कांग्रेस के सन्दर्भ में ही कांग्रेस की इटैलियन सरोगेट मदर ने निलंबित आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल का पक्ष लेते हुए दुर्दांत अंडरएचीवर अर्थशास्त्री को पत्र लिखा है जो सबको पता है। क्या लिखा है पता नहीं लेकिन लिखा है जरूर। आखों पर पट्टी बांध कर हाथी को छू कर उसे को परिभाषित करने वाले खांटी भाई कांग्रेसियों ने धर्मनिरपेक्षता का बुर्का मुलायम सिंह यादव एंड कंपनी से छीनने की पूरी - पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इटैलियन सरोगेट मदर के बिना ऐसा करना यदि संभव हो जाए तो क़यामत नहीं आ जाएगी ? लिहाजा दुर्दांत अंडरएचीवर अर्थशास्त्री को पीछे से गुदराना बहुत जरूरी था। दुर्दांत अंडरएचिएवर अर्थशास्त्री के पास अगर इतनी बुद्धि और संवेदनशीलता होती तो विश्वास कीजिये तीन चौथाई खांटी भाई कांग्रेसी लोग मय मुलायम सिंह एंड कंपनी निश्चित रूप से जेल में होते। खैर ये तो यूपी की राजनीति ऐसी है कि कुछ कहने या लिखने का भी मन नहीं करता लेकिन फिर भी लोग बताते हैं दुर्गा शक्ति के निलंबन से एक तीर से दो निशाने साधे गए। नरेन्द्र भाटी साहब को प्रियदर्शिनी बना के सामने खड़ा कर दिया गया है और भीतर से बुर्का - बुर्काव्वल का गन्दा खेल चल रहा है। मामला तो सीधा सा यही है कि रघुराज प्रताप सिंह को तोते ने क्लीन चिट दे दी वो रमजान के महीने में तो दिवंगत डीएसपी जियाउल हक विधवा जिनको अपने दिवंगत पति की कीमत लगाने और उसे इनकैश कराने की ही फिकर हमेशा से रही है, ने जब नाराजगी का नाटक खेला है तो उसपर कुछ न कुछ तो करना ही था। आखिर धर्मनिरपेक्षता का बुर्का ही खतरे में पड़ गया था। खनन माफियागिरी का मुद्दा उठा कर एक तरह से मुलायम सिंह एंड कंपनी खुद को कांग्रेसी बुर्के में ही दिखाना चाहती है लेकिन इटैलियन सरोगेट मदर को ये बर्दाश्त नहीं लिहाजा उन्होंने ने अपने दुर्दांत अंडरएचीवर अर्थशास्त्री को ही लहका दिया। लेकिन मजा देखिये मुलायम सिंह के लोग भी भी कम नहीं हैं तोता को काबू में करके इटैलियन सरोगेट मदर के पीछे खेमका जी का डंडा लेकर पड़ गए। पता नहीं केजरीवाल किस कोने में बैठ स्टील के गिलास में कांग्रेस का दूध पी कर पहलवानी की प्रेक्टिस कर रहे हैं। कोई मुझे बता रहा था कि दरअसल उनके काग्रेसी दूध के गिलास में एक साथ कई मक्खियां पड़ गईं तो वो कांग्रेसी दूध की सफाई झाड़ू से कर रहे थे। खैर इस उघटापैंची और बुर्का-बुर्काव्वल के छीना-झपटी के खेल को बहुत दूर तक कैसे लेकर जाया जाए इसकी चिंता जितनी कांग्रेस को है उससे कही ज्यादा चिंता मुलायम सिंह एंड कंपनी को है क्यों कि उनकी दृष्टि में मीडिया वाले अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं बार-बार यूपी में बीजेपी को नंबर एक पर दिखा दे रहे हैं। इसी बीच उनके ही लोग जब दुर्गा शक्ति नागपाल के मुद्दे पर अपने मुँह अपना अंगूठा डालते दिखे तो तो खुद मुलायम सिंह को अपना स्टैंड लेना ही पड़ा इससे क्या फर्क पड़ता है कि इटैलियन सरोगेट मदर अपने दुर्दांत अंडरएचीवर अर्थशास्त्री को लहकाती हैं या खुद उनका बेटा हिंडन नदी में डुबकी लगाने इसलिए इनकार कर दे कि वो बहुत मनहूस क्षेत्र है।
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