Tuesday, 15 October 2013

वैसे तो हर साल दशहरा आता है इस वर्ष भी आया और चला गया लेकिन ये दशहरा कुछ खास इसलिए भी था कि रावण जैसे कुछ लोग ही रावण का पुतला फूंकने का प्रयास कर रहे थे। वैसे रावण तो महाज्ञानी और महापंडित भी था लेकिन था बिलकुल अंडरएचीवर मनमोहन सिंह की तरह। रावण ने भी बहुत से असफलताओं पर इस्तीफा नहीं दिया था दे दिया होता तो कम से कम ईमानदार और ज्यादा कार्यकुशल राजा विभीषण हो गया होता और उसकी सोने की लंका तो बची होती, प्रभु श्रीराम को इतनी    

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