मामू अपने बकरे के साथ हाथ में तोते मय पिजरा लिए कुतुबमीनार पर चढ़ कर लगे गवनई करने "...आज मै ऊपर आसमां नीचे ...आज मै आगे जनाना है पीछे ..." मजे की बात ये कि पिंजरे में बंद तोता भी उनके गाने को दोहरा रहा था। उनको देख कर न जाने कितने ही खांटी भाई कांग्रेसी कबूतर उड़ाने की तैयारी करने में जुट गए हैं मैंने एक खांटी भाई से पूछा तो कहने लगे "...खुशी में कोई उल्लू थोड़े ही उड़ाता है ..." मैंने कहा "...हाँ उल्लू उडाएँगे बड़ी समस्या ये है कि एक तो देखेगा कौन दूसरे उसी रूप आपके नजर में बहुत बड़ी पूंजी भी है कहीं उड़ गया तो ..." खांटी भाई गुस्से में आ गए और डांटने के अंदाज में पूछा "...आपका मतलब क्या है ..." मैंने उन्हें शांत करते हुए कहा "...आप गुस्सा क्यों होते हैं अरे भाई उल्लू ही लक्ष्मीजी की सवारी है ..." शायद उनका गुस्सा फिर भी शांत नहीं हुआ उन्होंने फिर पूछा "...आप साफ-साफ कहिये ..?" मैंने भी तैश में साफ करते हुए कहा "...उल्लू नहीं रहेगा तो लक्ष्मी कैसे आएंगी ...बात साफ़ है!" खांटी भाई ने कहा "...हाँ वो बात तो है इसीलिए हम शांतिप्रिय लोग हैं ..." मैंने उपेक्षा के लहजे में कहा "...वो तो ठीक है लेकिन मामू गाने में गा रहे थे जनाना है पीछे ...इसका मतलब ..." खांटी भाई बोले "...वो उनकी पर्सनल लाइकिंग है ..." मैंने चुटकी लेते हुए कहा "...मुझे लगा कि आपकी प्रेसीडेंट मैडम ..." खांटी भाई भड़क कर बीच में ही बात काटते हुए बोले "....हमारी प्रेसीडेंट मैडम से ऊपर कोई नहीं हो सकता ..." मैंने कहा "...लेकिन तोते का पिंजरा और बकरा दोनों उनके हाथ में है फिर ये आप लोगों का 50% आरक्षण...?" खांटी भाई ने उत्तर देते हुए कहा "...ये सब तो हमारी प्रेसीडेंट मैडम की ही मेहबानी से है ..." मैंने उनसे सवाल करते हुए पूछा "....बड़ा अजीब संयोग है कि इधर मामू अपने बकरे और पिंजरे के साथ गाना गाते हैं और उधर मुंबई में नोट भरे ट्रक बरामद होते हैं ..." इसपर खांटी भाई भड़क गए और बोले "...आप लोगों को शक करने की बीमारी हो गयी है ..." मैंने उन्हें शांत करते हुए कहा "...नहीं मैंने तो ऐसे ही कहा था क्योंकि उनको रेलगाडी से ही भेजा जाना था ..." खांटी भाई बोले "...इसका उनसे कोई लेना देना नहीं है ..." मैंने कहा "...क्यों आपके सीबीआई की जांच-रिपोर्ट आ गयी क्या ..." खांटी भाई ने कोई उत्तर नहीं दिया तो मैंने फिर उनसे पूछा "...खैर छोड़िये ...मामू पिंजरे में बंद तोते को हरी मिर्ची खिलते हैं या लाल ..." खांटी भाई से रहा नहीं गया उन्होंने उलटे मुझे ही डांटते हुए कहा "...क्या फालतू सवाल है आपको कुछ अच्छी बातें करनी नहीं आती क्या ...?" मैंने भी उन्हें उसी टोन में उत्तर देते हुए कहा "...जब आप लोग मिर्ची के रस में डमरू डूबा के वोट बैंक का नंगा नाच करेंगे तो ऐसे सवाल तो उठेंगे ही ..." खांटी भाई मुझे समझाते हुए बोले "...देखिये आप समझा कीजिये राजनीति में ये सब चलता है ..." मैंने कहा "...हाँ ये सब तो आप लोगों की पुश्तैनी विरासत है ..." खांटी भाई पलट कर पूछा "...आपका मतलब क्या है ..." मैंने स्पष्ट करते हुए कहा "....आपका उल्लू लक्ष्मी जी की सवारी करने के पूरी दुनियां में उड़ान भरता है ..." खांटी भाई को गुस्सा आ गया बोले "...आपका मतलब क्या है ..." मैंने कहा "...मेरा मतलब ठीक वही है जो आपके समझ में आ रहा है ..." खांटी भाई ने सफाई देते हुए कहा "... इसका कोई प्रमाण आपके पास है ..." मैंने कहा तोते को मुक्त कीजिये फिर देखिये तोता आप लोगों के मुँह में कैसे मिर्ची ठूंसता है ..." खांटी भाई कांग्रेसी चुप हो गए ....मैंने भी उनसे विदा लिया .....
No comments:
Post a Comment