Sunday, 25 August 2013

कुछ नौजवान भिखारियों का लैपटॉप साल भर में ही ख़राब हो गया तो वे परेशान हो गए उनका बिज़नस सीधे-सीधे प्रभावित होने लगा तो पंहुचे उसे ठीक कराने लेकिन लैपटॉप मिस्त्री ने लैपटॉप ठीक करने से इसलिए इनकार कर रहा था क्योंकि लैपटॉप देखने से ही लग रहा था कि उसका हार्डवेयर हार्ड न रह कर बहुत ज्यादा मुलायम हो गया है जिससे उसपर मिस्त्री का दिमाग अकल-less हो गया वो लिहाजा वो काम ही नहीं कर रहा था। मिस्त्री ने नाराज हो कर मजाक में पूछा "… लैपटॉप से कुश्ती लड़ते हो क्या … ?" भिखारियों ने जवाब दिया "…इसके साथ हम नहीं रास्ते ही कुश्ती लड़ते है …" मिस्त्री ने फिर आश्चर्य से पूछा "…ये कैसे संभव है … " भिखारियों ने जवाब दिया "…उत्तर प्रदेश सरकार ने कृत्रिम सडकें उखड़वा कर प्राकृतिक सड़कें बनवा दीं है …" मिस्त्री ने जवाब दिया "…फिर तो ये लैपटॉप भी कृत्रिम न रह कर अपनी प्राकृतिक अवस्था में लगभग जा ही चुके हैं …" भिखारियों को पता नहीं फिर भी क्यों लगा रहा था कि उनके साथ नाइंसाफी नहीं हुई लिहाजा वो किसी भी तरह अपना लैपटॉप ठीक कराने के मूड में थे। एक भिखारी ने मिस्त्री कहा "…इसे ठीक कराने में कितना खर्चा आएगा …?" मिस्त्री ने कहा "…मुलायम हो चुके हार्डवेयर को ठीक कर पाना तो करीब-करीब नामुमकिन है …" भिखारीयों ने गिडगिडाते हुए मिस्त्री से कहा "…आप किसी भी तरह इसे ठीक करें नहीं तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी …" मिस्त्री भी कोई कम खिलाड़ी नहीं था बोला "…इसे ठीक करने के लिए इसे कंपनी भेजना पड़ेगा …" भिखारियों ने पूछा "…कितना समय लगेगा …?" मिस्त्री बोला "… कम से कम तीन महीना तो लग ही जाएगा …" भिखारियों को लगा कि ये बहुत ज्यादा समय है फिर उन्होंने मिन्नत करते हुए मिस्त्री से पूछा "…थोड़ा जल्दी नहीं हो पाएगा …" मिस्त्री ने कड़े हो कर जवाब दिया "…टोपोरी छाप सेकुलर पॉलिटिक्स समझ रखा है क्या जब चाहो धडाक से समर्थन दे दो - जब चाहो धडाक से समर्थन वापस ले लो …लैपटॉप है कोई बच्चों का खेल नहीं …" भिखारी बेचारे शांत हो गए फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मिस्त्री से पूछा "…वैसे कितना खर्चा आएगा…?" मिस्त्री ने जवाब दिया "…एक लैपटॉप की बनवाई पड़ेगी करीब 12 हजार रूपए …" भिखारियों के तो होश ही उड़ गए बनवाई सुन के, उन्होंने कहा "…ये तो बहुत ज्यादा है …" मिस्त्री ने जवाब देते हुए कहा "…कीमत डॉलर के हिसाब से रूपए में है… वैसे असल खर्चा तो 4 हजार ही है…" भिखारियों ने मन मार के अपनी सहमति देते हुए जिज्ञासावश पूछा "…बनवाई डॉलर के हिसाब से क्यों…?" मिस्त्री ने उत्तर देते हुए कहा "…कंपनी अमेरिका की है इसलिए…" उसमे से ज्यादातर भिखारी पढ़े-लिखे थे एक ने मिस्त्री से पूछा "…इसका डेटा गायब तो नहीं होगा…?" मिस्त्री ने कहा "…क्यों डेटा गायब भी हो जाए तो तुम लोगों को क्या फर्क पड़ता है …" भिखारी ने कहा "…हम भिखारी भले हैं लेकिन पूरा डेटा भी रखते हैं चाहे वो आय से कम संपत्ति हो या आय से ज्यादा …!" मिस्त्री ये सुन कर बहुत प्रभावित हुआ लेकिन जिज्ञासावश पूछा "…कोई भी फाइल डिलीट मतलब गायब नहीं करते …?" भिखारियों ने शान से एक सुर में कहा "…आप लैपटॉप ठीक करवाकर एक - एक डेटा चेक कर सकते हैं …" ये सुन कर शायद किसी टूटती उम्मीदों के कारण मिस्त्री बहुत भावुक हो गया था …मेरे भी आखों से आंसू आखिर छलक ही पड़े। 

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