Thursday, 4 July 2013

नरेन्द्र भाई मोदी से जो टकराया

नरेन्द्र भाई मोदी से जो टकराया नष्ट हो गया ठीक वैसे ही जैसे सिकंदर नष्ट हो कर चुकंदर बन गया तो अपनी बेटी को चन्द्रगुप्त मौर्य को सौंप कर गया। पूरी की पूरी खांटी कांग्रेस यही गलती कर के झूठा इतिहास लिखने का छिछोर प्रयास कर रही है। नूरजहाँ के नाम पर शाहजहाँ ने तेजोमहालय हड़प लिया जिसे ताजमहल के फर्जी नाम से जाना जाता है ताजमहल का उल्लेख मुग़ल इतिहास में कहीं भी नहीं मिलता ठीक वैसे ही एक चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ के नाम पर हमारे खांटी भाई कांग्रेसी फिर से शाहजहाँ बनने की कोशिश  कर रहे हैं। अब उनको कोई कैसे समझाए कि असली इतिहास और नकली इतिहास में काफी फर्क होता है  चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ अब मर चुकी है उसके लिए कोई तेजोमहालय खाली नहीं है जिसे उसके नाम पर उसे हड़प कर शाहजहाँ की उपाधि पर कब्ज़ा किया जा सके। इसी खुन्नस में बेचारे पता नहीं कहाँ-कहाँ उटपटांग हरकतें करते फिर रहे हैं। खांटी भाई लोगों को शाहजहाँ बनने इतना फितूर सवार है कि एक चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ को नूरजहाँ जैसा ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। सब जगह से हार गए तो चिरकुटजहाँ बम से चले हैं भौकाल खड़ा करने। यही  चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ वाला बम जब अपनी असली औकात में आया तो बन गए भीगी बिल्ली वैसे भी चिरकुटजहाँ  बम की असली औकात तो बहुत पहले ही पता चल चुकी थी लेकिन  बाद में उसे बदल दिया गया। क्या करियेगा जब इंस्पिरेशन बकलोल से लिया जा रहा हो तो ऐसा ही होता है। लेकिन बात वहीं आकर फंस जाती है कि जब सब कुछ इनके माफिक नहीं होता तो ये लोग उसी डकैती पर उतारू हो जाते हैं जैसा शाहजहाँ और इस देश के नकली और मूर्ख इतिहास्यकारों ने नेहरू के नेतृत्व में किया था ये ठीक वैसा ही था जैसा कि आज दिख रहा है मामला इंस्पिरेशन का ही है। ये बहुत बड़ी सच्चाई है कि  चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ को नूरजहाँ बना कर शाहजहाँ नहीं बना जा सकता लेकिन पता नहीं किस इटैलियन दिमाग से ये खांटी भाई कांग्रेसी लोग बार-बार  चोखा बनाने के लिए गोईठा में बैगन डाल रहे और और पूरा का पूरा बैगन बार-बार फुंका जा रहा है। खांटी भाई लोगों को किसी इटैलियन दिमाग के बकलोल ने समझाया कि ये सब नरेन्द्र भाई मोदी का जादू है कि सब कुछ आग के हवाले भस्म होने के कगार पर है और चोखा है कि बनने का नाम ही नहीं ले रहा है। जब दिमाग नाम के चीज होगी तब तो ठिकाने आएगी।  चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ के नाम पर गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य तेजोमहालयों पर कब्ज़ा करना संभव ही नहीं है शाहजहाँ का समय और था आज का समय और है। एक खांटी भाई तो उल्टा लटक कर मोदी जी के खिलाफ हो गए पता चला कि जिसके सहारे वो लटके हैं वो सहारा ही नरेन्द्र भाई मोदी के हाथ में है पूरी की पूरी हस्ती ही बेचारे की  चिरकुटजहाँ  इशरतजहाँ की भेंट चढ़ गयी। बेचारे गली-गली घूम रहे हैं चादर-चढ़ावा ले कर कि कोई तो मिले जिसके नाम पर नकली इतिहास लिख कर शाहजहाँ बन सकें लेकिन यकीन मानिये ये सब करना उन खांटी भाईयों के लिए मजबूरी बन चुकी है इसलिए नहीं कि वो लोग खांटी भाई कांग्रेसी हैं बल्कि इसलिए कि ऐसा बहुत कम होता है कि इनकाउंटर का तर्जुमा गलत हो। इसीलिए ट्यूब ब्लास्ट के बाद टोनी ब्लेयर ने कहा था "मै सिर्फ शक होने पर खोपड़ी में गोली मार दूंगा" उन्होंने वैसा ही किया। नतीजा सबके सामने है फिर कोई वारदात नहीं हुई। खांटी भाई कांग्रेसी लोगों का यही रवैया रहा तो वो दिन दूर नहीं जब इन लोगों को "बकलोलजहाँ" के नाम की उपाधि से नवाज दिया जाएगा।

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