेस की मदद से अपने पक्ष मे फर्जी ओपीनियन पोल करवाने वाले योगेन्द्र यादव ने इस बात ज़ोर दिया की सीडी मे संदर्भ के साथ संवाद नहीं है लिहाजा संदर्भ बदला गया है ...ध्यान दीजिये उनके पास सीडी की मूल कॉपी नहीं है फिर भी वो संदर्भ बदलने आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं ? जबकि पूरा ऑपरेशन देखने पर ऐसा कहीं भी नहीं लगता। एक विषय पर फ्रेम बदलने का जो आधार वो बता रहे हैं रहा है वो बिलकुल कहीं भी पूरे ऑपरेशन मे है ही नहीं। योगेन्द्र यादव का झूठ यहीं पर पकड़ मे आ जाता है...
2 - योगेंद्र यादव ने शाजिया इल्मी के पी॰ए॰ सिद्धार्थ के ऊपर कोई टिप्पणी नहीं की जबकि पैसे को मैनेज करने का सारा रास्ता वही बता रहा था, बाद मे प्रशांत भूषण ने कहा वो पत्रकार उनकी मर्जी से आया था। इसका कोई मतलब ही नहीं था ये बिलकुल संदर्भित तथ्य है जिसे शाजिया के पी॰ए॰ को रेफर किया था ठीक पैसे के लेन-देन के संदर्भ मे
3- योगेन्द्र यादव तो लगता है सुप्रीम जज से भी महान हैं उन्होने बड़ी बचकानी टिप्पणी की ये ऑपरेशन प्रायोजित है क्यों भाई इस ऑपरेशन को कोई प्रायोजित क्यों नहीं कर सकता ? ये ठीक वैसा ही प्रश्न है कोई केजरीवाल ये पूछे कि "आप" 2013 के ही दिल्ली विधान सभा चुनाव मे ही क्यों खड़े हैं? इसका उत्तर यादव जी दें सकते हैं तो दे...
4- यादव जी को इस बात पर भी घोर आपत्ति है कि इस समय इस सीडी को नहीं आना चाहिए क्योंकि ये चुनाव का समय है क्यों चुनाव का समय है इसे वो चाल बताते हैं इसलिए उन्हें सारे कुकर्म करने की छूट मिल जाती है क्या ? और उनका काला और कच्चा चिट्ठा चुनाव के समय क्यों नहीं आना चाहिए ?? हालांकि ये सीडी उनके कुकर्मों से ज्यादा उस "आप" के गंदे और भ्रष्ट तंत्र पर है जिस पर पूरी की पूरी "आम आदमी खड़ी" है और जिसका कोई भी अपवाद नहीं है केजरीवाल भी नहीं। वैसे कहा तो ये भी जा रहा है कि पूरे के पूरे 70 लोगों के काले कारनामो की सीडी है यहाँ प्रश्न "आप" के पूरे के पूरे गंदे तंत्र का है...
5- योगेन्द्र यादव ने ये दावा किया कि भारत के इतिहास मे "आप" पहली पार्टी है जो ऐसा करती है वैसा करती है लेकिन स्टिंग ऑपरेशन मे शाजिया साफ - साफ कार्यकर्ताओं को "वेतन" सैलरी की बात कर रही हैं ...यादव जी आप बिलकुल सही हैं भारत मे "आप" ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ताओं को मोटी तनख्वाह मिलती है ...इसीलिए 3 दिन पहले ही मुझे शक हुआ था तभी मैंने अपने आर्टिकल का शीर्षक दिया था "चंदा या निवेश"। वेतन वाले मुद्दे पर किसी ने भी कोई सफाई नहीं दी है ...इसका मतलब सारी भीड़ भाड़े पर आती है "आप" के कार्यक्रमों मे ...
6 - आपराधिक मानहानि मामला दायर करने जा रहे रही है "आप" क्या भद्दा मज़ाक है दिल्ली की जनता के साथ ...आखिर इसमे ऐसा क्या है जिससे ये साबित होता है जिसने ये स्टिंग ऑपरेशन किया वो अपराधी है ...?
या तो "आप" जनता को खड़े - खड़े बेवकूफ़ बनाना चाहती है जैसा कि पहले से करती आ रही है या फिर अन्ना के आरोप के बाद बचा हुआ अपना "अस्थिपंजर" मजबूती से दिखाना चाहती है इस उम्मीद मे कि लोग डर जाएंगे ...वैसे भी आज तक किसी भी स्टिंग ऑपरेशन किसी प्रकार के आपराधिक मानहानि का मुक़द्दमा हुआ ही नहीं ...क्यों इसका कोई आधार ही नहीं बन सकता ..मुझे तो लगता है कहीं उल्टे मुक़द्दमा करने वाले ही जेल मे न चले जाएँ ....
7- योगेन्द्र यादव चुनाव आयोग से मांग करेंगे कि 48 घंटे मे जांच कर के बताएं कि वो आरोप सही हैं या नहीं ध्यान देन ये बहुत शातिर बयान है जिसके तहत चुनाव आयोग के अधिकार के बाहर के विषय को तथ्य बनाने की कोशिश की जा रही है उन्हें ये पता है कि चुनाव आयोग इस पर कुछ नहीं करेगा करने का अधिकार भी नहीं है।
8 - योगेंद्र यादव जी ने फरमाया कि 1 घंटे की सीडी पर वो करवाही नहीं कर सकते ...यदि समय महत्वपूर्ण है तो बंगरू लक्ष्मण की सीडी की सीडी शायद 5 मिनट की थी तो उनको 4 साल की जेल हो सकती है तो एक घंटे की सीडी 48 साल की सजा क्यों नहीं होनी चाहिए ?
... आदि आदि
आज के प्रेस कान्फ्रेंस से ये स्पष्ट है कि "आप" के सभी लोगों ये पता है कि स्टिंग ऑपरेशन की सीडी बिल्कुल सही है यदि ऐसा नहीं होता तो अनिरुद्ध झा उसे चुनाव आयोग को नहीं सौंपते, इस प्रेस कांन्फ्रेंस से माध्यम से उन्होने अपने "आप" के पापों को छुपा कर जनता की आँखों मे धूल झोंकने की निहायत ही असफल कोशिश की है .....
कल शाम के स्टिंग आपरेशन की सीडी आने के बाद जिसमे "आप" के 9 उम्मीदवारों के वास्तविक स्वरूप के दर्शन हुए हैं , पर "आम आदमी पार्टी" ने आज प्रेस कान्फ्रेंस किया जिसमे उन्होने अपने उम्मीदवारों को सफ़ेद बिलकुल पाक-साफ बता कर जनता को सारे शाम बेवफ़ूफ बनाने का प्रयास किया गया वैसे जनता के आँखों मे तो धूल "आप" द्वारा बहुत पहले से झोंका जा रहा था। वैसे अपने ही जाच करके अपने फैसला सुना दिया ठीक वैसे ही जैसे शीला दीक्षित, कलमाड़ी, पावन बनसल आदि को ईमानदार ठहराते हुए क्लीन चिट प्रदान करती है। ध्यान दें -
1- काँग्रेस की मदद से अपने पक्ष मे फर्जी ओपीनियन पोल करवाने वाले योगेन्द्र यादव ने इस बात ज़ोर दिया की सीडी मे संदर्भ के साथ संवाद नहीं है लिहाजा संदर्भ बदला गया है ...ध्यान दीजिये उनके पास सीडी की मूल कॉपी नहीं है फिर भी वो संदर्भ बदलने आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं ? जबकि पूरा ऑपरेशन देखने पर ऐसा कहीं भी नहीं लगता। एक विषय पर फ्रेम बदलने का जो आधार वो बता रहे हैं रहा है वो बिलकुल कहीं भी पूरे ऑपरेशन मे है ही नहीं। योगेन्द्र यादव का झूठ यहीं पर पकड़ मे आ जाता है...
2 - योगेंद्र यादव ने शाजिया इल्मी के पी॰ए॰ सिद्धार्थ के ऊपर कोई टिप्पणी नहीं की जबकि पैसे को मैनेज करने का सारा रास्ता वही बता रहा था, बाद मे प्रशांत भूषण ने कहा वो पत्रकार उनकी मर्जी से आया था। इसका कोई मतलब ही नहीं था ये बिलकुल संदर्भित तथ्य है जिसे शाजिया के पी॰ए॰ को रेफर किया था ठीक पैसे के लेन-देन के संदर्भ मे
3- योगेन्द्र यादव तो लगता है सुप्रीम जज से भी महान हैं उन्होने बड़ी बचकानी टिप्पणी की ये ऑपरेशन प्रायोजित है क्यों भाई इस ऑपरेशन को कोई प्रायोजित क्यों नहीं कर सकता ? ये ठीक वैसा ही प्रश्न है कोई केजरीवाल ये पूछे कि "आप" 2013 के ही दिल्ली विधान सभा चुनाव मे ही क्यों खड़े हैं? इसका उत्तर यादव जी दें सकते हैं तो दे...
4- यादव जी को इस बात पर भी घोर आपत्ति है कि इस समय इस सीडी को नहीं आना चाहिए क्योंकि ये चुनाव का समय है क्यों चुनाव का समय है इसे वो चाल बताते हैं इसलिए उन्हें सारे कुकर्म करने की छूट मिल जाती है क्या ? और उनका काला और कच्चा चिट्ठा चुनाव के समय क्यों नहीं आना चाहिए ?? हालांकि ये सीडी उनके कुकर्मों से ज्यादा उस "आप" के गंदे और भ्रष्ट तंत्र पर है जिस पर पूरी की पूरी "आम आदमी खड़ी" है और जिसका कोई भी अपवाद नहीं है केजरीवाल भी नहीं। वैसे कहा तो ये भी जा रहा है कि पूरे के पूरे 70 लोगों के काले कारनामो की सीडी है यहाँ प्रश्न "आप" के पूरे के पूरे गंदे तंत्र का है...
5- योगेन्द्र यादव ने ये दावा किया कि भारत के इतिहास मे "आप" पहली पार्टी है जो ऐसा करती है वैसा करती है लेकिन स्टिंग ऑपरेशन मे शाजिया साफ - साफ कार्यकर्ताओं को "वेतन" सैलरी की बात कर रही हैं ...यादव जी आप बिलकुल सही हैं भारत मे "आप" ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ताओं को मोटी तनख्वाह मिलती है ...इसीलिए 3 दिन पहले ही मुझे शक हुआ था तभी मैंने अपने आर्टिकल का शीर्षक दिया था "चंदा या निवेश"। वेतन वाले मुद्दे पर किसी ने भी कोई सफाई नहीं दी है ...इसका मतलब सारी भीड़ भाड़े पर आती है "आप" के कार्यक्रमों मे ...
6 - आपराधिक मानहानि मामला दायर करने जा रहे रही है "आप" क्या भद्दा मज़ाक है दिल्ली की जनता के साथ ...आखिर इसमे ऐसा क्या है जिससे ये साबित होता है जिसने ये स्टिंग ऑपरेशन किया वो अपराधी है ...?
या तो "आप" जनता को खड़े - खड़े बेवकूफ़ बनाना चाहती है जैसा कि पहले से करती आ रही है या फिर अन्ना के आरोप के बाद बचा हुआ अपना "अस्थिपंजर" मजबूती से दिखाना चाहती है इस उम्मीद मे कि लोग डर जाएंगे ...वैसे भी आज तक किसी भी स्टिंग ऑपरेशन किसी प्रकार के आपराधिक मानहानि का मुक़द्दमा हुआ ही नहीं ...क्यों इसका कोई आधार ही नहीं बन सकता ..मुझे तो लगता है कहीं उल्टे मुक़द्दमा करने वाले ही जेल मे न चले जाएँ ....
7- योगेन्द्र यादव चुनाव आयोग से मांग करेंगे कि 48 घंटे मे जांच कर के बताएं कि वो आरोप सही हैं या नहीं ध्यान देन ये बहुत शातिर बयान है जिसके तहत चुनाव आयोग के अधिकार के बाहर के विषय को तथ्य बनाने की कोशिश की जा रही है उन्हें ये पता है कि चुनाव आयोग इस पर कुछ नहीं करेगा करने का अधिकार भी नहीं है।
8 - योगेंद्र यादव जी ने फरमाया कि 1 घंटे की सीडी पर वो करवाही नहीं कर सकते ...यदि समय महत्वपूर्ण है तो बंगरू लक्ष्मण की सीडी की सीडी शायद 5 मिनट की थी तो उनको 4 साल की जेल हो सकती है तो एक घंटे की सीडी 48 साल की सजा क्यों नहीं होनी चाहिए ?
... आदि आदि
आज के प्रेस कान्फ्रेंस से ये स्पष्ट है कि "आप" के सभी लोगों ये पता है कि स्टिंग ऑपरेशन की सीडी बिल्कुल सही है यदि ऐसा नहीं होता तो अनिरुद्ध झा उसे चुनाव आयोग को नहीं सौंपते, इस प्रेस कांन्फ्रेंस से माध्यम से उन्होने अपने "आप" के पापों को छुपा कर जनता की आँखों मे धूल झोंकने की निहायत ही असफल कोशिश की है .....
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