Monday, 15 July 2013

कुत्ता रोची

नरेन्द्र भाई मोदी के कार के नीचे आखिरकार कुत्ता (रोची) आ ही गया सभी लोग सोच रहे थे कि पिल्ला आएगा लेकिन 74 का बूढ़ा कुत्ता आ गया लेकिन मजा देखिये वो कार के नीचे तो आया जरूर लेकिन बेचारे की मौत नीचे आते ही उसका हार्ट अटैक हो गया बेचारा कुत्ता(रोची) आदमी की मौत मरा । वो ऐसा धोबी का कुत्ता था जो घाट का तो नहीं हुआ लेकिन 10 जनपथ (घर) का जरूर हो गया था, बड़े इत्मीनान से उस कुत्तारोची को सरकारी मेहमान बना के मोटी-मोती हड्डियाँ खिलाईं जाती थीं लोग भूख से मरते रहे लेकिन उस कुत्ते के हूक के आगे बड़े - बड़े लोग भी खांटी आलाकमान के आदेश पर अपने ही तन की हड्डियाँ निकाल के उसके सामने डालने को मजबूर हो जाते थे। बड़े - बड़े पहलवानों को लगाया गया उस कुत्ते के पेट से चबाई गयी हड्डियों को निकलवाने के लिए लेकिन वो बेचारे पहलवान के लगोंटियों की डोर उस कुत्ते के रखवालों के हाथ में थीं लिहाजा इज्जत का खतरा अलग से था इसीलिये वो कुत्ता अपने घर में नकली शेर बना फिरता था लेकिन जब जब नरेन्द्र भाई की चेतावनी आई और जैसी ही कार के नीचे आया बेचारे का दिल हमेशा के लिए बैठ गया। वैसे तो "क" का महत्व कभी कम नहीं था लेकिन आजकल कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण हो गया है क से कुत्ता, क से कमीशन, क से कोयला, क से काला धन, क से कामन वेल्थ यानी जितने लोग उस गैंग में थे सबकी हिस्सेदारी, क से कनीमोझी, कलमाड़ी, इन सबसे क से कलंक और भी बहुतकुछ लेकिन सवाल उठता है क्या ये सभी क वाले मोदी के कार के नीचे कुत्ते की मौत मरेंगे या आने से पहले ही कुत्ता(रोची) की तरह हार्ट अटैक हो जाएगा? वैसे गुजरात में तो क से एक एक पार्टी मोदी की कार के नीचे आ कर इतिहास बन ही चुकी है। मैंने कुत्ता(रोची) की मौत पर एक खांटी भाई कांग्रेसी से पूछा तो कहने लगे "...आप लोग बेवजह इसे तूल दे रहे हैं ..." मैंने खांटी भाई से फिर पूछा "...कहीं ऐसा तो नहीं उस कुत्ता(रोची) को नरेन्द्र मोदी के सन्देश का अंतिम तार भेज दिया गया था ...?" खांटी भाई ने उलटे मुझसे ही सवाल कर दिया "...भारत से उसे क्यों तार भेजा जाएगा ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...नहीं मैंने तो ऐसे ही ...वैसे कुत्ता(रोची) भाई आप लोगों के बड़े ही घरेलू थे ..." खांटी भाई बोले "...ऐसा कुछ नहीं है ..." मैंने कहा "...ऐसा कुछ नहीं है तो बयान के तुरंत बाद उसे हार्ट अटैक क्यों हो गया ...?" खांटी भाई बोले "...ये एक संयोग भी तो हो सकता है ..." मैंने कहा "...भी तो हो सकता है न पता नहीं है या नहीं ..."खांटी भाई बोले "...आप लोग बेवजह बात का बतंगड़ बनाते हैं ..." मैंने खांटी भाई से कहा "...आपके आलाकमानो की पतंगड़ी भी कम नहीं ...जब ऐसा है बतंगड़ बनना तो जरूरी हो जाता है और बनना भी चाहिए ..." खांटी भाई बोले "...देखिये वो मामला ख़त्म हो गया है अब तो उनकी मौत भी हो चुकी है ..." मैंने आश्चर्य से पूछा "...कुत्ता (रोची) के लिए इतना सम्मान जैसे कुत्ता (रोची) न हुआ हाफिज साहब और लादेन जी हो गया ..." खांटी भाई कुछ बोले नहीं .....

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