Sunday, 20 October 2013

"कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय या खाए बौराए जग वा पाए बौराए" एक सोना दूसरा धतूरा लेकिन विश्लेषक बताते हैं सोने मे धतूरे से सौगुनी अधिक मादकता होती है...कांग्रेछिः सरकार को जिस प्रकार घोटालों का धतूरा खाते-खाते धूर्तई पर उतारू है उससे तो ये होना ही था। जब सामने सोने का सपना हो तो धतूरे    

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