शोर सबसे अधिक चोर ही मचाते हैं ठीक उसी तरह जिस तरह समय-समय पर दिग्विजय सिंह शोर मचाते रहते हैं। इसके पीछे उन चोरों की क्या मानसिकता रहती है ये हर किसी को पता है कि कोई उनपर शक न करे और ध्यान भटकाया जा सके। अभी बहुत दिन नहीं बीते छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले के एक सप्ताह बाद ही दिग्विजय सिंह ने अपनी जाँच रिपोर्ट जारी करते हुए धमतरी के भरी सभा में हमले के पीछे भाजपा को दोषी ठहराने का प्रयास किया था। जब एनआईए की रिपोर्ट उस हमले के पीछे कांग्रेसी ही निकले थे। याद कीजिये उसके करीब 1 महीने के बाद दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था कि आरएसएस बम बनाना सिखाती है उसके बाद उनका बयान कि बीजेपी दंगे करवाना चाहती है और आश्चर्यजनक रूप से पहले मेरठ में फिर कुछ दिनों बाद ईद के दिन जम्मू के किश्तवाड़ में हिन्दू विरोधी दंगे भड़क उठते हैं। क्या आपको "चोर का शोर" सुनाई दे रहा है ? क्या ये आश्चर्यजनक नहीं है कि बकलोल युवराज सहित अन्य टोपोरी छाप सेकुलर भयानक रूप से शांत हैं मेरठ और किश्तवाड़ दंगों पर ?? ऐसा ही ध्यान भटकाऊ शोर दिग्विजय सिंह ने 26/11 के बाद वीरगति प्राप्त पुलिस ऑफिसर हेमंत करकरे के सन्दर्भ में भी मचाया था। बटाला हाउस मुठभेंड़ पर भी दिग्विजय सिंह ने भयानक शोर मचाया था अन्य और भी ऐसे ही कांड हैं जिन पर दिग्विजय सिंह चोर की भांति शोर मचाते रहे हैं। उनका इंटेलिजेंस मोसाद और सीआईए से भी तेज काम करता है जो आधिकारिक जांच रिपोर्ट से भी काफी पहले आ जाती है। अभी हाल ही में बोधगया सीरियल एलपीजी गैस ब्लास्ट पर भी उनकी रिपोर्ट जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से काफी पहले आ गयी और उन्होंने घोषित कर डाला कि उसमे गुजरात का हाथ है। उसकी आधिकारिक जाँच का हस्र हुआ किसी को पता नहीं। वैसे भी वो आश्चर्यजनक रूप से सभी कांडों पर वो शोर नहीं मचाते जैसे उन्होंने कभी भी शोर मचाते हुए नहीं कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को ट्रेनिंग आरएसएस दे रही है, वहां पर चल रहे बम विस्फोटों के पीछे भी आरएसएस का हाथ है, मिस्र में बड़े पैमाने पर वहां की जनता इस्लाम के ही खिलाफ होती जा रही है उसके पीछे भी आरएसएस और बीजेपी का हाथ है, पाकिस्तान द्वारा सीमा पर किये जा रहे युद्धविराम का बार-बार उल्लंघन के पीछे आरएसएस का हाथ है या चीन की बेहूदगी के पीछे भी उन्हें आरएसएस का हाथ नहीं दिखता। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से लगभग हर हिन्दू विरोधी दंगों के पीछे महीनो पहले उन्हें वो जानकारी पता नहीं किस दिव्य ज्ञान से मिल जाती है जिसकी भनक आईबी और एलआईयू को भी नहीं लगती। ये बहुत गम्भ्रीर विषय है इसकी न्यायिक जाँच होनी चाहिए कि वो हर दंगों या विस्फोट से पहले चोरों की तरह शोर क्यों मचाना शुरू कर देते हैं ?? क्या शोर से उनकी ये मंशा नहीं जाहिर नहीं होती कि किसी भी प्रकार से चाहते हैं कि लोग दंगों के पीछे की सच्चाई न जान सकें जैसा कि किश्तवाड़ दंगों के सन्दर्भ में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है जिसकी भूमिका वो महीनो पहले से बनाते चले आ रहे थे ! वैसे भी जब कभी इनके भौकने का शोर सुनाई देने लगे तब समझ लीजिये कि जल्दी ही जरूर कोई न कोई भयानक दंगा या हिन्दू विरोधी कांड होने वाला है और जांच एजेंसियों को इनके और इनकी पार्टी के खिलाफ जाँच शुरू कर देनी चाहिए। मेरा पूरा विश्वास है चौंकाने वाले तथ्य जाँच एजेंसियों को मिलेंगे …
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