पता नहीं दिल्ली की जनता धारकोसवा से परिचित है कि नहीं मुझे नहीं पता लेकिन एक दिल्लीवासी हमारे मित्र बता रहे थे कि बच्चों के मामले मे धरकोसवा की नादानी बड़ी कारगर है। इसीलिए कुछ लोग इसी आधार पर खुद को भुनाने जंतर-मंतर पर लोगों को ताबीज बांटने के लिए अनशन पर बैठ गए थे बाद मे पता चला था कि अनशन का मंत्र उसी बुजुर्ग से उधार लिया था जिसने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध मे खुद के जान की बाजी लगा दी थी । खैर एक धरकोसवा से मैंने पूछा तो उल्टे वो मुझसे ही पूछने लगा "...आपको क्या लगता है ...?" मैंने कहा "...मुझे तो 'आप' आप लगते हैं ..." धरकोसवा गुस्से मे आ गया बोला "...देखिये हम भले ही धरकोसवा हैं लेकिन बड़े-बुजुर्ग की इज्जत करना जानते हैं और कभी जनता को घोखा नहीं देते ..." मैंने सफाई देते हुए कहा "...मैंने तो कभी ऐसा नहीं कहा ..." धरकोसवा कहने लगा "...लेकिन आपने जिससे मेरी तुलना की है उसपर मुझे घोर आपत्ति है ..." मैंने उससे क्षमा मांगते हुए कहा "...अच्छा भाई क्षमा करो मैंने मान लिया कि 'आप' वास्तव मे 'आप' नहीं हो ..." मैंने थोड़ा आश्चर्य से पूछा "...लेकिन तुमको समस्या क्या है ..." धरकोसवा ने कहा "...हम नहीं चाहते कि जैसे अन्ना बाबा की नकल करके उघटापैची किया गया उसी तरह हमारी भी नकल करके को वही सब करे ..." मैंने स्पष्ट करते हुए कहा "...लेकिन ये तो राजनीति है ..." धरकोसवा ने उल्टे मुझसे पूछा"...तो फिर 'आप' के लोगों हमारी नकल करने की क्या जरूरत है ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...इसमे समस्या क्या है फिर ..." धरकोसवा ने कहा "...समस्या है लोग हमको केजरीवाल और न जाने क्या - क्या समझ लेते है ..." मैंने कहा "... इससे तो तुम्हारी इज्जत बढ़ जानी चाहिए ..." धरकोसवा ने कहा "...हम लोग 'आप' की तरह चप्पल पहन कर पलंग नहीं चढ़ते..." मैंने आश्चर्य से पूछा "...क्या मतलब...?" धरकोसवा ने उत्तर देते हुए कहा "...केजरीवाल और उनके 'आप' लोग तो वही बड़ी सफाई से वो करते हैं कि लोग देख के ही शर्मा जाएँ..." मैंने फिर पूछा "...थोड़ा स्पष्ट कीजिये ..." धरकोसवा ने स्पष्ट करते हुए कहा "...कुमार विश्वास जी का चश्मा देखिये 11000 से कम का नहीं है नौकरी छोडने के बाद ये आलम है ...प्रशांत भूषण के बिजली का बिल देख लीजिये, अंजलि दामनिया, शाजिया इल्मी की आपनो के खिलाफ सारे आम नौटंकी, उनके नक्सलियों को देखिये जो उनके आंतरिक लोकपाल मे हैं, खुद केजरीवाल जब नौकरी मे थे तब तक कुछ नहीं किया निकलते ही पता नहीं किस बुर्के से उनको दिव्य शक्तियाँ मिले लगीं और पहले तो अन्ना बाबा का नकल किया अब लोगों की नकल कर रहे हैं लोगों को बेवकूफ़ बनाने के लिए ..." मुझे कुछ कहने मे दिक्कत हो रही थी तो उसी धरकोसवा ने कहा "...देखिये अगर 'आप' का बस चले न भारत को पाकिस्तान बनते बिलकुल देर नहीं लगेगी ..." मैंने उससे पूछा "...लेकिन किसी वकील के ऑफिस मे घुस कर उसे थप्पड़ मारना वो भी सरे आम ...कहाँ तक सही है ...?" धरकोसवा ने उत्तर देते हुए कहा "...आप थप्पड़ की बात न करो जी 'आप' के लोगों को तो सजा ऐसी मिलनी चाहिए कि जूता भी शर्मा जाए खास कर नकलची बंदर बनने पर, कश्मीर के मुद्दे पर हर बार बुर्कानशीं होने पर..." अंत मे धरकोसवा ने कहा "...देखिये हमे भी इज्जत के साथ जीने का हक़ है ...कम से कम केजरीवाल और उनके 'आप' से मेरी तुलना न करें तो बेहतर होगा ..." ये कह के धरकोसवा चला गया ...
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