Wednesday, 9 October 2013

ये जादू है नरेंद्र भाई मोदी का कि नितीश बाबू को दिल्ली को अमेरिका बनाना पड़ा जिससे युद्ध करने के लिए हथियार का उधार ले सकें। हलन कि उनके गोश्त-गुरु कोई-कोई दोस्त-दारू भी कहते हैं, लालू तो जेल मे घोटाला मैनेजमेंट पढ़ा रहे हैं वैसे ये बहुत कम लोगों को पता है उनका पहला चेला नितीश कुमार ही थे शरद यादव को को तो सर्दी हो गई थी तो उन्होने ने आगे चल कर अपना सर्दी जुकाम ठीक करने के लिए बहुत बड़ी मात्रा मे गोरू-बछरू का खरी-खुद्दी खा गए थे लेकिन नेतृत्व नितीश कुमार का ही था। मैनेजमेंट के मामले मे हड़पने की कला के उस्ताद लालू का नितीश छाप करामाती व्यक्तित्व इस मामले मे नितीश से बेहतर है कि उनको पहले ही हड़प कर घोटने कला बढ़िया आती है लेकिन बेचारे नितीश जब लालू जेल मे हैं तो उन्ही के तर्ज पर खुद को छुट्टा सांड घोषित करना ही पड़ेगा सो उन्होने कर दिया। मैंने एक टोपोरी छाप सिक-उल्लर जदयू नेता से पूछा तो कहने लगे "...नितीश सांड नहीं हैं ..." मैंने कहा "...नोबल पुरस्कार की घोषणा तो हो चुकी ..." जदयू नेता ने कहा "...हमे किसी भी चीज का लोभ नहीं हैं ..." मैंने पूछा "...तो फिर राजनीति मे क्या झख मारने आए हैं ..." जदयू नेता ने उत्तर देते हुए कहा "...हम बिहार की सेवा के लिए आए हैं ..." मैंने उनसे पूछा "...सेवा तो जेल मे रह कर बेहतर तरीके से हो सकती है ..." अब जदयू नेता चौंक गए बोले "...आपका क्या मतलब है ..." मैंने आराम से उत्तर देते हुए कहा "...आपके गुरु बाबा तो जेल से ही सेवा कर रहे हैं मैनेजमेंट पढ़ा कर ..." जदयू नेता बोले "...आप क्या बात करते है उनके गुरु तो नितीश कुमार हैं ..." मैंने आश्चर्य दर्शाते हुए हुए कहा "...तब तो मोदी अपने जगह सही हैं ..." जदयू नेता कोंफ्यूज हो गए "...नेरेन्द्र मोदी वो नहीं कर सकते जो वो बिहार मे करना चाहते हैं ..." मैंने भी सोचा चलो अब इनहोने नरेंद्र भाई मोदी का नाम ले ही लिया तो पेंच कसा जाए मैंने पूछा "...कौन रोकेगा उनको ...?" जदयू नेता मुसकुराते हुए बोले "...देख लीजिये यहाँ की जनता ने बुलाया और राष्ट्रपति आने को तैयार हो गए ..." मैंने कहा '..धन्य हो बुद्धिमान टोपोरी नेता अपनी अकल बुर्के मे छिपा के रखते हैं क्या ...?" जदयू नेता ने आश्चर्य से पूछा "...क्या मतलब ...?" मैंने कहा "...बहुत सही किया है बिहार को स्पेशल दर्जा दिलवा के ...दर्जा के साथ-साथ बकलोल युवराज ने आपको अपनी बकलोलई भी उपहार मे दे दिया और आप लोगों ने ले भी लिया ..." अभी भी जदयू नेता का आश्चर्य कम नहीं हुआ था सो उन्होने पूछा "...हमरा को समझ मे नहीं आया ..." मैंने ताना मरते हुए कहा "....अरे बकलोल के चेला जहां अभी कुछ लोग समर्थन मे हैं अगर नरेन्द्रभाई मोदी को तुम लोग रोक लिए तो सारा बिहार ही उनका समर्थक हो जाएगा ...चारा के साथ लगता भैंस का अकाल भी खा गए..." ये सुन के जदयू नेता को तो जैसे साँप सूंघ गया मारे गुस्से मे नितीश को कोसते हुए बोले "...हम कहते थे नितीश बाबू लालू को अपना गुरु मत बनाओ ...लेकिन बुद्धि होगी तब न सुनेंगे ..." मैंने कहा "...नितीश बाबू अभी भी लालू को गुरु मानते हैं ..." वो सोचते हुए थोड़ा भरोसे से उन्होने पूछा "...वो आपको कैसे पता ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...नितीश बाबू को बिहार की जनता जूता और काला झण्डा दिखा रही है ..." जदयू नेता ने हामी  भरते हुए कहा "...हाँ वो तो है ..." मैंने कहा "...लेकिन लालू भले हार गए लेकिन जनता ने उनको कभी जूता नहीं दिखाया और न ही चलाया ..." उन्होने पूछा "...तो ..." मैं थोड़ा गुस्सा दिखते हुए कहा "...क्या तो तो करता है बकलोल.." वो अनुरोध करते हुए बोले "...तो बताईए न ..." मैंने कहा "....जैसे लालू ने आडवाणी को गिरफ्तार किया था उसी तर्ज पर नितीश भी नरेंद्र भाई मोदी को गिरफ्तार करना चाहते हैं ..." जदयू नेता अपना सिर पकड़ कर बैठ गए ....बहुत देर तक बैठे ही रहे .....

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