Thursday, 25 July 2013

ऐसे कुत्ते को

ऐसे कुत्ते को क्या कहा जाए जो नरेन्द्र भाई मोदी के कार के नीचे आ कर आत्महत्या करने को आतुर हो किसको दोष देंगे लेकिन ये तो अपना फर्ज ही है कि दुःख होता है  लेकिन दुःख से जिन्दगी नहीं चलती। कहते है तिलचट्टे की मौत आती है तो वो उड़ने लगता है भ्रष्ट खटारा कांग्रेस की दिग्गी में उड़ने वाले तिलचट्टों को ही पनाह मिलती रहती है। पनाह पाने वालों तिलचट्टों को भी वही गन्दगी बड़ी रास आती है जब उल्टा लोटे से पानी पीने वाले पानी पी हुआँ-हुआँ की भयानक आवाज सिर्फ इसलिए निकालते हैं कि दुर्गन्ध के साथ ध्वनि के प्रभाव को भी मिश्रित किया जा सके। वैसे भी भ्रष्ट खटारा कांग्रेस से धुआं के बजाय हुआँ-हुआँ ही अधिक निकाल रहा है। कुछ लोग जब आपत्ति करते हैं तो खटारा कांग्रेस के दिग्गी से भयानक बास छोड़ दिया जाता है लोग तो अपनी नाक तो बंद कर लेते हैं लेकिन तिलचट्टे खुश हो जाते हैं चलो कोई तो है जहाँ पनाह मिल सकती है। लेकिन हद तो तब हो जाती है जब इसी भयानक दुर्गन्ध से नाक से खून निकलने लगता है। मैंने इस पर खांटी भाई कांग्रेसी से पूछा तो कहने लगे "…लोगों को बुर्का पहन कर आना चाहिए …" मैंने कहा "… जैसाकि आप हमेशा करते रहते है … " खांटी भाई ने कहा "… सवाल ये है लोगों को बुरी चीज़ दिखनी नहीं चाहिए … " मैंने आश्चर्य से पूछा "… बुरी चीज बुर्के में छिप तो जाएगी लेकिन लेकिन दिग्गी की भयानक बदबू …" खांटी भाई बोले "…लगता है आपको मोबाइल में कॉल डाइवर्ट करना नहीं आता …" मैंने कहा "… आपके बकलोल बबुआ यही सब हाई टेक उघटापैंची सीखने हमेशा के लिए विदेश के दौरे पर रहते हैं …" खांटी भाई बोले "…आपको उनके बारे में नहीं पता …" मैंने कहा "…अब पता चल गया है कि उनके क्लास लेने के बाद उनके इशारे पर कुत्ते भी बैक गियर में दौड़ने लगते हैं…." खांटी भाई को मेरा उत्तर थोड़ा नागवार गुजरा कहा "…वो बैक गियर नहीं होता … " मैंने पूछा "…फिर …" खांटी भाई बोले "… उनकी क्षमता बढ़ जाती है … " मैंने कहा "…भयानक दुर्गन्ध छोड़ कर तिलचट्टे पकड़ने की बड़ी नायब टेक्नोलाजी … इटली की है क्या …" खांटी भाई थोड़ा भड़क गए बोले "…आप लोग हर चीज़ में इटली क्यों दिखाई देता है … ?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "…आपकी भ्रष्ट खटारा कांग्रेसी ब्रिटिश गाड़ी को भी दौडाने के लिए बहुत जबरदस्त लल्लनटॉप एक्सपर्ट की जरूरत होती है …वैसे भी रेसर करों के लिए इटली मशहूर है … " खांटी भाई बोले "…इससे क्या साबित होता है … ?" मैंने कहा "…वही चाहे जैसे भी हो बास मार के तिलचट्टों को इकठ्ठा करो …" खांटी भाई बोले "…आप लोगों को हर चीज में नुक्ताचीनी करते की आदत है … " मैंने कहा "…आपकी भ्रष्ट खटारा ब्रिटिश कांग्रेसी गाड़ी के में दिग्गी के नुक्ते को …" खांटी भाई बीच में ही बात काटते हुए बोले "…आप लोग जिस चीज की उम्मीद करते हैं वो होने वाला नहीं है …" मैंने कहा "…क्यों आपके बकलोल बबुआ उसी दिग्गी में बैठ कर तिलचट्टों को भी ट्रेनिंग देंगे क्या …?" खांटी भाई कपार खाजुआने लगे कुछ बोले नहीं …मैंने भूलवश बिना नमस्कार किये विदा लिया …       

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