Sunday, 9 June 2013

नरेन्द्र भाई मोदी भाजपा के चुनाव समिति के अध्यक्ष चुन लिए गए सारे देश में हार्दिक प्रसन्नता की लहर है लेकिन बन्दर की पूंछ पकड़ कर लटक कर दुनियां देखने वालों को दूसरों पर इसलिए बहुत हंसी आती है क्योंकि वो समझते हैं और लोग भी यदि उनके जैसा नहीं कर रहे हैं तो मूर्ख हैं वैसे तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है "जाकी रही भावना जैसी, हरि मूरत देखी तिन तैसी" जाहिर है भाजपा विरोधी भाजपा को भी अपनी ही नजर से देखेंगे और दूसरों को मूर्ख कहेंगे कह भी रहे हैं। बड़ी चिंता हो रही है कांग्रेस को दूसरे बुजुर्गों की तो मैंने सीताराम केसरी का हवाला देते हुए एक खांटी कांग्रेसी से पूछा तो कहने लगे "...कांग्रेस में बुजुर्गवाद नहीं चलता है ..." मैंने पूछा "...तो क्या चलता है ...?" वो बोले "...हमारे यहाँ वही होता है लोकतान्त्रिक तरीके पर हाई कमांड का आदेश होता है ..." खैर मेरे पास बुजुर्गवाद पर और कुछ पूछने के लिए नहीं था सो मुझे उनसे विदा लेना ही बेहतर लगा। अचानक आज दुसरे दिन एक खांटी कांग्रेसी किसी मीडियाबम के साथ मुझसे मिलने आ धमके। मैंने हाल - चाल पूछा तो कोई ख़ास उत्तर नहीं दिया। खैर उन्होंने चाय पीते ही मुझसे ही इंटरव्यू करना शुरू कर दिया उन्होंने मुझसे पूछा "...आप कट्टर मोदी समर्थक हैं बताईये मोदी का ये तरीका कहाँ तक ठीक है ...?" मैंने उत्तर देते हुए सवाल दागा "...तो उनको कांग्रेस से प्रेरणा लेनी चाहिए ...?" वो बोले "...बुजुर्ग बुजुर्ग होता है ..." मैंने बीच में ही बात कटते हुए कहा "...मैंने या मोदी जी ने कब कहा कि बुजुर्ग बुजुर्ग  नहीं होता वैसे उनका समर्थन और आशीर्वाद तो मिला ही है ..." खांटी कांग्रेसी ने पूछा "...भाजपा में बुजुर्गों का सम्मान क्यों नहीं होता ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा " इंदिरा गांधी के समय में नीलम संजीव रेड्डी, नारायण दत्त तिवारी, सुरजेवाला को जैसा अप्सरा सम्मान, अभी हाल ही जो सम्मान विद्या चरण शुक्ल,  ...ऐसा सम्मान तो भाजपा में वाकई नहीं दिया जाता ..." इस पर खांटी साहब चुप हो गए तो मीडियाबम ने मोर्चा संभालते हुए पूछा  "...अच्छा आप बताईये कि मोदी में ऐसा क्या है कि आप लोग आँख मूँद कर समर्थन करते हैं ...?" मैंने  उत्तर देते हुए कहा "...आपके प्रश्न में ही मेरा उत्तर है ...मोदी के अन्दर ऑंखें खोल देने की क्षमता ...लेकिन कांग्रेस को तो अंधसमर्थक ही चाहिए ..." मडियाबम ने फिर सवाल दागा "...वो तो सेकुलर नेता नहीं हैं ..." मैंने उलटे उन्ही से सवाल किया "...ये दिव्य ज्ञान आपको कहाँ से मिला ...?" वो बड़ी देर तक चुप रहे फिर बोले "...उनका विकास गुजरात माडल खोखला है ...!" मैंने कहा "...मैंने तो किसी माडल का नाम नहीं लिया गुजरात के विकास के मॉडलिंग तो आप ही लोग कर रहे हैं ..." वो थोडा उखड़ते हुए बोले "...उनके आने से एंडीए टूट नहीं जाएगा ..." मैंने उत्तर देते हुए कहा "...थरिया पीटने से भूख मिटती हो बताईये ..." मीडियाबम बोले "...मै समझा नहीं ..." मैंने उनको समझाते हुए कहा "...भूख का न लगना बहुत खतरनाक बीमारी है जिसका इलाज होना जरूरी है ..." मीडियाबम बोले "...मोदी के पास इसका इलाज है ...?" मैंने उनको समझाते हुए कहा "...भाई भारत की लाज तो भ्रष्टाचार और अतिक्रमण से चली गयी ...इलाज के लिए ही मोदी जी का आना जरूरी है ..." मीडियाबम ने फिर से सवाल पूछने की कोशिश की "...आपने बताया नहीं कि मोदी के पास इसका इलाज है या नहीं ..." मैंने कहा "...रामदेव बाबा मोदी जी का खुल के समर्थन कर रहे हैं इसका जवाब वो बेहतर दे सकते हैं ..." तभी रामदेव का नाम सुनते ही खांटी साहब भड़क गए कहने लगे "...उनके खिलाफ सीबीआई जाँच चल रही है ..." मैंने कहा तो चलाईये सीबीआई की जाँच उनके खिलाफ क्या फर्क पड़ता है हाथी को बेहया के सटहे से चोट नहीं लगती ...अच्छा नमस्कार ...वो लोग चले गए ....         

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